रोमांच से भरपूर है लेह लद्दाख की मारखा घाटी ट्रेकिंग
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लेह - एक कदम शांगरी ला के करीब जाने के लिए

लेह शहर इंडस नदी के किनारे कराकोरम और हिमालय की श्रृंखला के बीच स्थित है। इस जगह की प्राकृतिक सुन्दरता देश भर से पर्यटकों को साल के बारहों महीने अपनी ओर खींचती है। इस शहर में ज़्यादातर हिस्से में मस्जिद और बौद्ध स्मारक हैं जो सोलहवीं और सत्रहवीं शताब्दी में बनाये गए थे। एक बहुत पुराना, नामग्याल डायनेस्टी का राजा सेंग्गे नामग्याल का नौ मंजिल का महल, इस जगह का मुख्य आकर्षण है जो मेडिएवल ऐरा के वास्तुशिल्पीय ढंग को दर्शाता है।

लेह फोटो, शांति स्तूप से देखने पर लेह
Image source: www.wikipedia.org
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लेह की आबादी का ज़्यादातर हिस्सा बुद्ध मौंक, हिन्दुओं और लामाओं का है। कई अध्ययन केंद्र जैसे शांति स्तूप और शंकर गोम्पा इस जगह के आकर्षण को बढ़ाते हैं। इन कुछ सालों में लेह, मध्य एशिया में व्यापार केंद्र के नज़रिए से बढ़ा है और कई स्वयं प्रेरित और समर्पित लोगों को व्यापार का सुअवसर दिया है।

क्या करने जाएं लेह

खरीददारी में रुचि रखने वाले पर्यटक तिब्बती गहने, ऊनी कपड़े और हाथ से या मशीन से बुने कालीन खरीद सकते हैं। बर्फ से ढका हिमालय पहाड़ इस जगह की सुन्दरता को बढ़ाता है। लेह के कई इलाकों जैसे उबड़ खाबड़ हिमालयन भू-भाग में ट्रेक्किंग भी की जा सकती है और इस दौरान वहां की प्राकृतिक सुंदरता का मज़ा उठाया जा सकता है।

इस जगह के मुख्य आकर्षण में से मुग़ल शाशन में बना जमा मस्जिद और शे महल हैं जिसको 'लदाखी राजाओं का गर्मी का इलाका' भी कहते हैं और यह अपने विशाल बुद्ध की मूर्ती के लिए मशहूर है।

लेह का मौसम

लेह में गर्मी का मौसम मार्च से जून तक खिंच जाता है और यह समय यहाँ आने का सबसे उचित समय होता है। इस समय लेह का मौसम सुहाना रहता है और उच्चतम तापमान 33 डिग्री सेलसिय्स  रहता है। दिन में औसत तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।

सर्दी का मौसम लेह में काफी ठंडा और कठोर होता है। इस दौरान यहाँ का तापमान -28 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। अक्टूबर से फरवरी के बीच यहाँ भारी बर्फ़बारी होती है। इस ठण्ड में जो लोग इस मौसम के लिए तैयार नहीं होते उन्हें फ्रोस्टबाईट भी हो सकता है।

मानसून के समय लेह में औसतन 90 मिलीमीटर वर्षा होती है। मार्च और सितम्बर के बीच इस जगह का मौसम संतुलित रहता है और इस समय यहाँ आया जा सकता है।

लेह में अनियमित मौसम होने के कारण पर्यटकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि वह विंडचीटर, गर्म कपड़े, मोटे मौजे, दस्ताने, स्कार्फ, ऊनी टोपी, बूट्स, सनस्क्रीन, लिप बाल्म और गोगल्स अपने साथ रखें। यह चीज़ें इन्हें यहाँ के तापमान से लड़ने में मदद करेंगी।

कैसे जाएं लेह

लेह से दिल्ली, श्रीनगर और जम्मू लौटने के लिए लगातार हवाई सेवा उपलब्ध हैं। दिल्ली का हवाईअड्डा भारत और अन्य देशों के हवाईअड्डों से पहुँचने योग्य है। हवाईअड्डे से किराये पर टैक्सी लेकर 1000 रुपये में लेह पहुंचा जा सकता है। जो पर्यटक रेल से सफर करना चाहते हैं, जम्मू रेलवे स्टेशन नज़दीकी है और यह लेह से करीबन 736 किलोमीटर कि दूरी पर स्थित है।

इसके अलावा, जो पर्यटक रोड से लेह जाना चाहते हैं वह जम्मू और कश्मीर राज्य रोड परिवहन कार्पोरेशन की सेवा का लाभ उठा सकते हैं। जेकेएसआरटीसी श्रीनगर से जो लेह से 734 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, लगातार बस सेवा उपलब्ध करवाती है। रोड द्वारा लेह पहुँचने का दूसरा आरामदेह तरीका है हिमाचल रोड परिवहन कार्पोरेशन। पर्यटक अपनी मंजिल तक मनाली से बस लेकर भी पहुँच सकते हैं, जो लेह से करीबन 474 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

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