रोमांच से भरपूर है लेह लद्दाख की मारखा घाटी ट्रेकिंग
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लखनऊ से नैनीताल रोड ट्रिप: जानें क्या है खास झीलों के नगर नैनीताल में

तालों का ताल नैनीताल नैनीताल लखनऊ से 385 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है...लखनऊ से नैनीताल रोड ट्रिप करने के लिए तीन रूट है।

Written by: Goldi
Updated: Monday, February 6, 2017, 11:47 [IST]
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तालों का ताल नैनीताल हर मौसम में टूरिस्ट को अपनी ओर आकर्षित करता है। जैसे गर्मियों में ठंडा मौसम तो वहीं सर्दियों में बर्फबारी और विंटर स्पोर्ट्स सैलानियों को अपनी ओर जैसे खींच लेता हैं।नैनीताल में चारों ओर खूबसूरती बिखरी है। यहां सैर-सपाटे के लिए दर्जनों जगहें हैं, जहां जाकर पर्यटक मंत्र-मुग्ध हो जाते हैं। लखनऊ से नैनीताल की दूरी महज 385 किलोमीटर है। कई बार फैमिली के साथ नैनीताल जाने का प्रोग्राम बना लेकिन सफल नहीं हो सका। एक दिन ऐसे ही दोस्तोके साथ बैठे बैठे नैनीताल जाने का प्लानिंग कर डाली।

यात्रा- लखनऊ से नैनीताल
उचित समय- जनवरी से दिसम्बर
पहुँचने का समय- लगभग आठ घंटा
कितने दिन- तीन दिन

जरुरी सामान
ऊनी कपड़े
छाता
सन्सक्रीम
जेबकतरों से सावधान

लखनऊ से नैनीताल जाने के लिए तीन रस्ते हैं-

रूट 1
लखनऊ-सीतापुर-अम्बेडकर नगर-बरेली-रुद्रपुर-पटनानगर-हल्द्वानी-नैनिताल। अगर आप इस रूट को फॉलो करते हैं तो आप 8 घंटे 43 मिनट की में 385 किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंच जायेंगे नैनीताल।

रूट 2
लखनऊ-उन्नाव-कन्नौज-फरुखाबाद-अम्बेडकर नगर-बरेली-रुद्रपुर-पटनानगर-हल्द्वानी-नैनिताल। अगर आप इस रूट को फॉलो करते हैं तो आप 7 घंटे 57 मिनट की में 415 किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंच जायेंगे।

रूट 3
लखनऊ-सीतापुर-लखीमपुर-गोला गोकर्णनाथ-पीलीभीत-हल्द्वानी-नैनिताल।अगर आप इस रूट को फॉलो करते हैं तो आप 8 घंटे 1 मिनट की में 377 किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंच जायेंगे नैनीताल।

हमने रूट नम्बर 3 का चयन किया । नैनीताल जाने की प्लानिंग के दूसरे दिन ही हम सभी सुबह जल्दी उठ गये और और 6 बजे हमने लखनऊ से अपनी नैनीताल ट्रिप की यात्रा शुरू की।

लखनऊ से नैनीताल निकलने बाद जब हम सीतापुर पहुंचे तो हमें जोरो की भूख लगने लगी।इसलिए हम सभी पहुंच गये स्पर्श होटल एंड रेस्तरां जोकि नेशनल हाइवे 24 पर स्थित है। यहां हमने अपनी पेट पूजा की और निकल पड़े अपनी मंजिल की ओर।

इस बीच हमने दो जगह अपनी गाड़ी और रोकी और नाश्ता पानी किया। इतना ही नहीं इस बीच हम सबने जमकर रोड साइड सेल्फिज भी क्लिक की।करीबन दो बजे हम अपनी मंजिल यानी नैनीताल पहुंच गये।

नैनीताल जाने का प्रोग्राम अचानक से बना जिस कारण हम सब अपने लिए होटल बुकिंग नहीं कर सके। इसलिए हमें नैनीताल में होटल ढूंढने में खासा दिक्कत हुई। नैनीताल में आपको होटल काफी वाजिब दामों पर मिल जाएगा जैसा की हमारे साथ हुआ हमें होटल काफी अच्छे दामों पर मिल गया।

जिसके बाद हम सभी ने आराम किया।आराम करने के बाद हम सभी ने नानक रेस्तरां में नाश्ता किया और निकल पड़े नैनीताल घूमने।नैनीताल में घूमने को काफी कुछ है तो आइये एक नजर डालते है स्लाइड्स पर

नैना देवी का मंदिर

नैना देवी का मंदिर नैनी झील के किनारे पर ही बना यह मंदिर नैना देवी के मंदिर के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है नैनी देवी के नाम पर ही इस शहर का नाम नैनीताल रखा गया। इस मंदिर की अपनी अलग महत्ता है जहाँ दूर दूर से श्रद्धालु नैनी देवी के दर्शन करने आते हैं।

