यों का मजा..तो इन छुट्टियों यहां जरुर जायें
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एडवेंचर के शौकीनों के लिए किसी तीर्थ से कम नहीं हैं भारत के ये शहर

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Updated: Monday, November 25, 2013, 12:56 [IST]
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हम बरसों से सुनते चले आ रहे हैं कि भारत विविधताओं भरा देश है और यहां की विभिन्नता के किस्से दूर- दूर तक सुनाये जाते हैं। यहां के खान पान, कला, संस्कृति भाषा और धर्म की चर्चा बरसों से होती चली आ रही है और इन सभी चीजों ने हमेशा ही विदेशी पर्यटकों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है। अगर भारत के पर्यटन उद्योग का गहनता से अध्ययन किया जाये तो कई आश्चर्यजनक तथ्य हमारे सामने आएँगे जो शायद टूरिज्म या पर्यटन के प्रति हमारे नज़रिये को बदल के रख दें।

अगर पर्यटन मंत्रालय के कुछ महत्त्वपूर्ण आंकड़ों कि माने तो अब बाहर से आने वाले पर्यटकों ने अपनी यात्रा को वर्गीकृत करना शुरू कर दिया है। यानी अब जो भी विदेशी पर्यटक भारत आते हैं उनका यहां घूमने का एक ख़ास मकसद होता है। पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार अब जो भी विदेशी पर्यटक भारत आते हैं उनके लिए भारत एडवेंचर टूरिज्म का हब बन रहा है।

क्या होता है एडवेंचर टूरिज्म

एडवेंचर टूरिज्म पर्यटन का वो नया रूप है जहां आप कथित जोखिम के साथ कुछ नया खोजने का प्रयास करते हैं। इस तरह के टूरिज्म या पर्यटन में काफी रिस्क रहता है और इसके लिए ये जरूरी है कि आप शारीरिक रूप से स्वस्थ हों। इस तरह के पर्यटन का आनंद लेने के लिए आपको पूरी तरह फिट होना होगा क्यूंकि इसमें श्रम की काफी आवश्यकता होती है।

भारत में एडवेंचर टूरिज्म

अपने विशेष भूगोल और विविध संस्कृति और कई सारे साहसिक खेलों के कारण भारत बड़ी ही तेजी के साथ एक एडवेंचर टूरिज्म हॉट स्पॉट के रूप में बदल रहा है। जिसके मद्देनज़र देश के हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, गोवा, अंडमान सिक्किम जम्मू और कश्मीर जैसे राज्य अपने यहां के एडवेंचर टूरिज्म में आये रोज नए नए प्रयोग कर रहे हैं। अब इन राज्यों ने अपने यहां एडवेंचर टूरिज्म से सम्बंधित प्रतियोगिताओं का भी आयोजन करना शुरू कर दिया है जिस कारण यहां विदेशी पर्यटकों को साल भर देखा जा सकता है।

तो आइये आपको बतातें हैं भारत के उन शहरों के बारें में जो अपने यहां एडवेंचर टूरिज्म और उससे जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं ।

पढ़ें - भारत के 10 शानदार और दिलकश डेस्टिनेशन

लद्दाख

इंडस नदी के किनारे पर बसा ‘लद्दाख' , जम्मू और कश्मीर राज्य का एक प्रसिद्ध पर्यटन-स्थल है। इसे, लास्ट संग्रीला, लिटिल तिब्बत, मून लैंड या ब्रोकन मून आदि के नाम से भी जाना जाता है।

लद्दाख में क्या है करने के लिए

सुन्दर झीलें और मठ, मन को सम्मोहित कर देने वाले परिदृश्य और पहाड़ की चोटियाँ यहाँ की आकर्षक विशेषताएँ हैं। आप यहाँ ट्रेकिंग माउंटेन बाइकिंग, और पहाड़ों पर चढ़ने का लुत्फ़ ले सकते हैं।

लेह

लेह शहर इंडस नदी के किनारे कराकोरम और हिमालय की श्रृंखला के बीच स्थित है। इस जगह की प्राकृतिक सुन्दरता देश भर से पर्यटकों को साल के बारहों महीने अपनी ओर खींचती है। इस शहर में ज़्यादातर हिस्से में मस्जिद और बौद्ध स्मारक हैं जो सोलहवीं और सत्रहवीं शताब्दी में बनाये गए थे।

