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भारत में 'जलकी' की एकमात्र भूमि: बारातांग द्वीप!

अंडमान के बारातांग द्वीप में प्रकृति के अद्भुत और विचित्र खूबसूरती की खोज कर अपने यात्रा के मज़े लें।

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Published: Monday, October 24, 2016, 12:59 [IST]
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हम जब भी अंडमान की यात्रा पर जाते हैं, वहां के सफ़ेद बालू और नीले समुद्र के किनारे खेलना और सैर करना हमेशा पसंद करते हैं, है ना? जैसा कि आप सब को पता है कि प्रकृति में बहुत सारी ऐसी अद्वितीय और विचित्र चीजें भी हैं, जिन्हें आपके लिए देखना बहुत ही उत्साही और नया होगा। इसी तरह अंडमान का बारातांग द्वीप जहाँ अद्वितीय प्राकृतिक चीजें भरी पड़ी हैं, की यात्रा करना आपके लिए बहुत ही दिलचस्प और मज़ेदार होगा।

आप इस द्वीप तक पहुँचने के लिए अंडमान की राजधानी पोर्ट ब्लेयर से बारातांग द्वीप के लिए बस की सवारी कर सकते हैं या फिर किसी नाव की सवारी भी कर सकते हैं। आप अपनी मर्ज़ी के मुताबिक चाहे कोई भी सवारी करें, आपकी यात्रा ज़रूर ही मज़ेदार होगी।

[अंडमान निकोबार द्वीप के पर्यटक स्थल!]

बारातांग द्वीप तक पहुंचना ही अपने आप में एक साहसिक और अड्वेंचरस सफ़र होगा क्यूंकि यहाँ तक पहुँचने के लिए आपको जरावा वन आरक्षित(Jarawa Forest Reserve) क्षेत्र से गुज़ारना होगा। इस जंगल से गुज़रते समय कई सारी पाबंदियां लगी हुई हैं, क्यूंकि इस वन में जरावा जनजातियों का निवास है।

चलिए आज हम आपको इसी खास, अद्वितीय और एडवेंचर से भरे द्वीप की सैर पर ले जाते हैं, इसकी कुछ अद्वितीय तस्वीरों के साथ!

जरावा जनजाति

बारातांग द्वीप के सफ़र के दौरान बीच में पड़ने वाले जरावा जंगल में आपको जरावा जनजाति से किसी भी तरह की बातचीत या उनकी तस्वीर लेने की साफ मनाही है। दरअसल यहाँ कई घटनाएं हो चुकी हैं, जैसे इस जाति के लोगों ने एक बार पर्यटकों पर हमला कर दिया था। हालाँकि, अब वे पर्यटकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते और उनसे दूरियां भी बना कर रखते हैं।

Image Courtesy: Biswarup Ganguly

जरावा जनजाति

अगर आपकी किस्मत अच्छी हुई तो, शायद आप एक-आध जनजाति के लोगों को रास्ते में देख पाएं। इस जंगल से गुज़रने के दौरान कोई भी बस या गाड़ियां यहाँ नहीं रूकती। यह सफ़र आपको वर्षा वनों से होते हुए ले जाएगी, जो आपकी यात्रा का सबसे अच्छा और दिलचस्प भाग होगा।

Image Courtesy: Biswarup Ganguly

बारातांग द्वीप के आकर्षण

बारातांग द्वीप खास तौर पर अपने सदाबहार जंगलों, चुना पत्थर के गुफ़ाओं, कीचड़ के ज्वालामुखियों और कुछ अनजान समुद्री तटों(बीचों) जैसे, बालू डेरा तट, लालाजी बे तट, मार्क बे तट और गिटार तट के लिए प्रसिद्ध है।

Image Courtesy: Biswarup Ganguly

चुना पत्थर का गुफ़ा

चुना पत्थर का गुफ़ा बारातांग द्वीप के सबसे प्रमुख आकर्षक केंद्रों में से एक है। इस अद्वितीय गुफ़ा की यात्रा भी अपने आप में एक रोमांचक सफ़र है, जहाँ आप एक नाव द्वारा पहुँचते हैं।

Image Courtesy: Harvinder Chandigarh

चुना पत्थर का गुफ़ा

नाव की यात्रा द्वारा सदबहार वनों से गुज़रने का अनुभव ही कुछ और होगा। गुफ़ा की छत से होने वाले टपकाव के कारण जमे हुए चूने के स्तम्भ गुफ़ा को एक अलग ही दृश्य प्रदान करते हैं।

Image Courtesy: Harvinder Chandigarh

चुना पत्थर का गुफ़ा

इस तरह की गुफाएँ सबसे गहरी और सबसे विशाल मानी जाती है।

Image Courtesy: Harvinder Chandigarh

कीचड़ के ज्वालामुखी

बारातांग में स्थित कीचड़ के ज्वालामुखी भारत में अपने तरह के एक खास सक्रिय ज्वालामुखी हैं। बारातांग घाट से ये लगभग 4 किलोमीटर के आसपास ऊपर की ओर स्थित हैं। 

Image Courtesy: mamta tv

कीचड़ के ज्वालामुखी

यहाँ ऐसे 8 ज्वालामुखी स्थित हैं। यहाँ के स्थानीय निवासी इसे 'जलकी' कहते हैं।

Image Courtesy: Harvinder Chandigarh

पैरट द्वीप

पैरट द्वीप, बारातांग में अन्य आकर्षणों के साथ एक प्रमुख आकर्षण है जो खासकर की अपने सूर्यास्त के नज़ारे के लिए लोगों के बीच प्रसिद्ध है। एक लंबे सफ़र के बाद यहाँ पहुँच कर शांत समुद्र में सूरज को डूबता हुए देखना सबसे अद्भुत अनुभव होता है।

Image Courtesy: Harvinder Chandigarh

बारातांग द्वीप पहुँचें कैसे?

बारातांग द्वीप, अंडमान निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर से लगभग 160 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह सड़क परिवहन और जल परिवहन से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

Image Courtesy: Harvinder Chandigarh

बारातांग द्वीप पहुँचें कैसे?

बस द्वारा: पोर्ट ब्लेयर से बारातांग बस यात्रा द्वारा पहुँचने में लगभग 3 घण्टे का समय लगता है। कुछ सरकारी बसें, पर्यटक बसें और निजी कैब्स इस द्वीप तक आपको पहुंचाएंगी।

Image Courtesy: Harvinder Chandigarh

बारातांग द्वीप पहुँचें कैसे?

अन्य परिवहन है, नाव परिवहन जो आपको निलांबर घाट से बारातांग घाट तक पहुंचाएगी।

Image Courtesy: Biswarup Ganguly

English summary

In the Unexplored Baratang Island in Andaman! भारत में 'जलकी' की एकमात्र भूमि: बारातांग द्वीप!

Reaching Baratang itself is an adventure as you have to pass through Jarawa Forest Reserve. There are a lot of restrictions while passing the forest reserve as it is a home to the ancient Jarawa Tribe.

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