यों का मजा..तो इन छुट्टियों यहां जरुर जायें
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क्‍योंझर - बहुतायत की भूमि

क्‍योंझर, उड़ीसा के उत्‍तरी किनारे पर स्थित एक सुंदर जगह है। यह राज्‍य के सबसे बड़े जिलों में से एक है और यह एक नगरपालिका भी है। इस जिले के उत्‍तर में झारखंड, दक्षिण में जयपुर, पश्चिम में ढेंकनाल और पूर्व में मयूरभंज स्थित है। यहां प्रसिद्ध क्‍योंझर पठार स्थित है जिससे बैतरणी नदी निकलती है।

क्योंझर तस्वीरें, कंदाधर झरने - झरने
Image source: en.wikipedia.org
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क्‍योंझर पर्यटन के लिए हर साल हजारों पर्यटक, साल भर आते है। क्‍योंझर में वनस्‍पति, खनिज और जीव व अयस्‍क भरपूर मात्रा में पाएं जाते है। यहां सुरम्‍य कैस्‍केडिंग झरने भी स्थित है। क्‍योंझर राज्‍य में एक ऐसा जिला है जहां विविध प्राकृतिक संसाधन पाएं जाते है।

इस जिले का एक तिहाई भाग घने जंगलों से घिरा हुआ है और इस जिले के कई हिस्‍सों में प्रचुर मात्रा में मैग्‍नीशियम पाया जाता है। इस जिले में रेबाना और कालापाटा दो ब्‍लॉक बाघ भी पाएं जाते है। ।

क्‍योंझर : प्राचीन गौरव की झलक

इस जिले में दो जनजाति रहती है जुआंग्‍स और भूयांस, यह दोनों ही इस जिले का गौरव बढ़ाने में विशेष स्‍थान रखती है। यह दोनों जनजातियां, राज्‍य की सबसे प्राचीन जनजातियों में से एक है। यह हमेशा से इसी स्‍थान पर निवास करती है।

क्‍योंझर और उसके आसपास स्थित पर्यटन स्‍थल

क्‍योंझर में पर्यटकों के लिए काफी कुछ खास है। यहां आकर पर्यटक कांदाधर झरना, सांगाहारा झरना, बड़ा घाघरा झरना, आदि को देख सकते है। इन झरनों को देखने अंसख्‍य पर्यटक आते है। यहां एक अन्‍य आकर्षक स्‍थल घंटागांव है। हर साल हजारों पर्यटक यहां सैर करने आते है। यहां के अन्‍य आकर्षण, गोनासिका, गुंचीचागई, भीमकुंड और मुर्गामहादेव मंदिर, जिला संग्रहालय आदि है। चक्रतीर्थ, यहां का पुराना शिव मंदिर है जो एक पिकनिक स्‍थल भी है।

सीता बिंज और राजानगर, यहां के प्रसिद्ध ऐतिहासिक आकर्षण है। राजानगर, क्‍योंझर के तत्‍कालीन राजा थे, उनके समय के महल को राजनगर कहा जाता है जो वर्तमान में खंडहर में बदल चुका है। इस स्‍थान पर कई मंदिर जैसे - दधीबामन यहूदी मंदिर और रघुनाथ यहूदी मंदिर स्थित है। क्‍योंझर में हर साल हजारों की संख्‍या में प्रवासी पक्षी आते है। देवगां कुश्‍लेश्‍वर, यहां का महत्‍वपूर्ण बौद्ध केंद्र है जो कुश्‍लेश्‍वर मंदिर के रूप में जाना जाता है।

क्‍योंझर की सैर का सबसे अच्‍छा समय

क्‍योंझर की सैर का सबसे अच्‍छा समय नबंवर के महीने में होता है। इस दौरान पर्यटकों को सैर के लिए आना चाहिए।

क्‍योंझर कैसे पहुंचे

क्‍योंझर तक एयर, रेलवे और सड़क मार्ग के द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां सबसे नजदीकी एयरपोर्ट, भुवनेश्‍वर का बिजु पटनायक एयरपोर्ट है। यहां का रेलहेड जे. के. सड़क पर सिथत है जहां से कई रेल मिलती है।

 

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