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अहमदाबाद - एक उभरते शहर की कहानी

गुजरात राज्‍य का एक ऐसा शहर जो हमेशा से ही विरोधाभासी रहा है, जहां एक ओर गुजराती लोग, सारी दुनिया में मास्‍टर बिजनेसमैन के नाम से जाने जाते है वहीं इसी शहर में ही गांधी जी ने सत्‍याग्रह और अंहिंसा का पाठ पढ़ाया था। एक तरफ भौतिकवादी दृष्टिकोण है और दूसरी तरफ आत्‍म - त्‍याग की आध्‍यात्मिकता है।

अहमदाबाद तस्वीरें, कंकरिया  झील - नौकाविहार
Image source: commons.wikimedia
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कई विविधताओं के साथ अहमदाबाद, भारतीय संस्‍कृति का अच्‍छी तरह प्रतिनिधित्‍व करता है और यह भारत का सातवां सबसे बड़ा महानगर है। अहमदाबाद को भारत में सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाले शहरों में से एक माना जाता है।

अहमदाबाद की पृष्‍ठभूमि कहानी

अहमदाबाद, गुजरात की आर्थिक राजधानी है। यह गांधीनगर के उत्‍तर में 32 किमी. की दूरी पर, साबरमती नदी के तट पर स्थित है। अहमदाबाद को पूर्व समय में कर्णवती के नाम से जाना जाता था, क्‍योंकि उस काल में इसके शासक का नाम सोलंकी राजा कर्णदेव प्रथम थे। लेकिन बाद में इस शहर पर सुल्‍तान अहमद शाह ने हमला किया और अपने कब्‍जे में कर लिया, तबसे इसका नाम अहमदाबाद रख दिया गया और अब लोग इसे अहमदाबाद के नाम से जानते है।

अहमदाबाद की पहले की छवि

महमूद बेगड़ा, सुल्‍तान अहमद के पोते ने शहर की सुरक्षा को मजबूत करने के लिहाज से 10 किमी. की परिधि में एक दीवार का निर्माण करवाया, जिसमें कुल 12 दरवाजे, 189 गढ़ और 6000 बैटलमेंट्स थे। इन सभी 12 दरवाजों में अद्भुत नक्‍काशी और कैलीग्राफी बनी हुई है। इन सभी फाटकों में बालकनी भी है। मुगल शासनकाल के दौरान, अहमदाबाद पर सम्राट अकबर ने जीता था लेकिन मुगल अपनी छाप, शाहजहां में छोड़ ही गए। शाही बाग के मोती शाही महल को उनके द्वारा प्रायोजित किया गया था।

शहर में गांधी जी का प्रभाव

अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान, इस शहर को महात्‍मा गांधी के द्वारा चलाएं जाने वाले भारतीय स्‍वतंत्रता आंदोलन से काफी प्रसिद्धि प्राप्‍त हुई। गांधी जी ने यहां दो आश्रम स्‍थापित किए - सत्‍याग्रह आश्रम को साबरमती आश्रम के नाम से जाना जाता है जो साबरमती नदी के तट पर स्थित है और कोचरब आश्रम, अहमदाबाद में स्थित है।

गांधी जी ने अहमदाबाद में साबरमती आश्रम से दांडी मार्च शुरू करके नमक सत्‍याग्रह आंदोलन की शुरूआत की थी। ब्रिटिश शासन के तहत इसे '' पूर्व का मैनचेस्‍टर '' कहा जाता था और गांधी जी के स्‍वेदशी आंदोलन के बाद यहां के कपड़ा उद्योग में काफी इज़ाफा हुआ। उस समय, अरविंद मिल्‍स, केलिको मिल्‍स भी अस्तित्‍व में आ गई थी और वह भारी मात्रा में कपड़े को उत्‍पादित करती थी, इनका स्‍वदेशी वस्‍त्रों का उत्‍पादन काफी प्रसिद्ध था।

अहमदाबाद और उसके आसपास स्थित पर्यटन स्‍थल

अहमदाबाद शहर एक ऐसा स्‍थान है जहां कई ऐतिहासिक स्‍मारक है, आधुनिक आकर्षण की कोई कमी नहीं है, बड़े - बड़े मॉल और मूवी हॉल है, हटथीसिंग जैन मंदिर, सिदी सैय्यद मस्जिद, स्‍वामी नारायण मंदिर, जामा मस्जिद, महुदी जैन मंदिर, अक्षरधाम मंदिर, सिटी वॉल्‍स और द गेट्स, रानी नो हाजीरो, झूलता मीनारा, सरखेज रोजा, दादा हरी वाव, अदलाज सीढ़ीदार कुंआ आदि यहां के प्रमुख आकर्षण है।

