यों का मजा..तो इन छुट्टियों यहां जरुर जायें
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चाहिए शोर शराबे से मुक्ति..तो जायें भारत के इन गाँवों में

भारत गाँवों का देश है..यहां की मिट्टी और हवा की बात ही अलग होती है..भले ही आज भारत शहरीकरण में तब्दील होता जा रहा है। लेकिन आज भी गांवों भी अपनी एक अलग ही बात है।

Written by: Goldi
Updated: Monday, August 14, 2017, 15:48 [IST]
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भारत गाँवों का देश है..यहां की मिट्टी और हवा की बात ही अलग होती है..भले ही आज भारत शहरीकरण में तब्दील होता जा रहा है। लेकिन आज भी गांवों भी अपनी एक अलग ही बात है।

यूं तो भारत में कई गांव है...जो अपनी खूबसूरती के चलते पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं...लेकिन आज मै आपको अपने आर्टिकल से उन गांवों के बारे में बताने जा रहीं हूं...जहां की आबादी महज 100 से 500 के बीच है।

स्वर्ग से कम नहीं हैं..भारत के ये गांव

शहर की भीड़भाड़ से दूर प्रकृति की गोद में बसे इन गांवों में आप आज भी जाकर खुली सांस में ताज़ी हवा खा सकते हैं...तो बिना देरी किये मै आपको भारत के बेहद कम आबादी वाले और खूबसूरत गांवों की सैर कराती हूं.......

हा,अरुणाचल प्रदेश

अरुणाचल प्रदेश स्थित हां जीरो के पास स्थित बेहद ही छोटा सा ट्राइबल गांव है...जोकि समुद्री स्तर से 4780फीट की ऊंचाई पर स्थित है..यह कुरुंग कुमी जिले के लॉन्गिंग कोलिंग (पिपोरांग) में स्थित एक बेहद ही शांत गांव है। यहां आप प्राकृतिक सुंदरता के साथ साथ भगवान शिव को समर्पित प्राचीन मींगा गुफाओं के दर्शन भी कर सकते हैं। इस गांव की कुल आबादी करीब 300 है।

कांजी, लेह, जम्मू और कश्मीर

समुद्र तल से 12,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित कांजी लेह जिले में स्थित एक छोटा गांव है। कारगिल से ड्राइव या फिर ट्रैकिंग के जरिये पहुंचा जा सकता हैं। कांजी कांजी नदी के किनारे स्थित है।इस गांव की कुल आबादी करीब325 है। यह गांव कारगिल पास के पास स्थित है।

स्कुरु, नुब्रा घाटी, जम्मू और कश्मीर

52 घरों के इस छोटे से गांव तक पहुंचने का सबसे अच्छा (और शायद केवल) तरीका सस्पोस्टे से 4 दिन के लिए ट्रेक करना है। लेह से जीप द्वारा सस्पोस्टे तक पहुंचा जा सकता है...और एक बार जब आप राकुरुक नदी की घाटी को पार करते हैं तो स्कुरू के गर्म लोग आपसे अपने घरों और दिलों को खोलेंगे। यह गांव करीब 10,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित है..जब आप यहां ट्रेक कर पहुंचेंगे तो यहां की खूबसूरती देख सारी थकान चुटकियों में दूर हो जाएगी...यहां के लोग बेहद ही दयालु होते हैं...गांववाले यहां वाले पर्यटकों को खाना के साथ सभी सुविधाएँ मुहैय्या भी कराते हैं ।इस गांव की कुल आबादी करीब 250 है। यह गांव खरदुंग ला पास के पास स्थित है।

संकरी, उत्तरकाशी

77 घरो वाले इस गांव को ट्रैकिंग बेस कैम्प के रूप में पर्यटकों के बीच जाना जाता है...यहां आने वाले ट्रेकर्स के लिए गेस्ट हाउस आदि भी मौजूद है...गांव वाले यहां पअतिथियों का काफी आदर सत्कार करते हैं।
संकरी कई ट्रैकिंग डेस्टिनेशन का बेस कैम्प है... इस गांव की कुल आबादी करीब 270 है। यह गांव मसूरी से 153 की दूरी पर स्थित है।

लोसर, स्पीति, हिमाचल प्रदेश

स्पीति जिले के गेटवे गांव, लॉसर एक शांत खेती वाला गांव है, जिसमें एक छोटा ढाबा है जो काली चाय और घर के पके हुए भोजन की सुविधा देता है। इस गांव की कुल आबादी करीब328 है। यह गांव मनाली से145 की दूरी पर स्थित है।

 

 

शांषा, लाहौल, हिमाचल प्रदेश

शांषा केलंग से करीब 27 किलोमीटर दूर 72 घरों का एक गांव है। यह गांव टांडी-किश्तवाड़ सड़क के पास स्थित है, यह गांव ट्रेकर्स के लिए आराम करने का डेस्टिनेशन है शांषा में एक बेहद ही खूबसूरत ग्रेन हाउस है..जोकि करीब 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।यहां दूर दूर तक फैली अथाह प्राकृतिक खूबसूरती मन को काफी शांत करती है...अगर आप ऑफिस की भागम भाग जिन्दगी के कुछ पल सुकून के चाहते हैं..यहां जरुर आये। इस गांव की कुल आबादी करीब 350 है। शांषा की दूरी मनाली से करीब 125 किमी है।

 

English summary

explore smallest village of india hindi

India is huge, vast and incomprehensibly rich in culture. There are many, many villages in India where less than 100 people live. In their isolation and simplicity they maintain a sanctuary for those who are tired of the modern life.
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