यों का मजा..तो इन छुट्टियों यहां जरुर जायें
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इस गर्मी हो जाये पूर्वोत्तर भारत की एक सैर...

उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बाद आज मै आपको अपने लेख के जरिए पूर्वोत्तर भारत के बारे में बताने जा रही हूं। उत्तर पूर्वी भारत की ऐसी अनदेखी जगह है जिसे सभी इग्नोर कर देते हैं।

Written by: Goldi
Updated: Wednesday, April 19, 2017, 12:37 [IST]
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उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बाद आज मै आपको अपने लेख के जरिए पूर्वोत्तर भारत के बारे में बताने जा रही हूं। उत्तर पूर्वी भारत की ऐसी अनदेखी जगह है जिसे सभी इग्नोर कर देते हैं।

गर्मियां की छुट्टियाँ भी होने वाली है..अगर आपको इन छुट्टियों में कुछ नया करना चाहते हैं...तो इस बार उत्तर पूर्वी भारत की सैर जरुर करें।

क्या आप जानते हैं...कोलकाता के इस मिनी चाइना टाउन के बारे में? 

पूर्वोत्तर में असम सहित 7 राज्य हैं और ये 7 बहनों के रूप में जाने जाते हैं। असम के अलावा बाकी 6 बहनें मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा और मिजोरम हैं।

दोस्तों! क्या आप जानते हैं इस गोवा के बारे में

पूर्वोत्तर भारत में में असीम प्राकृतिक सुन्दरता के साथविशाल घाटी, शानदार नदी और जमी हुई झीलों को निहार सकते हैं। पूर्वोत्तर में एंट्री लेने के लिए गुवाहटी बेस्ट प्लेस हैं..सैलानी गुवाहटी बस, ट्रेन और हवाईजहाज आदि से आराम से पहुंच सकते हैं।यहां आराम से घूमा जा सकता है।तो आइये बिना देरी किये जानते हैं पूर्वोत्तर भारत में घूमने की जगह

काजीरंगा नेशनल पार्क

मध्य असम में बसा काजीरंगा नेशनल पार्क पूर्वी भारत के अंतिम छोर का ऐसा पार्क है जहां इंसान नहीं रहते। 430 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला यह पार्क एक सींग वाले गैंडे का सबसे बड़ा आवास है क्योंकि काजीरंगा का प्राकृतिक परिवेश हरे-भरे जंगलों से भरा हुआ है। यहां आने वाले पर्यटक इस पार्क में बाघ, हाथी, चीते, भालू, लंगूर, जंगली बिल्ली, भेड़िया और अजगर आदि देख सकते हैं। 
PC:Peter Andersen 

देव पर्वत खंडहर

देव पर्वत खंडहर गोलाघाट जिले में नुमालीगढ़ से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के करीब है। इसके अलावा देव पहाड़ (दो पहाड़ियों) के रूप में जाना जाने वाला, देव पर्वत खंडहर पहाड़ीकी चोटी पर पुरातात्विक खंडहर के लिए प्रसिद्ध है।  

पनीखेती

पनीखेती काजीरंगा नेशनल पार्क से चार घंटे की दूरी पर स्थित एक छोटा सा गांव है जोकि, ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसा हुआ है।नदी के किनारे बैठकर यहां की खूबसूरती को देखना अपने आप के सुकून भरा एहसास आपको प्रदान करेगा।

सौल्कुची

सौल्कुची पनीखेती से एक घंटे की दूरी पर स्थित है। यह जगह भारत के रेशम आधारित वस्त्र निर्माण का केंद्र है। सौल्कुची में हर साल रोइंग प्रतियोगिता आयोजित की जाती है।

मजौली

मजौली असम का सबसे लोकप्रिय पर्यटन आकर्षण है। माजुली न सिर्फ नदी से बना विश्व का सबसे बड़ा द्वीप है, बल्कि यह असम में नए वैष्णव धर्म का केन्द्र भी है। माजुली पर्यटन थोड़ा छोटा हो सकता है, पर यह
बेहद जीवंत है। एक ओर जहां ब्रह्मपुत्र नदी इसकी प्राकृतिक सुंदरता में बढ़ोत्तरी करती है, वहीं दूसरी ओर सतरा इसे सांस्कृतिक पहचान दिलाता है।

