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लोधी गार्डन- इतिहास और प्रकृति का संगम

लोधी गार्डन भारत की नई दिल्ली में स्थित एक पार्क है। इस गार्डन का क्षेत्रफल 90 एकड़ है जिसमे मोहम्मद शाह का मकबरा, सिकंदर लोदी का मक़बरा, शीश गुंबद और बारा गुंबद जैसी प्राचीन स्मारके मौजूद है।

Written by: Goldi
Updated: Thursday, March 16, 2017, 14:05 [IST]
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भारत की नई दिल्ली में स्थित एक पार्क है। इस गार्डन का क्षेत्रफल 90 एकड़ है। यहां सिर्फ पेड़ पौधे ही नहीं बल्कि कई एतिहासिक और प्राचीन स्मारके मौजूद है। इस पार्क का निर्माण लोधियों द्वारा 15वीं सदी की वास्तुकला का काम किया गया है, लोधी वे थे जिन्होंने उत्तरी भारत और पंजाब के कुछ हिस्सों पर और पाकिस्तान के नवीन युग के खैबर पख्तूनख्वा पर वर्ष 1451 से 1526 तक शासन किया था। अब इस स्थान को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षण प्राप्त है। इस बगीचे में आकर आप खुद को प्रकृति के साथ इतिहास के बारे में भी काफी कुछ जान सकते हैं।

लोधी गार्डन का नाम पहले लेडी विलिंगटन पार्क हुआ करता था। लेडी वेलिंगटन वेलिंगटन के मार्क्वेस की पत्नी थी, जो उस समय ब्रिटिश शासन के दौरान भारत के गवर्नर-जनरल थे। लेकिन अब इसका नाम लोधी गार्डन रख दिया गया है।
ये दिल्ली शहर के दक्षिणी मध्य इलाके में बना हुआ एक सुन्दर उद्यान है।

इस बगीचे का पुन:निर्माण 1968 अमेरिकी आर्किटेक्ट जोसेफ एलन स्टीन और गेटेट एको द्वारा किया गया था।ये गार्डन दिल्ली की खान मार्किट और सफदरजंग मकबरे के मध्य स्थित है और ये दिल्लीवासियों की मॉर्निंग वाक का हॉटस्पॉट भी है ।

इस बगीचे में चार स्मारक मौजूद है..जिनमे मोहम्मद शाह और सिकंदर लोदीकी कब्र पर राजवंश के वास्तुशिल्प देखने को मिलती है है जिसका निर्माण 15 वीं सदी में किया गया था। मोहम्मद शाह का मक़बरा इस बगीचे में जिसे सन 1444 में अला-उद-दीन आलम शाह द्वारा मोहम्मद शाह की श्रद्धांजलि के रूप में बनाया गया था।

मूल रूप से लोधी गार्डन एक गांव था जिसके इर्द गिर्द 15वीं एवं 16वीं सदी के सैय्यद और लोदी वंश की स्मारके बनी हुई थी। सं 1936 में अंग्रेजो ने इसगांव को दुबारा बसाया। ब्रिटिश राज के दौरान, इसे लेडी विलिंगडन के लिए आरक्षित कर दिया गया था, लेडी विलिंगडन भारत के गवर्नर जनरल की पत्नी थी और बाद में इसका नाम 'लेडी विलिंगडन पार्क' रख दिया गया, लेकिन सन 1947 में स्वतंत्रता के बाद इसे लोधी गार्डन नाम दे दिया गया।
 

मोहम्मद शाह का मकबरा

 मोहम्मद शाह का मकबरा उनके बेटे अलाउद्दीन आलम शाह ने 1444 ईस्वी में बनवाया था। मोहम्मद शाह के शासन काल के दौरान सरहिंद के अफगान सूबेदार बहलोल लोधी ने पंजाब के बाहर अपने प्रभाव को बढाकर स्वतंत्र कर लिया था।  दौरान मोहम्मद शाह के पुत्र अलाउद्दीन आलम शाह दिल्ली के शासन का भार अपने एक साले ओर शहर पुलिस अधीक्षक का भार दूसरे साले पर छोड़कर बदायूं चले गए। उसके बाद ही बहलोल लोधी ने सन 1451 में सिंहासन पर कब्ज़ा कर लिया। 
PC: wikipedia.org 

शीश गुम्बद

शीश गुम्बद का अर्थ है काँच का गुम्बद। इसके निर्माण में उपयोग की गई चमकदार टाइलों के कारण इसका ये नाम पड़ा। गुम्बद में एक ऐसे परिवार के अवशेष हैं जिनकी पहचान ज्ञात नहीं है। शीश गुम्बद को भी सिकन्दर लोधी के शासनकाल में बनवाया गया था। PC: wikipedia.org

सिकन्दर लोधी का मकबरा

सिकन्दर लोधी के इस मकबरे को उनके पुत्र द्वारा सन् 1517 ईस्वी में बनवाया गया था। यह एक मंच पर स्थित साधारण सी चतुर्भुजाकार संरचना है जिसपर बाबर द्वारा इब्राहिम लोधी की हार की गाथा को गुदवाते हुए इसका अंग्रेजों द्वारा जीर्णोद्धार किया गया था। PC: wikipedia.org

अठपुला

सिकंदर लोधी के मकबरे से पूर्व कुछ दुरी पर एक सात मेहराबों वाला एक सेतु है जिसे नाल पर बनाया गया है। इसके बीच के मेहराब का फैलाव सबसे अधिक है। इस पुल में आठ खंबे है, जिसे मुग़ल शासन काल के दौरान बनवायागया था। इस पुल का निर्माण मुग़ल बादशाह अकबर के शासन काल (1556-1605) के दौरान नवाब बहादुर ने करवाया था। 
PC: wikipedia.org 

बड़ा गुम्बद

अपने नाम के अनुसार यह एक बड़ी गुम्बज है और पास में स्थित तीन गुम्बदों वाली मस्जिद के द्वार के रूप में कार्य करती है। गुम्बद और मस्जिद, दोनों को इस जगह के तत्कालीन शासक सिकन्दर लोधी द्वारा सन् 1494 ईस्वी में बनवाया गया था। PC: wikipedia.org

टिप्स

लोधी गार्डन सुबह 6am बजे से शाम 7pm बजे तक खुलता है।गार्डन में प्रवेश करने के लिए किसी भी प्रकार के शुल्क नहीं देना होता है। लोधी गार्डन परिसर में आप फोटोग्राफी भी कर सकते है। 
PC: wikipedia.org 

  

English summary

get-to-know-more-about-lodi-gardens

Lodhi Garden is a city park located in Delhi. It has great architectural works of 15 century. The construction of the great work took place under the Lodhi reign. You will find the garden between Khan Market and Safdarjung tomb.
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