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तलकाडू - खोये मंदिरों का शहर

तलकाडू, 30 से अधिक मंदिरों का एक शानदार शहर, रेत के भीतर 16वीं शताब्दी में दफन हो गया था। उस समय से लेखन का कहना है कि यह एक प्राकृतिक आपदा के कारण वोडेयर्स के शासन के दौरान हुवा था, लेकिन स्थानीय कहानियों और मिथक अन्यथा कहते हैं। यह कहा जाता है कि तलकाडू रानी अलमेलु के अभिशाप की वजह से रेत के भीतर दफन हो गया।

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Ghanshyam.R
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तलकाडू शहर में किसी ज़माने में पांच लोकप्रिय शिव मंदिर थे, वह गंगा द्वारा और फिर चोला द्वारा शासन किया गया था। होयसल राजा विष्णुवर्धन द्वारा चोला तलकाडू से बाहर किये गये। बाद में यह शहर विजयनगर राजा के शासन में था और फिर मैसूर के वोडेयर्स द्वारा ले लिया गया था।   जब मैसूर के राजा तलकाडू के खिलाफ एक सेना के साथ अलमेलु के गहने पर हाथ डालने के क्रम से चले गए, उसने कावेरी नदी में गहना फेंक दिया और खुद डूब गयी। पौराणिक कथा में कहा गया है कि उसने मरने से पहले, उसने एक अभिशाप देते हुवे कहा कि तलकाडू रेत में बदल जाये, माँलंगी एक भँवर बने और मैसूर राजा लावारिस हों। 16 वीं शताब्दी में यह शहर रेत के नीचे दब गया था। स्थानीय संस्कृति और विरासत - तलकाडू के अन्य पर्यटन स्थल यह शहर अपने पांच मंदिरों, अर्थात् वैद्यनाथइश्वर, पातालेश्वर, मरुलेश्वारा, अर्केश्वारा और मल्लिकार्जुन मंदिर के लिए जाना जाता है। ये सभी मंदिर हर वर्ष रेत के भीतर दफन हो जाती हैं, लेकिन अब इन्हें लगातार खुला रखने के लिए कोशिश जारी है। इस क्षेत्र में भगवान विष्णु को समर्पित एक कीर्थिनाथेश्वारा मंदिर है, जो कि पांच शिव मंदिरों के बीच में खड़ा है, और यह अब खंगाला जा रहा है।   कावेरी नदी इस शहर के माध्यम से बहती है और एक बहुत ही तेज़ मोड़ लेती है, तो यहाँ कावेरी के किनारे पर दृश्य सुरम्य है। यह शहर अपने पंचालिंगा दर्शना के लिए लोकप्रिय है जो 12 साल में एक बार आयोजित होता है। वर्ष 2009 में यह पिछले बार आयोजित हुआ।   पंचालिंगा दर्शना कर्थिका के महीने में अमावस्या के दिन पर मनाया जाता है, जब दो सितारों खुहा योगा और विशाखा एक साथ आते हैं। अन्य स्थानों कि आप तलकाडू कि चारों ओर यात्रा कर सकते हैं जैसे सोमनाथपुर, शिवंसमुद्र, मैसूर, श्री रंगपटना, रंगनातिट्टू और बांदीपुर हैं। तलकाडू जाने का सबसे अच्छा समय तलकाडू यात्रा करने का सबसे अच्छा समय नवंबर और मार्च के बीच है जब इस समय के दौरान तापमान सुखद होता हैं। कैसे जाएं तलकाडू तलकाडू मैसूर जिले में स्थित है और मैसूर से 43 किमी और बंगलौर से लगभग 120 किमी की दूरी पर स्थित है। ये दो प्रमुख शहर इस शहर कि यात्रा के विकल्प प्रदान करते हैं, और यह अच्छी तरह से सड़क के माध्यम से जुड़ा हुआ है। तुम हमेशा इस शहर में नाश्ता और शीतल पेय के बिक्री की दुकानों को पा सकते हैं, और जब आप मंदिरों की खोज नहीं कर रहे हैं, ये आपको व्यस्त रख सकते हैं।   आप तलकाडू में रहने के लिए वहाँ के कई प्रमुख होटलों को चुन सकते हैं। यदि इतिहास और पौराणिक कथाये अपनी प्राथमिक हिते हैं, तो तलकाडू का रहस्यमय शहर आपको व्यस्त और रोमांचित रख सकता है।

 

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