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औरंगाबाद -  पुनर्जीवित इतिहास

महान मुगल सम्राट औरंगजेब के नाम पर महाराष्‍ट्र में एक शहर है-औरंगाबाद।औरंगाबाद शब्‍द का शाब्दिक अर्थ है 'सिंहासन द्वारा निर्मित'।राज्‍य के उत्‍तरी इलाके में स्थित यह शहर खाम नदी के किनारों पर बसा हुआ है। इतिहास के अनुसार, सन् 1681 में औरंगजेब ने अपने अभियानों के लिए इस जगह को आधार बनाया था यानि उनकी सारी राजनीति और रणनीति इसी जगह में रची जाती थी।मुगल साम्राज्‍य में भी इस  जगह का इस्‍तेमाल किया गया था और छत्रपति शिवाजी पर जीत पाने के लिए यहां रणनीतियां भी बनाई जाती थी।

बीबी का मकबरा - एक सुन्दर दृश्य
Image source: www.wikipedia.org/
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भारत के केंद्र में होने की वजह से इस क्षेत्र को सबसे ज्‍यादा सुरक्षित माना जाता था क्‍योकि इस इलाके में अफगानिस्‍तान और मध्‍य एशिया के हमलावरों से खतरा कम था। औरंगजेब  की मृत्‍यु के बाद यह शहर निजामों के अधीन हो गया।1956 में इस क्षेत्र को महाराष्‍ट्र राज्‍य में विलय कर लिया गया। इस शहर में मराठी और उर्दू मुख्‍य भाषाएं है। इस शहर को सिटी ऑफ गेटस  भी कहा जाता है।

पर्यटक औरंगाबाद में क्‍या उम्‍मीद कर सकते है

औरंगाबाद, महाराष्‍ट्र की आधिकारिक पर्यटन पूंजी है जहां काफी कुछ घूमने को है। माना जाता है कि इस शहर में मुगल शासन आने से पहले बौद्ध धर्म का  प्रभाव काफी मजबूत था। आज भी अंजता और एलोरा की गुफाएं इसकी गवाह है। तभी यह दोनों गुफाएं यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित की जा चुकी है। यहां की उच्‍च संस्‍कृति हैदराबाद की सस्‍ंकृति से मेल खाती है।  यहां के लोगों के व्‍यवहार में अपनापन और भाषा में नजाकत है। यहां का प्रसिद्ध स्‍मारक बीबी का मकबरा है जहां औरंगजेब की बेगम का शव दफन किया गया था।

औरंगजेब में देखने और करने के लिए खास

औरंगजेब में हिमरो फैक्‍ट्री लोकप्रिय जगह है जहां से पर्यटकों को खरीददारी करनी चाहिए। यहां की बने कपड़े महिलाओं को लुभाते है। धातुओं से बना सामान भी यहां कम कीमत में अच्‍छी क्‍वालिटी का मिलता है। यह शहर अपनी सस्‍ंकृति और सभ्‍यता के लिए जाना जाता है। यहां का हर पयर्टन स्‍थल खुद में खास है पर्यटकों को एक बार यहां आने के बाद पुन: आने का मन अवश्‍य करेगा।  

औरंगाबाद - एक यादगार और रोमांचक यात्रा

औरंगाबाद एक संपन्‍न शहर है। यहां की जलवायु शीतोष्‍ण है। बारिश और सर्दियों के मौसम में यहां का वातावरण सुंदर और घूमने लायक हो जाता है। यहां की शाम पार्को में बिताने पर पूरे दिन की थकान उतर जाती है।  यह शहर मुंबई से 375 किमी. की दूरी पर स्थित है। यहां का हवाई अड्डा एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट है जो देश और विदेश से भली - भांति जुड़ा हुआ है। यहां पास में ही रेलवे स्‍टेशन है जो देश के प्रमुख शहरों तक ट्रेन का आवागमन रखता है। राज्‍य में कई प्राईवेट बसें भी चलती है जो शहर तक कम दामों में पहुंचा देगी।    

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