यों का मजा..तो इन छुट्टियों यहां जरुर जायें
सर्च
 
सर्च
 

बाराबंकी -  जहां पाए जाते हैं पारिजात के दुर्लभ वृक्ष

बाराबंकी उत्तरप्रदेश के फैजाबाद डिवीजन के चार जिलों में से एक है। यह घाघरा और गोमती नदी की समानांतर धाराओं से घिरा हुआ है। यह जिला पूर्वांचल के प्रवेशद्वार के तौर पर भी जाना जाता है। प्राचीन काल में यहां कई संतों और संन्यासियों ने तपस्या की थी। ऐसा माना जाता है कि सर्वप्रथम इस जगह की खोज 1000 ईस्वी में की गई थी। बाद में बाराबंकी पर मुस्लिम शासकों ने हुकूमत की और कुछ साल बाद यह 12 हिस्सों में बंट गया, जिससे इसका नाम बाराबंकी पड़ा। एक और कथा के अनुसार बाराबंकी शब्द की व्यत्पत्ति ‘बन’ यानी जंगल शब्द से हुई है, जो कि बाहर हिस्सों में बंटा हुआ था।

बाराबंकी तस्वीरें, पारिजात - पारिजात वृक्ष
Image source: commons.wikimedia.org
सोशल नेटवर्क पर इसे शेयर करें

बाराबंकी और आसपास के पर्यटन स्थल

बाराबंकी में देखने और घूमने के लिए बहुत कुछ है। यहां एक उभयलिंगी वृक्ष पारिजात पाया जाता है, जो अपने प्रकार का अकेला वृक्ष है। बाराबंकी का घंटाघर जहां शहर के लिए प्रवेश द्वार का काम करता है, वहीं महादेवा मंदिर शहर के पुराने स्थलों में से एक है।

बाराबंकी जिले में कई प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व के शहर व गांव हैं। इन्हीं में से एक है सतरिख, जो कि राजपरिवार के प्रमुख गुरू का घर है। देवा, जो हाजी वारिस अली शाह के तीर्थ स्थल लिए प्रसिद्ध है, वहीं बदोसराय एक प्रसिद्ध तीर्थ केन्द्र है। इसके अलावा किंतूर का भी विशेष ऐतिहासिक महत्व है। महाभारत के अनुसार यह पांडव की मां कुंती का जन्म स्थान है

घूमने का सबसे अच्छा समय

बाराबंकी घूमने का सबसे अच्छा समय नवंबर से मार्च तक का माना जाता है। अन्य महीनों में यहां का तापमान काफी ज्यादा हो सकता है।

कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग, रेल मार्ग और सड़क मार्ग के जरिए बाराबंकी पहुंचा जा सकता है।

 

Please Wait while comments are loading...