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रूपनगर - सिंधु घाटी सभ्यता का गवाह

रूपनगर को पहले रोपड़ के नाम से जाना जाता था। यह एक प्राचीन शहर है, जो सतलुज नदी के बाएं किनारे पर बसा हुआ है। इस शहर का नाम 11वीं शताब्दी में इस क्षेत्र पर शासन करने वाले राजा रोकेश्वर के बेटे रूपसेन के नाम पर पड़ा है। रूपनगर सिंधु घाटी सभ्यता का भी एक महत्वपूर्ण शहर था। भारतीय पुरातात्त्विक सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा यहां की गई खुदाई में सिंधु घाटी सभ्यता के छह अलग-अलग काल के अवशेष मिले हैं। इन प्रचीन कला कृतियों को सुरक्षित रखने के लिए भारतीय पुरातात्त्विक सर्वेक्षण ने यहां एक खास म्यूजियम भी बनवाया है। रूपनगर पर्यटन में इस म्यूजियम का भी खासा योगदान है।

रूपनगर तस्वीरें, आनंदपुर साहिब - तख्त श्री केशगढ़ साहिब
Image source: en.wikipedia.org
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रूपनगर और आसपास के पर्यटन स्थल

राज्य की पूर्वी सीमा से लगा रूपनगर सतलुज नदी और शिवलिक पर्वत श्रृंखला के बीच में स्थित है। यहां आनंदपुर साहिब, भाखड़ा नंगल बांध, जटेश्वर महादेव मंदिर और कीरतपुर साहिब सहित ढेरों पर्यटन स्थल हैं। रूपनगर जाने के दौरान पर्यटक आसपास के शहरों के पर्यटन स्थल जाने की भी योजना बना सकते हैं। राजधानी चंडीगढ़ रूपनगर से कुछ ही घंटे की दूरी पर है और एक या दो दिन के लिए यहां जाया जा सकता है। इसके अलावा पर्यटक चाहें तो शिमला (125 किमी) और कासौली (98 किमी) भी घूम सकते हैं।

जीवंत है शहर

शहर के लोग कई त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं, जिनमें सांप्रदायिक सौहार्द साफ तौर पर देखा जा सकता है। ऐसा ही एक त्योहार है होल्ला मोहल्ला, जो आनंदपुर साहिब में हर साल होली के बाद मनाया जाता है। इस तीन दिवसीय मेले के दौरान पूरे देश से श्रद्धालू यहां आते हैं। मेले के आखिरी दिन निहांग (सिक्ख योद्धा) परंपरागत वस्त्र पहन कर परंपरागत हथियारों के साथ होलगढ़ किला का रुख करते हैं।

यहां वे चरण गंगा की रेत पर टेंट पेगिंग (एक प्राचीन खेल), घुड़सवारी और तलवारबाजी का प्रदर्शन करते हैं। रूपनगर में आपको ढाबों के साथ-साथ कई होटल और रेस्टोरेंट भी मिल जाएंगे, जहां आप असली पंजाबी व्यंजन का लुत्फ उठा सकते हैं। ये सारी चीजें आपस में मिलकर रूपनगर को छुट्टी मनाने वालों के बीच काफी लोकप्रिय बना देती है।

कैसे पहुंचें

नेशनल हाइवे 21 शहर से होकर गुजरता है, जिससे पंजाब के सभी प्रमुख शहरों से रूपनगर आसानी से पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली जहां 297 किमी दूर है, वहीं राज्य की राजधानी चंडीगढ़ सिर्फ 45 किमी दूर है। हवाई मार्ग से भी रूपनगर आसानी से पहुंचा जा सकता है। इसके लिए आप चंडीगढ़ के इंटरनेशनल एयरपोर्ट या अमृतसर के डोमेस्टिक एयरपोर्ट से फ्लाइट ले सकते हैं। साथ ही रेल मार्ग के जरिए भी रूपनगर कई भारतीय शहरों से जुड़ा हुआ है।

रूपनगर घूमने का सबसे अच्छा समय

रूपनगर का मौसम उत्तर भारत के अन्य शहरों की तरह ही है। भीषण गर्मी, मुसलाधार वर्षा और कड़ाके की ठंड यहां की खासियत है। सितंबर से नवंबर के बीच रूपनगर घूमना सबसे अच्छा माना जाता है।

 

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