यों का मजा..तो इन छुट्टियों यहां जरुर जायें
सर्च
 
सर्च
 

नारायण धाम-सखा सुदामा संग विराजते है श्री कृष्ण

जन्माष्टमी स्पेशल में मै आज आपको एक ऐसे मंदिर के बताने जा रही हूं..जहां कृष्णा अपनी किसी पत्नी के साथ नहीं बल्कि सखा सुदामा के साथ विराजते हैं।

Written by: Goldi
Updated: Monday, August 14, 2017, 15:54 [IST]
Share this on your social network:
   Facebook Twitter Google+ Pin it  Comments

जन्माष्टमी स्पेशल में मै आज आपको एक ऐसे मंदिर के बताने जा रही हूं..जहां कृष्णा अपनी किसी पत्नी के साथ नहीं बल्कि सखा सुदामा के साथ विराजते हैं। जी हां, इस मंदिर को नारायण धाम के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर में 5000 हजार पुराने दो दोस्तों की पूजा होती है।

भारत की अनसुनी जगह..जो दर्शाती है इतिहास को

नारायण धाम उज्जैन में महिदपुर तहसील से करीब 9 किमी. दूर है। वैसे तो यह श्री कृष्ण का मंदिर है पर दुनिया का यह ही एकमात्र मंदिर है जिसमें श्री कृष्ण अपने मित्र सुदामा के साथ में यहां विराजते हैं।

krishna-sudama-temple-Narayan Dham-ujjain

नारायण धाम मंदिर में आप कृष्ण-सुदामा की अटूट मित्रता को पेड़ों के प्रमाण के तौर में भी देख सकते हैं। कहा जाता है कि,नारायण धाम ये पेड़ उन्हीं लकड़ियों से फले-फूले हैं जो श्रीकृष्ण व सुदामा ने एकत्रित की थी।

भारत के हजार साल पुराने मंदिर

मंदिर का महत्व
भगवान श्रीकृष्ण शिक्षा ग्रहण करने उज्जैन स्थित गुरु सांदीपनि के आश्रम में आए थे, ये बात तो सभी जानते हैं। यहां उनकी मित्रता सुदामा नाम के गरीब ब्राह्मण से हुई थी। श्रीमद्भागवत के अनुसार एक दिन गुरु माता ने श्रीकृष्ण व सुदामा को लकडियां लाने के लिए भेजा। आश्रम लौटते समय तेज बारिश शुरू हो गई और श्रीकृष्ण-सुदामा ने एक स्थान पर रुक कर विश्राम किया।

मान्यता है कि नारायण धाम वही स्थान है जहां श्रीकृष्ण व सुदामा बारिश से बचने के लिए रुके थे। इस मंदिर में दोनों ओर स्थित हरे-भरे पेड़ों के बारे में लोग कहते हैं कि ये पेड़ उन्हीं लकड़ियों के गट्ठर से फले-फूले हैं जो श्रीकृष्ण व सुदामा ने एकत्रित की थी।

krishna-sudama-temple

कैसे पहुंचे नारायण धाम?
उज्जैन से मक्सी-भोपाल मार्ग (दिल्ली-नागपुर लाइन), उज्जैन-नागदा-रतलाम मार्ग (मुंबई-दिल्ली लाइन) द्वारा आप आसानी से उज्जैन पहुँच सकते हैं।

कैसे पहुंचे?
उज्जैन-आगरा-कोटा-जयपुर मार्ग, उज्जैन-बदनावर-रतलाम-चित्तौड़ मार्ग, उज्जैन-मक्सी-शाजापुर-ग्वालियर-दिल्ली मार्ग, उज्जैन-देवास-भोपाल मार्ग आदि देश के किसी भी हिस्से से आप बस या टैक्सी द्वारा यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। उज्जैन से नारायण धाम जाने के लिए टैक्सी व अन्य साधन आसानी से मिल जाते हैं।

English summary

krishna-sudama-temple-Narayan Dham-ujjain

Krishna Sudama friendship, the temple dedicated to Krishna temple in India where so many such that its distinctive feature. One such temple is located at some distance from Ujjain in Madhya Pradesh.
Please Wait while comments are loading...