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जैसलमेर – सुनहरा शहर, एक शाही पुनरुद्धार

जैसलमेर,'गोल्डन सिटी', राजस्थान के शाही महलों और लड़ने वाले ऊंटों के साथ एक रेतीले रेगिस्तान के आकर्षण का प्रतीक है। यह विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल महान थार रेगिस्तान के बीच में स्थित है। जैसलमेर जिले के प्रशासनिक मुख्यालय के रूप में सेवारत होने के साथ, यह पाकिस्तान, बीकानेर, बाड़मेर और जोधपुर की सीमाओं से लगा है। यह सुनहरा शहर राज्य की राजधानी जयपुर से सिर्फ 575 किमी दूर है। पर्यटन जिले की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण प्रमुख भूमिका निभाता है। शहर के संस्थापक राव जैसल, जिन्होंने 12 वीं सदी के दौरान जैसलमेर पर शासन किया, के नाम पर इस शहर को नामित किया गया है।

जैसलमेर तस्वीरें, अमर सागर झील - झील
Image source: commons.wikimedia.org
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यह सुनहरा शहर राजस्थानी लोक संगीत और नृत्य रूपों, जिन्हे वैश्विक मंच पर अत्यधिक सराहा जाता है, के लिए प्रसिद्ध है। सैम रेत टिब्बा पर रेगिस्तान त्योहार के अवसर पर सबसे कामुक नृत्य 'कालबेलिया' यहाँ रहने वाले जनजातियों द्वारा किया जाता है। यह फरवरी के महीने में आयोजित होने वाला एक तीन दिवसीय वार्षिक त्योहार है। ऊंट दौड़, पगड़ी बांधना, और सबसे अच्छी मूँछ की प्रतियोगितायें दूर - दराज क्षेत्रों से पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। इसके अलावा, शिविर लगाना, अलाव जलाना, और महान थार रेगिस्तान में ऊंट सफारी जैसलमेर आये यात्रियों को एक अविस्मरणीय अनुभव देता है।

लज़ीज़ जनजातीय भोजन

जैसलमेर की छुट्टी की योजना बना रहे पर्यटक राजस्थान के जनजातीय भोजन को चखने का प्रयास कर सकते हैं। लजीज मुर्ग-ए-सब्ज (कटी हुई सब्जियों के साथ हड्डी रहित चिकन का रसीला फ्राई व्यंजन) यहाँ पर्यटकों के बीच सबसे लोकप्रिय व्यंजन है। स्वादिष्ट केर संगरी (रेगिस्तानी सेम और केपर्स) जैसलमेर में अद्वितीय है। इच्छुक पर्यटक भनोन आलू (मिन्ट पेस्ट के साथ और रस में उबला भरवा आलू) और कढ़ी पकोड़ा (दही सॉस में पकी आटा की पकौड़ी), जो जैसलमेर के रेस्तरां में उपलब्ध हैं, की कोशिश कर सकते हैं।

यह सिर्फ दर्शनीय स्थलों की यात्रा से कहीं अधिक है ...

राजस्थान के किसी भी अन्य रेगिस्तानी शहर की तरह, जैसलमेर भी शाही किलों, हवेलियों, महलों, संग्रहालयों और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। जैसलमेर किला, जिसे जैसलमेर की शान के रूप में माना जाता है, गोल्डन सिटी का सबसे प्रसिद्ध पर्यटक आकर्षण है। अस्त होता सूरज इस पीले बलुआ पत्थर के किले को सुनहरे रंग से पोत देता है इसलिए, इसे 'सोनार किला' या 'स्वर्ण किले' के रूप में भी जाना जाता है। इस किले में कई द्वार हैं जिन्हें अखाई पोल, हवा पोल, सूरज पोल और गणेश पोल के रूप में जाना जाता है। किले की राजपूत और मुगल स्थापत्य कला की संलयन शैली पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करती है। आगंतुक यहाँ विभिन्न शाही महल, सात जैन मंदिरों और कई कुओं को देख सकते हैं। सात जैन मंदिरों में शांतिनाथ मंदिर, चन्द्रप्रभू मंदिर और शीतलनाथ मंदिर सबसे लोकप्रिय धार्मिक स्थल हैं।