लेह में, क्या है करने के लिए

खरीददारी में रुचि रखने वाले पर्यटक तिब्बती गहने, ऊनी कपड़े और हाथ से या मशीन से बुने कालीन खरीद सकते हैं। बर्फ से ढका हिमालय पहाड़ इस जगह की सुन्दरता को बढ़ाता है। लेह के कई इलाकों जैसे उबड़ खाबड़ हिमालयन भू-भाग में ट्रेक्किंग भी की जा सकती है और इस दौरान वहां की प्राकृतिक सुंदरता का मज़ा उठाया जा सकता है।

मनाली

मनाली, हिमाचल प्रदेश राज्‍य में समुद्र स्‍तर से 1950 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह पर्यटकों की पहली पसंद है और ऐसा हिल स्‍टेशन है जहां पर्यटक सबसे ज्‍यादा आते है। मनाली, कुल्‍लु जिले का एक हिस्‍सा है जो हिमाचल की राजधानी शिमला से 250 किमी. की दूरी पर स्थित है।

क्या करने जाएं मनाली

मनाली आपे पर्यटकों के बीच यहां के सुंदर दृश्‍यों, गार्डन, पहाड़ो, और सेब के बागों के लिए जाना जाता है। यहां के बागों में लाल और हरे सेब काफी मात्रा में पैदा होते है। यहां आने पर पर्यटक हिमालय नेशनल पार्क, हिडिम्‍बा मंदिर, सोलांग घाटी, रोहतांग पास, पनदोह बांध, पंद्रकनी पास, रघुनाथ मंदिर और जगन्‍ननाथी देवी मंदिर देख सकते हैं। इसके अलावा आप यहाँ रोप वे , ट्रेकिंग , पैरा ग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग, का भी आनंद ले सकते हैं।

गुलमर्ग

गुलमर्ग का अर्थ है "फूलों की वादी"। जम्मू - कश्मीर के बारामूला जिले में लग - भग 2730 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुलमर्ग, की खोज 1927 में अंग्रेजों ने की थी। यह पहले "गौरीमर्ग" के नाम से जाना जाता था, जो भगवान शिव की पत्नी "गौरी" का नाम है।

क्या ख़ास है गुलमर्ग में

रोमांच के शैकीनों के लिए काफी कुछ लिए हुए है गुलमर्ग। स्कीइंग, हिल क्लाइम्बिंग, रोप वे, ट्रेकिंग यहां आपका ध्यान खीचेंगी। हमारी सलाह है कि यदि आपको गुलमर्ग की खूबसूरती का असल आनंद लेना है तो यहां अक्टूबर से मार्च के बीच जाइये।

बद्रीनाथ

उत्तराखंड के चमोली में स्थित बद्रीनाथ एक धार्मिक केंद्र होने के अलावा एक बेहद खूबसूरत जगह भी है। ये कहना अतिशोक्ति न होगी की ये स्थान एडवेंचर के शौक़ीन लोगों का मक्का है।

क्या ख़ास है बद्रीनाथ में

जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं बद्रीनाथ एक धार्मिक स्थल होने के अलावा एक बेहद खूबसूरत जगह है तो ऐसे में जब आप यहां जाएं तो आप ट्रेकिंग और रस्सी के सहारे ऊंची चोटियों पर चढ़ना मत भूलिए साथ ही आप के ऊबड़ खाबड़ रास्तों पर मोटर साइकिल अवश्य चलाएं। यहां ऐसे रास्तों पर गाडी चलाने का अपना एक अलग ही सुख है।

केदारनाथ

केदारनाथ उत्तराखण्ड के रूद्रप्रयाग जिले में स्थित है। यह स्थान समुद्रतल से 3584 मीटर की ऊँचाई पर गढ़वाल हिमालय में स्थित है। केदारनाथ मन्दिर को हिन्दुओं के पवित्रतम गंतव्यों (चार धामों) में से एक माना जाता है और बारहों ज्योतिर्लिंगों में से सबसे ऊँचा यहीं पर स्थित है।

क्या करें केदारनाथ में

केदारनाथ एक धार्मिक गंतव्य है। केदारनाथ आने के लिये मई से अक्टूबर के मध्य का समय आदर्श माना जाता है क्योंकि इस दौरान मौसम काफी सुखद रहता है तो इस दौरान आप यहां कई साड़ी रोचक गतिवधियों में हिस्सा ले सकते हैं और अपने साहस और कौशल का परिचय दे सकते हैं। सोनप्रयाग जोकि बासुकी और मन्दाकिनी नदियों का संगम स्थल है आप यहां अवश्य जाएं। ये स्थान केदारनाथ से 19 किमी की दूरी पर और 1829 मी की ऊँचाई पर स्थित है तो यदि आप चाहे तो आप ट्रेकिंग कर यहां जा सकते हैं ।

