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साँची पर्यटन – बौद्ध संस्कृति का प्रवेश द्वार

साँची, मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में स्थित एक छोटा सा गाँव है। यह स्थान अपने स्मारकों और बौद्ध स्तूपों के लिए प्रसिद्ध है। साँची एक टीले की तराई में स्थित है और बौद्ध स्मारकों के लिए काफ़ी विख्यात है। साँची में पर्यटन के दौरान आप कई स्तूप, पवित्र मंदिर, मठ एवं स्तंभ देख सकते हैं, जो यहाँ पर तीसरी शताब्दी ई. पू. से लेकर बारहवीं शताब्दी से हैं। साँची के स्मारकों पर नक्काशियां हैं जो इस स्थान की संस्कृति और बौद्ध मिथकों को दर्शाती हैं।

सांची तस्वीरें, सांची स्तूप - स्तूप को निकट से देखने पर 
Image source: commons.wikimedia.org
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साँची और इसके आसपास के पर्यटक स्थल

साँची में कई पर्यटक स्थल है- बौद्ध विहार, साँची स्तूप के चार दरवाज़े, साँची संग्रहालय, द ग्रेट बाउल ऑफ़ गुप्ता, अशोक स्तंभ और साँची स्तूप (सभी तीन)। साँची के धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के अलावा पर्यटक साँची के आसपास के खूबसूरत दृश्यों को देखने के लिए भी यहाँ आ सकते हैं।

इतिहास के पन्नों से

साँची में कई बौद्ध स्मारक हैं अत: पर्यटकों का यह सोचना स्वाभाविक है कि साँची के इतिहास का भगवान् बुद्ध से गहरा संबंध है। परन्तु आपको सुनकर यह आश्चर्य होगा कि भगवान् बुद्ध अपने संपूर्ण जीवन में यहाँ कभी नहीं आये। इसके बावजूद साँची शांत वातावरण में, किसी अन्य बौद्ध केन्द्रों की तुलना में, भगवान् बुद्ध की उपस्थिति अधिक कुशलता से महसूस कर सकते हैं।

पहले साँची “विदिशागिरी” के नाम से जाना जाता था जो अमीर व्यापारियों का केंद्र था। साँची इन व्यापारियों का हमेशा आभारी रहेगा जिन्होंने इस स्थान को बौद्ध प्रथा के केंद्र के रूप में उभरने के लिए भरपूर सहायता दी।

साँची हमें एक वास्तविक प्रेम कहानी के बारे में भी बताता है। यह कहानी एक बहुत खूबसूरत लड़की देवी की है जो एक बौद्ध भक्त भी थी। ऐसा कहा जाता है कि राजा अशोक को इस लड़की से प्यार हो गया और देवी ने ही अशोक को साँची में इन शानदार और मनमोहक स्मारकों का निर्माण करने की प्रेरणा दी। पुरातत्वविदों ने वर्ष 1818 में इस प्रसिद्ध हिनायन बुद्ध केंद्र की पुन: खोज की। साँची के प्रवेश द्वार एवं स्तूपों की वास्तुकला अद्भुत और सुंदर है। यह भारत में सबसे शानदार एवं आश्चर्यजनक बौद्ध केन्द्रों में से एक है।

साँची कैसे पहुंचे

साँची के सबसे नजदीक का हवाईअड्डा भोपाल में स्थित राजा भोज हवाईअड्डा है। यह हवाईअड्डा सभी बड़े शहरों जैसे कि दिल्ली, मुंबई, जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। भोपाल से साँची जाने के लिए पर्यटक टैक्सी ले सकते हैं। साँची के सबसे नजदीक का रेलवे स्टेशन, भोपाल रेलवे स्टेशन है।

साँची घूमने के लिए सबसे अच्छा समय

साँची में धार्मिक त्योहार नवंबर और फरवरी में मनाये जाते हैं। इस प्रसिद्ध बौद्ध केंद्र को देखने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च तक का है।

 

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