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प्रतापगढ़ - पर्यटन में आस्था की संसृति

उत्तर प्रदेश में एक ज़िला है प्रतापगढ़ और इसका नाम अपने मुख्यालय बेला प्रतापगढ़ पर पड़ा है। इतिहास गवाह है कि अजीत प्रताप सिंह नाम के एक राजा ने अरोर के पास रामपुर में अपना मुख्यालय बनाया। अपने शाशन काल में उसने एक किला बनवाया और उसका नाम प्रतापगढ़ अपने नाम पर रखा। बाद में 1858 में जब प्रतापगढ़ ज़िला बना तब इसका नाम बेला प्रतापगढ़ पड़ा जिसमें बेला साईं नदी पर स्थित बेला भवानी मंदिर से आया।

प्रतापगढ़ तस्वीरें, बेला भवानी मंदिर - दूर से ली गयी फोटो
Image source: commons.wikimedia.org
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प्रतापगढ़ और उसके आस पास के पर्यटन स्थल

प्रतापगढ़ का अस्तित्व रामायण और महाभारत जैसे ग्रन्थ काल जितना पुराना है। ऐसा माना जाता है कि भगवान राम इस जगह पर आये थे और उन्होंने बेला भवानी मंदिर में पूजा की थी। महाभारत में भयहरण नाथ मंदिर का वर्णन है। पौराणिक कथा के अनुसार भीम ने बकासुर नाम के दानव का वध कर इस मंदिर में शिवलिंग की स्थापना की थी। इस जिले से बहने वाली साईं नदी को हिन्दू श्रद्धालुओं द्वारा पवित्र माना जाता है और कई श्रद्धालु यहाँ आकर डुबकी लगाते हैं। हिन्दुओं के अलावा प्रतापगढ़ बौद्ध श्रद्धालुओं को भी आकर्षित करता है जो यहाँ पर कोट मोनेस्ट्री के दर्शन करने आते हैं।

प्रतापगढ़ कैसे पहुंचें

प्रतापगढ़ आसानी से हवाई, रेल और रोड यात्रा द्वारा पहुंचा जा सकता है।

प्रतापगढ़ जाने का उचित समय

प्रतापगढ़ जाने का सबसे उचित समय अक्टूबर से मार्च के बीच होता है। बाकी समय मौसम काफी गर्म और सूखा रहता है।

 

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