इसके अलावा, पर्यटक यहां आकर रजवाडु, चौकीधानी, पंतग रेस्‍टारेंट, आईआईएम, रिवर फ्रंट, सीजी रोड़, एसजी रोड़, ड्राइविंग सिनेमा, परिमल गार्डन आदि की सैर भी कर सकते है। यहां कई प्रकार के संग्रहालय, नेचुरल ईको - सिस्‍टम और फॉरेस्‍ट जैसे - इंदोरा नेशनल पार्क और कनकरिया झील भी स्थित है जो पर्यटकों के लिए खास आकर्षण है।

जनसांख्यिकी

अहमदाबाद की जलवायु एक गर्म अर्द्ध शुष्‍क जलवायु है और यह रेगिस्‍तान और उमस भरे मौसम के बीच, मामूली वर्षा की जरूरत वाला क्षेत्र है। इस शहर में मुख्‍य रूप से तीन मौसम आते है : गर्मी, मानसून और सर्दी। मानसून मौसम के अलावा, जलवायु बहुत शुष्‍क है। जनवरी का महीना, उत्‍तरी हवाओं के कारण ठंडा रहता है।

संस्‍कृति और त्‍यौहार

अहमदाबाद, विविध संस्‍कृति और धर्मिक समुदायों का प्रदेश है जहां जीवंत सांस्‍कृतिक परंपरा आज भी देखने को मिलती है। यहां नवरात्र का पर्व धूमधाम से नौ दिन तक लगातार मनाया जाता है। नवरात्रि के दौरान, यहां गरबा नृत्‍य का आयोजन किया जाता है। दीपावली, होली, गणेश चतुर्थी, गुड़ी पडवा, ईद - उल - फितर, मुहर्रम और क्रिसमिस आदि त्‍यौहार भी यहां मनाएं जाते है।

अहमदाबाद तक कैसे पहुंचे

शहर के अंदर, आवागमन के लिए ऑटो रिक्‍शा और बस सुविधा अच्‍छी तरह उपलब्‍ध है। अहमदाबाद म्‍यूनिसिपल ट्रांसपोर्ट सर्विस ( एएमटीएस ) के द्वारा लोकल बस सर्विस को शहर के भीतर चलाया जाता है।  शहर का मुख्‍य रेलवे स्‍टेशन, कालूपुर क्षेत्र में स्थित है जिसे अहमदाबाद रेलवे स्‍टेशन या कालूपुर रेलवे स्‍टेशन के नाम से जाना जाता है।

अहमदाबाद के अन्‍य स्‍टेशन, मणिनगर, वाटवा, गांधीग्राम, असरवा, चंदलोदिया, काली गम, वस्‍त्रपुर, साबरमती, सारखेज, नरौदा और आमली हैं। अहमदाबाद का एयरपोर्ट, सरदार बल्‍ल्‍भभाई पटेल अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट है जो शहर से 15 किमी. की दूरी पर स्थित है और यहां का रेलवे स्‍टेशन, एयरपोर्ट से 8 किमी. की दूरी पर स्थित है। बस स्‍टैंड, घरेलू और अंतरराष्‍ट्रीय पर्यटकों के लिए सुविधा प्रदान करते है।

एक उभरता शहर

अहमदाबाद तेजी से विकसित होने वाला शहर है जहां विभिन्‍न क्षेत्रों में जैसे - रियल एस्‍टेट, ऑटोमोबाइल, केमिकल, फार्मास्‍यूटिकल्‍स, पेट्रोलियम और आईटी इंडस्‍ट्री में कई परियोजनाएं हमेशा चलती रहती है। यहां कई सिटी हाउस है जैसे - आईआईएम ( इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट )- अहमदाबाद, एनआईडी ( नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ डिजाइन ), एनआईएफटी (नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्‍नोलॉजी), धीरूभाई अंबानी इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंर्फामेशन एंड कम्‍यूनिकेशन टेक्‍नेलॉजी और कई अन्‍य।

आज के दिनों में अहमदाबाद, भारत में सबसे उत्‍कृष्‍ट स्‍थलों में से एक है जहां पर्यटक आसानी से भ्रमण करने आ सकते है। यहां के क्‍लासिक शॉपिंग मॉल में शॉपिंग करने से लेकर इंटरनेशनल स्‍तर के लक्‍जरी होटल में रूकने का मजा, पर्यटकों को ताउम्र याद रहेगा। यहां के नेचुरल पार्क में सफारी से सैर करना, ऐतिहासिक स्‍थलों में भ्रमण करना, आदि आपको हमेशा अहमदाबाद आने के लिए लुभाता रहेगा। अहमदाबाद एक लोकप्रिय गंतव्‍य बन गया है यहां एक पर्यटक की हर जरूरत, उसी के अंदाज में पूरी हो जाती है।

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