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दिल्ली में कमल मंदिर नहीं देखा तो क्या देखा

दिल्ली की भागमभाग जिन्दगी में अगर आप शांति की तलाश कर रहें हैं तो पहुंच जाइए कमल मंदिर

Written by: Goldi
Updated: Monday, May 8, 2017, 9:03 [IST]
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दिल वालो की दिल्ली एक बेहद ही खूबसूरत शहर है..दिल्ली, प्राचीनता और आधुनिकता का सही संयोजन है, जो आज एक उद्योगिक गोले की जादुई दुनिया बन गई है। अधिकारिक रूप से नेशनल कैपिटल टेरिटोरी (एन सी टी) डेल्ही को, हिंदी में दिल्ली कहा जाता है।

इस मंत्रमुग्ध कर देने वाली नई और पुरानी दिल्ली के मिश्रण में, आपको भारत का इतिहास, संस्कृति और विस्मित चीजों का संकलन मिलेगा। यह केवल देश की राजधानी ही नहीं बल्कि राजनीतिक गतिविधियों की भी राजधानी है, जो इसे एक रमणीय स्थान बनाते हैं और पर्यटन पारखियों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

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अभी तक हमने आपको अपने लेखो के जरिये दिल्ली के कई ऐतिहासिक इमारतो से रूबरू कराया, इसी क्रम में आज हम आपको बताने जा रहें है कमल मंदिर के बारे में..जिसे हम सभी लोटस टेम्पल के नाम से जानते हैं।

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यह मंदिर सभी धर्मों के लिए खुला है, मुस्लिम सिख ईसाई आदि सभी धर्मों के एकता का प्रतीक के रूप जाना व माना जाता है। यहाँ सभी धर्मों के लोग उपासना करते है। इसी कारण इसे एक अलग पहचान मिली हुई है।

कमल के आकार का मंदिर

इस मंदिर का आकार कमल के फुल की तरह है क्योकि कमल को शांति, शुद्धता, प्यार और पवित्रता का प्रतिक माना जाता है। 
PC: wikimedia.org

कब हुआ था निर्माण?

लोटस टेम्पल का निर्माण 1986 में पूरा हुआ था। यह अपने फुल जैसे आकार के लिये प्रसिद्ध है। इस मंदिर का उद्गाटन 25 दिसम्बर 1986 में हुआ था। इसकी आकृति कमल जैसी होने के कारण इसको कमल मंदिर या लोटस टेम्पल कहा जाता है। PC: Abdul Hannan Faruqi

700 इंजीनियर्स ने बनाया

कमल मंदिर को तक़रीबन 700 इंजिनियर, तकनीशियन , कामगार और कलाकारों ने मिल कर बनाया।मंदिर में एक समय में एक साथ 2400 लोग आ सकते है।PC: Sajin nijas

9 तालाब से घिरा है

यह मंदिर तक़रीबन 40 मीटर लंबा और 9 तालाब से घिरा हुआ है। 
PC:JarrahTree 

कमल मंदिर

इस ईमारत में 27 खड़ी मार्बल की पंखुड़ियाँ बनी हुई है जिसे 3 और 9 के आकार में बनाया गया है, और साथ ही इसके प्रवेश हॉल में 9 दरवाजे भी बनाये गये है जो तक़रीबन 40 मीटर के है और इस हॉल में तक़रीबन 2400 लोग एकसाथ आ सकते है। PC: wikimedia.org

बिना मूर्ति होती है पूजा

इस मंदिर में किसी भी धर्म की कोई भी मूर्ति इत्यादि नहीं है। और यहाँ पर किसी प्रकार का कोई पूजा पाठ इत्यादि नहीं किया जाता है। यहाँ पर विभिन्न धर्मो से सम्बंधित विभिन्न लेख पढ़े जाते है। यहाँ पर शांत वातावरण है जो प्रार्थना व ध्यान में सहायक है। PC:Bijay chaurasia

ध्यान के लिए है उत्त्तम

यहाँ दर्शन करने व घूमने के अलावा हजारो लोग प्रार्थना व ध्यान करने भी आते है। यहाँ पर निर्धारित समय पर प्रार्थना सभाए होती है। प्रार्थना हर घण्टे में 5 मिनट के लिए आयोजित की जाती है।PC: sailko

कमल मंदिर

बहाई समुदाय बहुत सी सुविधाये भी प्रदान करता है, जो भी लोग उनके इन कामो में रूचि रखते है वो इनमे भाग ले सकते है। इन सुविधाओ में बच्चो की क्लासेज, जूनियर यूथ क्लासेज, डेवोशनल मीटिंग और स्टडी सर्किल शामिल है। PC:Niteshjha1

कमल मंदिर

मंदिर में हर साल तक़रीबन 4 मिलियन से भी ज्यादा पर्यटक आते है और सरासर लगभग 10000 लोग रोज़ आते है। PC:Ruth Fitts

खुलने का समय

गर्मियों में- गर्मियों में सुबह 9.30 बजे खुलता है एवं शाम को वापस 6.30 बजे बंद होता है।
सर्दियों में- यह समय सुबह 10.00 से शाम को 5.00 बजे तक होता है।
PC:Parthapakray 

कहां है?

लोटस टेम्पल दिल्ली में कालका जी मंदिर के पास है तथा यह नेहरू प्लेस के पीछे है। PC: Susant purohit

कैसे आयें

बस द्वारा
भारत के कई राज्यों से सीधी बसे दिल्ली आती है। ये बसे दिल्ली में अलग अलग जगह पर रूकती है। वहां से पर्यटक लोटस टेम्पल आने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था टेक्सी जीप इत्यादि करनी पड़ती है। अतः टेक्सी इत्यादि की बजाय आप मेट्रो रेल से भी आ सकते है। मेट्रो त्वरित, सुविधाजनक व ए.सी. युक्त है। कालका मंदिर के पास मेट्रो स्टेशन है। कालका जी मेट्रो स्टेशन से लोटस टेम्पल आप चल कर भी आ सकते है। 
PC:Badaldutt09 

ट्रेन द्वारा

दिल्ली में दो मुख्य रेलवे स्टेशन है। दिल्ली रेलवे स्टेशन पुरानी दिल्ली में। तथा न्यू दिल्ली रेलवे स्टेशन पहाड़गंज, कनॉट प्लेस के पास दिल्ली में। दिल्ली में एक निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन भी है जो सुरेंदर नगर के दक्षिण में है। 
PC: AHLN 

हवाई जहाज द्वारा

दिल्ली में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। यहाँ कई कम्पनियो के हवाई जहाज देश विदेश में जाने की सुविधा प्रदान करते है। यहां पर्यटक टैक्सी और मेट्रो द्वारा आसानी से पहुंच सकते हैं।PC: Arian Zwegers

 

English summary

lotus temple travel guide

The famous Lotus Temple is situated at Mandir Marg of South Delhi. Lotus Temple is one of the major tourist attractions of New Delhi.
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