जैसलमेर किला परिसर के अंदर स्थित महाराजा का पैलेस या जैसलमेर फोर्ट पैलेस संग्रहालय और विरासत केंद्र, शहर के प्रसिद्ध पर्यटक आकर्षण हैं। पर्यटक महल की छत से पूरे शहर के एक दृश्य का आनंद ले सकते हैं। चांदी का राज्याभिषेक सिंहासन, बिस्तर, बर्तन, स्थानीय टिकटें, नोटें, और शाही परिवार की मूर्तियां इस महल के मुख्य आकर्षण हैं।

जैसलमेर में 180 साल पुराना अकाल लकड़ी का जीवाश्म पार्क भी देखने लायक एक प्रसिद्ध स्थल है। विशाल पेड़ के जीवास्म और प्राचीन समुद्री शंख इस पार्क के मुख्य आकर्षण हैं। पर्यटक हैरियर, बुज़र्ड, धब्बेदार चील और छोटे पंजे वाली चील, गिद्ध, एक प्रकार का छोटा बाज, बड़े बाज और रेत में गुनगुनाने वाले जीव को जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क में देख सकते हैं। यह अनूठा पार्क राजस्थान की लुप्तप्राय राज्य पक्षी, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का प्राकृतिक निवास स्थान है। पार्क की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय नवंबर और जनवरी के महीने के बीच का है।

नाथमलजी की हवेली, सलीम सिंह की हवेली, पतवों की हवेली, श्रीनाथ हवेली, मानक चौक और अन्य हवेलियाँ अपनी अनूठी स्थापत्य शैली के लिए प्रसिद्ध हैं। जैसलमेर पर आये यात्रियों को मूल सागर, गोपा चौक, जैसलमेर लोककथा संग्रहालय, ताज़िया टॉवर, गदसीसर झील, बड़ा बाग, खुरी रेत टिब्बा, सैम रेत टिब्बा, और कुलधारा अवश्य देखना चाहिये।

अमर सिंह पैलेस एक सुंदर शाही इमारत, जैसलमेर में अमर सिंह झील के तट पर स्थित है। यह महल 17 वीं सदी के दौरान राजा महारावल अखाई सिंह द्वारा बनवाया गया था। दीवारों पर सुंदर भित्ति चित्र महल के सौंदर्य को बढ़ाते हैं। करामाती महलों के अलावा, जैसलमेर शहर में कुछ संग्रहालय स्थित हैं। डेजर्ट सांस्कृतिक केंद्र और संग्रहालय जातीय उपकरणों, दुर्लभ जीवाश्मों, प्राचीन शास्त्रों, मध्ययुगीन सिक्कों और पारंपरिक कलाकृतियों के दुर्लभ संग्रह को दर्शाती है। इसके अलावा, सरकारी संग्रहालय ऐतिहासिक घरेलू वस्तुयें, पत्थर के बर्तन और आभूषण देखने का अवसर प्रदान करता है।

जैसलमेर कैसे पहुँचें

जैसलमेर वायु, रेल और सड़क द्वारा आसानी से सुलभ है। जोधपुर हवाई अड्डा शहर के लिए निकटतम घरेलू एयरबेस है। यह हवाई अड्डा नियमित उड़ानें के द्वारा नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से अच्छी तरह से जुड़ा है। यह कोलकाता, चेन्नई, मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख भारतीय गंतव्यों के लिए दैनिक उड़ानों के द्वारा जुड़ा हुआ है। प्री - पेड टैक्सियाँ जोधपुर हवाई अड्डे से जैसलमेर के लिए उपलब्ध हैं। यात्री गाड़ियों द्वारा भी गंतव्य तक पहुँच सकते हैं। जैसलमेर रेलवे स्टेशन कई गाड़ियों द्वारा जोधपुर और अन्य प्रमुख भारतीय शहरों से जुड़ा है। जैसलमेर के लिए डीलक्स और सेमी-डीलक्स बसें भी जयपुर, अजमेर, बीकानेर, और दिल्ली से उपलब्ध हैं।

जैसलमेर के सुनहरे शहर में साल भर शुष्क और गर्म जलवायु मिलती है। ग्रीष्मकाल, मानसून और सर्दियाँ यहाँ प्रमुख मौसम हैं। इस गंतव्य की यात्रा करने का आदर्श समय अक्टूबर और मार्च के महीनों के बीच की अवधि है।

 

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