अंडमान

भारत की सब से बड़ी अपतटीय यूनियन टेरेटरी है, जो भारत के दक्षिण में और बंगाल की खाड़ी के बीच है। 8000 वर्ग कि.मी में फैला यह द्वीप अपनी प्राकृतिक सौन्दर्य के कारण कई सैलानियों को अपनी छुट्टियाँ बिताने के लिए मजबूर करता है। अंड़मान और निकोबार दो अलग द्वीप है जो एक दूसरे से केवल 10 डिग्री नोर्थ लेटिटूड़ की दूरी पर है।

क्या करें अंडमान में

यहाँ आपको नीला समुन्द्र आपके रोमांच और साहस को दावत देता दिखाई देगा यहाँ सैलानियों को स्कूबा डाइविंग का मौका मिलता है, जिसमें वे पानी के नीचे बसे कई जीव और अन्य प्रकार के पौधे देखते हैं। तो यदि आप अंडमान में हों तो स्कूबा डाइविंग, राफ्टिंग और स्विमिंग कर गहरे समुन्द्र को एक्सप्लोर जरूर करें हमारा वादा है आप इस एडवेंचर को कभी भूल नहीं पाएंगे।

लक्षद्वीप

लक्षद्वीप जो पहले लक्कादीवस के नाम से जाना जाता था, 39 द्वीपों और छोटे द्वीपों का एक समूह है, जो तेजी से एक पर्यटक आकर्षण बन गया है, विशेष रूप से ये जगह उन लोगों के लिए जो प्रकृति को पसंद करते हैं और एकंतमय सूरज और रेत के आस पास छुट्टी मनाने का विचार कर रहे हैं।

क्या करें लक्षद्वीप में

यहाँ घूमने आने वालों के लिए मछली पकड़ना अपनी थकान दूर करने के लिए एक शानदार तरीका है जिसके चलते लक्षद्वीप में मछली पकड़ने के लिए कई अवसर प्रचलित हैं। लक्षद्वीप आने वालों के लिए स्कूबा डाइविंग हमेशा ही एक लोकप्रिय पर्यटक गतिविधि रही है। सबसे अनुभवी गोताखोरों द्वारा लक्षद्वीप को गोताखोरी करने के लिए सबसे पवित्र स्थानों में से एक जाना जाता है या ये भी कहा जा सकता है की ये गोताखोरों का मक्का है। भारी मात्रा में रीफ, प्रचुर मात्रा में समुद्री जीवन विशेष रूप से गेम फिश और समुद्री कछुओं और कुशल प्रशिक्षकों द्वारा डाइविंग ये सब वो कारण है जो इस जगह को और स्थानों से अलग और जुदा बनाते हैं इन्ही कारणों से ये घूमने के लिए एक आदर्श जगह है।

गोवा

गोवा का शुमार हिंदुस्तान की सबसे पॉपुलर जगहों में है, प्रायः ये देखा जाता है कि जब भी गोवा का ज़िक्र होता है तो जो पहली बात गोवा के बारे में हमारे दिलो दिमाग में आती है वो है वहाँ की पार्टी, बीच फन और नाइट लाइफ लेकिन इसके अलावा भी गोवा अपने में बहुत कुछ लिए हुए है।

क्या करें गोवा में

पार्टी और फन के अलावा गोवा में ऐसा भौत कुछ है जो पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है यहां आप जेट-स्कीस, बनानाराइड्स पैरा ग्लाइडिंग और पैरासेलिंग का मज़ा ले सकते हैं।

रूमटेक

रूमटेक, घने जंगलों से घिरा हुआ एक शहर है जो सिक्किम की राजधानी गंगटोक शहर से 23 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह टाउन यहां स्थित रूमटेक मठ के कारण विश्‍व भर में प्रसिद्ध है, रूमटेक मठ तिब्‍बती बौद्ध धर्म के बीच अत्‍यधिक लोकप्रिय है।

क्या करें रूमटेक में

बर्फ से ढकी पहाडि़यों के सांस थाम लेने वाले दृश्‍य और हरियाली भरे जंगल इस स्‍थल को पर्यटकों के निहारने के लिए आदर्श बनाते हैं। रूमटेक शहर आगंतुकों को अच्‍छे - अच्‍छे पर्यटन स्‍थलों पर सैर करने का अवसर प्रदान करता है और पर्यटक यहां आकर एक दिन के टूर में आसपास के क्षेत्रों में भी भ्रमण कर सकते हैं।

