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ढेंकानाल - सूर्य की रोशनी से सराबोर हेमलेट

ढेंकानाल, राज्‍य की राजधानी भुवनेश्‍वर से 99 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह एक सुंदर जगह है जो प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। ढेंकानाल का हेमलेट, सूर्य की रोशनी से सराबोर जमीं है। यहां वनस्‍पतियों और जीवों का प्राकृतिक खजाना बहुतायत में पाया जाता है। इस जगह की खूबसूरती, यहां स्थित पहाडियों, घाटियों और नदियों में बसी हुई है।

ढेंकानाल तस्वीरें, सारंगा - केन्द्रीय पुस्तकालय
Image source: en.wikipedia.org
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ढेंकानाल को मुख्‍य रूप से यहां के घने जंगलों और बड़े जंगली जानवरों जैसे - टाइगर और हाथी आदि के लिए जाना जाता है। यह स्‍थान इस बात का गवाह है कि प्रकृति में इससे अच्‍छा कोई और स्‍थान और बनावट हो ही नहीं सकती। ढेंकानाल की भूमि में बेहद प्राकृतिक सुंदरता, मनोरम वास्‍तुशिल्‍प के साथ पनपती है।

ढेंकानाल और उसके आसपास स्थित पर्यटन स्‍थल

ढेंकानाल में पर्यटकों की सैर के लिए कई खजाने है। ढेंकानाल में धर्म और संस्‍कृति का बेहद सम्‍मान किया जाता है। यहीं कारण है कि ढेंकानाल और उसके आसपास के क्षेत्रों में कई धार्मिक स्‍थल मौजूद है। इस स्‍थान पर कई सुंदर मंदिर है जो हिंदूओं के देवता को समर्पित है। इन सभी के बीच, यहां बालभद्र मंदिर भी स्थित है जिसमें भगवान बालभद्र की पूजा भी की जाती है।

इस मंदिर का निर्माण 18 वीं शताब्‍दी में करवाया गया था। यहां के शंभूगोपाल मंदिर में कई हिंदू तीर्थ यात्री दर्शन करने के लिए आते है। यहां रघुनाथ मंदिर स्थित है जो भगवान राम को समर्पित एक मंदिर है, इस मंदिर की भव्‍यता के कारण हजारों पर्यटक यहां अवश्‍य आते है। यहां कुंजकांता मंदिर भी स्थित है जिसमें दूर - दूर से लोग दर्शन करने आते है।

इन सभी आकर्षणों के अलावा, ढेंकानाल पर्यटन में पर्यटक कपिलास में भी दर्शन कर सकते है जो भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर है, इसके अलावा यहां का जोरंदा भी धार्मिक हेडर्क्‍वाटर है। ढेंकानाल में कई हिंदू धर्म के मंदिर है। ढेंकानाल के कुछ किमी. की दूरी पर सप्‍तासज्‍या स्थित है जो भगवान राम को समर्पित एक सुंदर स्‍थान और मंदिर है। लादागादा, ढेंकानाल पर्यटन का अन्‍य प्रमुख आकर्षण है। यह एक साइट है जहां भगवान सिद्धेश्‍वर की पूजा की जाती है। सारांगा में हर साल हजारों पर्यटक सैर के लिए आते है। यह भगवान विष्‍णु को समर्पित स्‍थल है जो सापों के देवता अंनत की छत्रछाया में विश्राम कर रहे है।

ढेंकानाल की यात्रा का सबसे अच्‍छा समय

ढेंकानाल की यात्रा का सबसे अच्‍छा समय अक्‍टूबर के मौसम में होता है। वैसे दिसम्‍बर, फरवरी और मार्च के महीने में भी यहां सैर के लिए आया जा सकता है।

ढेंकानाल तक कैसे पहुंचे

ढेंकानाल एक शहर है तो एयर, रेल और सड़क मार्ग द्वारा अच्‍छी तरह से जुड़ा हुआ है। भुवनेश्‍वर में स्थित एयरपोर्ट, यहां का नजदीकी हवाई अड्डा है। ढेंकानाल का सबसे नजदीकी रेलवे स्‍टेशन, कटक में स्थित है। ढेंकानाल की सैर टैक्‍सी और बस से भी की जा सकती है।

 

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