नैनी झील

नैनी झील नैनीताल शहर के बीचों बीच बनी एक प्राकृतिक झील है। यहाँ के मनोरम दृश्य मनमोह लेने वाले होते हैं। अगर आप नैनीताल आना चाहते हैं तो यहाँ अवश्य आइयेगा। यहाँ आप बोटिंग का भरपूर लुफ्त उठा सकते हैं।

नैनापीक

नैनीताल की सात चोटियों में 2611 मीटर ऊंची चाइना पीक सबसे ऊंची चोटी है। चाइना पीक की दूरी नैनीताल से लगभग 6 किलोमीटर हैयहां से नैनीताल झील और शहर के भी भव्य दर्शन होते हैं। यह ट्रेकिंग के लिए बेहद लुभावनी जगह है। इस चोटी की ऊंचाई पर पहुंचकर नैनीताल के खूबसूरत नज़ारे बेहद रोमांचक लगते हैं।

स्नो व्यू

नैनीताल से तक़रीबन दो या ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्नो व्यू पॉइंट एक रमणीक स्थल है। यहाँ से आप पर्वतों की विशाल चोटियों के अद्भुत नज़ारों को देख सकते हैं। यहाँ पैदल तो चढ़ा ही जा सकता है लेकिन घोड़ों की भी उत्तम व्यवस्था है।

रोपवे (उड़न-खटोला)

रोपवे (उड़न-खटोला) का सफर बेहद रोमांचक और एडवेंचर है। अगर आप नैनीताल आना चाहते हैं तो रोपवे की सवारी अवश्य कीजियेगा। रोपवे से आप स्नो व्यू, मल्लीताल आदि जगह जा सकते हैं।

सातताल

नैनीताल में 7 तालों की खूबसूरत जगह को 'सातताल' के नाम से जानते हैं। यह सातताल नैनीताल से तक़रीबन 22 या 23 किलोमीटर की दूरी पर है। यहाँ आकर आप प्रकृति के स्पर्श को महसूस कर सकते हैं।

नौकुचियाताल

यूँ तो नैनीताल झीलों का शहर है ही उनमे से नौकुचियाताल भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। इस झील के बारे में कहा जाता है कि इसमें 9 कोने हैं इसलिए नौकुचियाताल के नाम से जाना जाता है। यहाँ आप पैराग्लाइडिंग का लुफ्त भी उठा सकते हैं।

घुड़सवारी

अगर आपको घुड़सवारी का शौक है तो आप नैनीताल में हॉर्स राइडिंग का जमकर मजा ले सकतें हैं। यहां बारापत्थर से घोड़े किराए पर लेकर टूरिस्ट्स नैनीताल की अलग-अलग चोटियों की सैर करते हैं। शहर के अंदर घुड़सवारी अब पूरी तरह से वर्जित है।

राजभवन

इंग्लैंड के बकिंघम पैलेस की तर्ज पर बनाए गए राजभवन का निर्माण अंग्रेजों ने उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के गवर्नर के रहने के लिए किया था।अब यहां उत्तराखंड के राज्यपाल का निवास है और राज्य के अतिथि भी यहां आकर ठहरते हैं। दो मंजिला इमारत में 113 कमरे हैं। यहां शानदार गार्डन, गोल्फ लिंक, स्वीमिंग पुल, झंडीदार मोदी हाइट्स, मुंशी हाइट्स जैसी जगहें राजभवन में देखने योग्य हैं।

चिड़ियाघर

यह चिड़ियाघर नैनीताल आये पर्यटकों को अपनी और लुभाता है। खासकर के बच्चों के लिए यह एक बेहतरीन जगह है। यहाँ काला चीता, बाघ, भालू, हिरनजंगली बिल्ली आदि जानवर देखे जा सकते हैं। इसके आस-पास का नज़ारा बेहद खूबसूरत दिखाई देता है।

जरुर ट्राई करे कुमाऊं खाना

अगर आप खाने के शौक़ीन है तो खाने में वैरायटी की तलाश करते हैं टी नैनीताल आपके लिए बेस्ट हैं।यहां आप कुमाऊं की कई सारी डिशेज आजमा सकते है जैसे पापड़ की सब्जी, झोली भात, भांग की चटनी,भथुए का परांठा,मद्वे की रोटी, रस भात, आलू के गुटके,कुमाऊंनी रायता,मडुए की रोटी,सिसौंण का साग,गहत की दाल,झिंगोरा या झुंअर की खीर,बाल मिठाई ।

शॉपिंग

नैनीताल में शॉपिंग के लिए ज्यादा कुछ तो नहीं है लेकिन आप यहां से गर्म कपड़े जरुर खरीद सकते हैं।

English summary

lucknow to Nainital travel guide

Nainital, also known as the 'Lake District of India', is located in the Himalayan Belt. It is situated amidst the Kumaon Hills and is blessed with beautiful lakes.
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