यों का मजा..तो इन छुट्टियों यहां जरुर जायें
सर्च
 
सर्च
 

मलप्पुरम: नदियों और संस्कृति का मेल

मलप्पुरम केरल का उत्तरी जिला है जो अपनी समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक महत्व और उल्लेखनीय विरासत के लिए जाना जाता है। मलप्पुरम, छोटी पहाड़ियों और टीलों का क्षेत्र है जो मलप्पुरम के मलयालम अर्थ 'हिल टॉप' पे सटीक बैठता हैं। इसका इतिहास प्राचीन और आधुनिक समय में बुन हुआ है, यह जिला संस्कृति, धार्मिक, अर्थव्यवस्था व केरल के पर्यटन क्षेत्र के लिए बड़े पैमाने पर योगदान करता है। कुछ समय पहले इस जिले ने देश भर के अर्थशास्त्रियों का ध्यान आकर्षित किया क्यूंकि यहाँ खाड़ी प्रवासी आबादी थी जिसने अभूतपूर्व आर्थिक उछाल को बढाया।

तीन नदियां, चलियार, भारथापुज्हा, और कदलुंदी, मलप्पुरम के माध्य से प्रवाह, वहां की मिट्टी और संस्कृति को समृद्ध करती है। यह जगह पुराने समय में कालीकट के ज़मोरिंस राजाओं की शक्तिशाली सेना का मुख्यालय भी रही है। खिलाफत आंदोलन और मोपिला विद्रोह का आयोजन स्थल होने के लिए भी इस जिले को भारतीय राष्ट्रवाद के इतिहास में दर्ज है।मलप्पुरम , मुसलमान नृत्य रूप ओप्पाना का जन्म स्थान भी है।

विभिन्न परम्पराएं और अतभुत आकर्षण

केरल के सांस्कृतिक, राजनीतिक, साहित्यिक परंपरा में मलप्पुरम के छोटे शहरों ने अतुलनीय शिष्टाचार योगदान दिया है। थिरुनावाया मध्ययुगीन काल के दौर में वैदिक शिक्षा का केंद्र था और कोत्ताक्कल से ही आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली की उत्पत्ति हुई थी। पोन्नानी (इस्लामी शिक्षा की एक प्राचीन केंद्र) और निलाम्बुर (बेहतर देश के सागौन शहर के रूप में जाना जाता है) ने मलप्पुरम को वैश्विक अभिनंदन दिया है।

मलप्पुरम में और उसके आस पास के पर्यटन स्थल

कदलुंदी पक्षी अभयारण्य, केरालादेश्पुरम मंदिर और थिरुनावाया मंदिर मलप्पुरम में पर्यटन स्थल हैं। इस क्षेत्र में कई मंदिर और मस्जिदों है जैसे मलप्पुरम जुमा मस्जिद, मन्नूर शिव मंदिर, थिरुप्पुरंथाका मंदिर और वेत्ताकोरुमाकन मंदिर। पहाड़ी उद्यान कोत्ताक्कुंनु, बिय्यम झील और नदी के किनारे बना पार्क शंथिथीरम अपनी पर्यटन क्षमता से हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है।

मलप्पुरम सड़क, रेल और हवाई मार्ग के ज़रिये आसपास की जगहों से जुड़ा हुआ है। इस क्षेत्र वातावरण सामान्य रहता है जो दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए उपयुक्त है। मुस्लिम आबादी का बढ़ा प्रभुत्व ने शानदार भोजन संस्कृति को जन्म दिया जो अरबी और पारंपरिक केरल जायके मेल है। मलप्पुरम का प्राकृतिक सौंदर्य, घटनापूर्ण इतिहास, विदेशी व्यंजन वहां आने वाले प्रकृति उत्साही, इतिहास प्रेमियों और खाने के शौक़ीन की यात्रा को और मनोरंजक बनता है।

 

सोशल नेटवर्क पर इसे शेयर करें
Please Wait while comments are loading...