स्पीति

स्पीति हिमाचल प्रदेश के उत्तर-पूर्वी भाग में एक दूरस्थ हिमालय की घाटी है। स्पीति का मतलब है 'बीच की जगह', इस नाम का कारण तिब्बत और भारत के बीच इसका अपना स्थान है। यह जगह बहुत ही उच्च ऊंचाई पर स्थित है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए लोकप्रिय है। स्पीति क्षेत्र अपनी बौद्ध संस्कृति और मठों के लिए प्रसिद्ध है।

क्या रोमांचक है स्पीति में

स्पीति और उसके आसपास के क्षेत्र भारत में सबसे कम आबादी वाले क्षेत्रों में माना जाता है। भोटी स्पीति की क्षेत्रीय भाषा है। क्ये मठ स्पीति का एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है। यह भारत में सबसे पुराना मठ है। पर्वत बाइकिंग और याक सफारी जैसे साहसिक कार्य क्षेत्र के लोकप्रिय आकर्षण हैं।

हेमिस

हेमिस, जम्‍मू और कश्‍मीर में स्थित एक लोकप्रिय पर्यटन स्‍थल है जो लेह से दक्षिण-पूर्व की ओर 40 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह जगह पर्यटकों के लिए सबसे अच्‍छा गंतव्‍य स्‍थल है जहां वह प्रकृति की गोद में उत्‍तम समय बिता सकते है। यहां का हेमिस मठ या गोम्‍पा मठ लोगों के बीच खासा लोकप्रिय है।

क्या करें हेमिस में

हेमिस में पर्यटकों द्वारा करने के लिए भौत कुछ है। आप यहां ट्रेकिंग, रॉक क्लाइम्बिंग, माउंटेन बाइकिंग का आनंद ले सकते हैं साथ ही यदि आपको पशु पक्षियों में दिलचस्पी हो तो आप हेमिस राष्‍ट्रीय उद्यान, जो दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा नेशनल पार्क है जहां बर्फ में पाई जाने वाली लिओपार्ड, हिरण, मकाऊ, लाल भेडि़यां, गिद्ध और गोल्‍डन ईगल जैसे कई जानवर भी देख सकते हैं।

सरचु

जम्‍मू कश्‍मीर राज्‍य में स्थित सरचु को सर भूम चुन के नाम से भी जाना जाता है जो हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बीच की सीमा पर स्थित है। सरचु, बारालच्‍चाला के दक्षिणी और लाचुलुंग के उत्‍तरी सिरे पर बसा हुआ है जिसकी समुद्र तल से ऊंचाई 4290 मीटर है।

ऋषिकेश

ऋषिकेश, जिसे देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है, देहरादून जिले का एक प्रमुख तीर्थस्थान है। पवित्र गंगा नदी के तट पर स्थित इस स्थान का हिन्दू समुदाय में बहुत अधिक धार्मिक महत्व है। प्रतिवर्ष, पूरे देश भर से भारी संख्या में पर्यटक इस स्थान के धार्मिक स्थलों, महान हिमालय को देखने तथा गंगा नदी में डुबकी लगाने आते हैं। हिमालय की तलहटी में स्थित ऋषिकेश कई हिन्दू देवी-देवताओं का घर है।

क्या करें ऋषिकेश में

तीर्थयात्रियों के अलावा यह स्थान साहसिक गतिविधियों में रुचि रखने वाले लोगों को भी आकर्षित करता है। चूँकि शहर पहाड़ों के बीच स्थित है इसलिये यह ट्रेकिंग के लिये अनुकूल है। क्षेत्र के लोकप्रिय ट्रेकिंग मार्गों में गढ़वाल हिमालय क्षेत्र, बुवानी नीरगुड, रूपकुण्ड, कौरी दर्रा, कालिन्दी थाल, कनकुल थाल और देवी राष्ट्रीय पार्क शामिल हैं। फरवरी से अक्तूबर के मध्य का समय इस क्षेत्र में ट्रेकिंग के लिये सर्वश्रेष्ठ होता है। इसके अलावा यह जगह एक और साहसिक गतिविधि रिवर राफ्टिंग के लिये भी आधार है। पेशेवरों की देखरेख में यात्री इस जल क्रीड़ा का आनन्द ले सकते हैं। ऋषिकेश में अपने ठहराव के दौरान यात्री नदी को पार करने की रोचक साहसिक क्रीड़ा का भी आनन्द ले सकते हैं। इस खेल के तहत लोगों को रस्सियों पर चलते हुये नदी को पार करना होता है।

English summary

Adventure spots in india

Due to its diverse geography and a myriad of cultures, coupled with the popularity of adventure sports adventure tourism in India has become quite popular. Backpacking, or light travel, is a popular way to explore India. Many of those who have previously visit will describe the visit as not having been a holiday but an adventure.
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