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कर्नाटक पर्यटन - एक अनोखी सैर

कर्नाटक, भारत का दक्षिण पश्चिम पर्यटन हब है जो दुनिया भर से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। कर्नाटक की राजधानी, बंगलौर भी देश में आईहब के नाम से जानी जाती है। कर्नाटक राज्‍य में पर्यटन बढ़ने के कारण, वर्तमान में यहां भारी संख्‍या में रिसॉर्ट, टूरिस्‍ट प्‍लेस आदि बन गए है जिनसे पर्यटकों को यहां आकर आनंद आता है।.

कर्नाटक
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कर्नाटक, भौगोलिक रूप से तटीय क्षेत्र में बंटा हुआ है जैसे - कारावली पहाड़ी क्षेत्र या मालेनाडु क्षेत्र। यह क्षेत्र, पश्चिमी घाट पर स्थित है और इसे भी बायालुसीमे में उत्‍तरी और दक्षिणी क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है।

कर्नाटक की जलवायु

कर्नाटक में मुख्‍य रूप से चार मौसम आते है - गर्मी, मानसून, मानसून के बाद और सर्दी। मानसून के बाद का मौसम अक्‍टूबर से दिसम्‍बर तक चलता है और यहां सर्दियां, जनवरी से फरवरी तक पड़ती है।

कर्नाटक की भाषा

कर्नाटक राज्‍य की आधिकारिक भाषा, कन्‍नड़ है। वैसे यहां अन्‍य क्षेत्रीय भाषाएं जैसे - तुलु, कोदावा, और कोंकण आदि भी बोली जाती है। कर्नाटक में राष्‍ट्रीय भाषा, हिन्‍दी भी बोली जाती है। कई क्षेत्रों से आकर बसने वाले और आईटी सेक्‍टर में काम करने वाले लोगों की बहुतायत के कारण यहां कई अन्‍य भाषाएं जैसे - अंग्रेजी, मराठी, मलयालम, तमिल, तेलुगू आदि भी बोली जाती है।

कर्नाटक में पर्यटन

कर्नाटक राज्‍य में कुल 30 जिले है। इस राज्‍य में सैर करने के लिए कई पर्यटन स्‍थल है। यहां आकर हर तरह के पर्यटक को अच्‍छा लगता है। साहसिक पर्यटक यहां के पहाड़ों पर ट्रैकिंग कर सकते है, वन्‍यजीव प्रेमी, सेंचुरी में सैर कर सकते है, धार्मिक लोग, मंदिरों में दर्शन कर सकते है। यह राज्‍य प्राकृतिक परिप्रेक्ष्‍य में भी बेहद सुंदर है।

अगर आप कर्नाटक में सुंदर स्‍थलों, आश्‍चर्यजनक पहाडि़यों की सैर करना चाहते है तो कुर्ग की यात्रा करें। कुर्ग को भारत का स्‍कॉटलैंड कहा जाता है। यह कर्नाटक का एक महत्‍वपूर्ण पर्यटन स्‍थल है। यहां स्थित चिकमागालुर में कॉफी की पैदावार भी काफी ज्‍यादा होती है। इसके अलावा, केम्‍मानागुडी में झरने पाएं जाते है, कुद्रेमुख में हरियाली देखने को मिलती है। यहां का चिक्‍मागलुर जिला सबसे सुंदर माना जाता है, यह एक प्रसिद्ध हिल स्‍टेशन है।

कर्नाटक का मंगलौर एक तटीय इलाका है जो कर्नाटक पर्यटन का अभिन्‍न माना जाता है। यहां प्राकृतिक तटीय सुंदरता के अलावा, कोल्‍लूर मुकाम्बिका मंदिर, उदुपी कृष्‍णा मंदिर, होरांदु अन्‍नपूणेश्‍वरी मंदिर, श्रीगेंरी शारदा मंदिर, कुक्‍के सुब्रमण्‍यम मंदिर, धर्मस्‍थल मंदिर आदि प्रमुख है।

यहां के अन्‍य तटीय स्‍थलों में वायेनदुर, मालपे, कारवार आदि भी प्रमुख है।

जिन पर्यटकों को ऐतिहासिक स्‍थलों के भ्रमण में रूचि है वह कर्नाटक आकर कई ऐतिहासिक स्‍थानों की सैर कर सकते है। कर्नाटक में मैसूर, बादामी, हम्‍पी, बेलूर, हालेबिड, श्रावणबेलागोआ आदि में ऐसे कई स्‍थल मौजूद है जो इतिहास की काफी जानकारी देते है। ये सभी ऐतिहासिक स्‍थल, प्राचीन काल के बने हुए है।

जो पर्यटक, साहसिक गतिविधियों में रूचि रखते है, वह यहां के एडवेंचर प्‍वाइंट की सैर कर सकते है। कर्नाटक आकर कैम्‍प - भीमेश्‍वरी, गालीबोर और डोडामक्‍की आदि की सैर करें। यहां आकर पर्यटक, क्‍लाइबम्बिंग और ट्रैकिंग कर सकते है। होन्‍नेमारूदु, शिवगंगे, शिवसमुद्रम, संगम आदि में जाकर पर्यटक नाव की सवारी, रिवर राफ्टिंग, कोरासेली राइडस और अन्‍य जल की गतिविधियां कर सकते है।

वन्‍यजीवन में रूचि रखने वाले पर्यटक कर्नाटक के सेंचुरी और रिजर्व में सैर करने अवश्‍य आएं। काबीनी और नागरहोल में हाथियों को देखा जा सकता है वहीं बंदीपुर में टाइगर्स को देखा जा सकता है। कर्नाटक में भद्रा वन्‍यजीव अभयारण्‍य भी स्थित है जहां कई प्रकार के जीव - जन्‍तु पाएं जाते है।

कर्नाटक में बंगलौर, मंगलौर आदि ऐसे शहर है जहां पर्यटक, कभी भी सैर के लिए आ सकते है। यहां उनके देखने के लायक कई स्‍थल होते है। बंगलौर एक मेट्रो शहर है लेकिन यहां की विविधता और संस्‍कृति, पर्यटकों को निराश नहीं करेगी। यहां के बड़े - बड़े शॉपिंग मॉल्‍स जहां एक ओर आधुनिक भारत की तस्‍वीर दिखाते है वहीं दूसरी ओर कुछ स्‍थल, कर्नाटक के इतिहास की झलक भी दिखा  देते है।

नीचे हम कर्नाटक के कुछ स्‍थानों के बारे में बता रहे है जहां पर्यटक अपनी हॉलीडे मनाने आ सकते है।