निमती घाट रोड

निमती घाट रोड मजौली से 15 किमी की दूरी पर स्थित है.. यहां बस या टैक्सी से पहुँचने में 30 मिनट का समय लगता है। आप यहां पहुंचकर आसपास फैली खूबसूरती को निहार सकते हैं और फेरी यानि नाव में घूमकर इस घाट का लुत्फ भी उठाया जा सकता है।

जीरो

जीरो ह्म्म्म ये नाम आपको सुनने को अजीब जरुर लगेगा लेकिन यह अरुणाचल प्रदेश में स्थित एक शहर का नाम है जोकि ईटानगर से तकरीबन 167 कि.मी की दूरी पर है। यह एक बेहद ही खूबसूरत जगह है...यहां अमूमन तापमान जीरो से कम ही रहता है।यहां आपको दूर दूर तक हरे भरे पहाड़ बर्फ से ढके हुए नजर  आयेंगे।PC: wikimedia.org

नागालैंड

प्राकृतिक सुन्दरता के कारण नागालैंड को 'पूरब का स्विटजरलैंड' भी कहा गया है। सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण, नागालैंड पर्यटकों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं। अगर साफ़ शब्दों में कहा जाये तो नागालैंड की यात्रा
आपको वास्तव में माँ प्रकृति की गोद में ले जाएगा। PC:Khamo88

दीमापुर

दीमापुर, नगालैंड के लिए प्रवेश द्वार है।एक समय में यह साम्राज्‍य की समृद्ध राजधानी थी, आज भले ही यह राज्‍य की राजधानी नहीं है, लेकिन यहां का इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर और यहां की सुविधाएं किसी राजधानियों में उपलबध सुविधाओं से कम नहीं हैं।

दजुको घाटी

दजुको घाटी नागालैंड दजुको का मतलब अंग्मानी भाषा में होता है ठंडा पानी। दजुको घाटी के बारे में यूं तो ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन ये नागालैंड का छुपा हुआ पर्यटक स्थल है। यह घाटी अपनी खूबसूरती के
लिए लोगो के बीच लोकप्रिय होती जा रही है। 
PC: Mongyamba  

मेघालय

भारत के पूर्वोत्तर कोने पर स्थित मेघालय उत्तरी और पूर्वी दिशाओं में असम से घिरा है तथा इसके दक्षिण और पश्चिम में बंगला देश के मैदान हैं। खासी और जेंतिया पहाडियों की ऊंची श्रृंखला में एक ठण्‍डा और खुशनुमा मध्‍यम प्रकार का मौसम रहता है जबकि ठण्‍ड के मौसम में यहां अच्‍छी ठण्‍ड होती है।PC:Kdmasterdas

मावलिनोंग

मावलिनोंग को एशिया के सबसे स्वच्छ गांव के नाम से जाना जाता है। यह एक बेहद ही खूबसूरत जगह है।

द्वाकी

द्वाकी चेरापूंजी से ढाई घंटे की दूरी पर स्थित है। अगर आप पूर्वी उत्तर भारत की सैर पर हैं तो द्वाकी की सैर करना कतई ना भूले ।
PC:Sandeep.barkaley 

सेवेन सिस्टर फाल

अगर अप मेघालय में हैं तो सेवेन सिस्टर फाल देखना तो कतई ना भूले..यह झरना इतना खूबसूरत है कि.अप इसको देखने के बाद इसकी खूबसूरती के कायल हो जायेंगे ।  PC: Prasun bhardwaj 2106

शिलोंग

हरे घने जंगल, अनुपम प्राकृतिक छटा, बादलों से ढंके पहाड़, फूलों से आती मीठी-मीठी खूशबू, मिलनसार लोग और औपनिवेशिक मेहमान नवाजी के अलावा उस दौर की निशानियां शिलांग पर्यटन की खासियत है। एक ओर जहां शिलांग हरयाली से अटा पड़ा है, वहीं दूसरी ओर शहर की भागम-भाग वाली जिंदगी शिलांग पर्यटन को बहुआयामी बना देती है।
PC: Surabhi1108 

शिलांग पीक

शिलांग पीकः समुद्र तल से करीब 1900 मीटर ऊंची शिलांग पीक शिलांग की सबसे ऊंची चोटी है।यहां से आप पूरे शहर का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। यह शहर का एक ऐसा पर्यटन स्थल है, जहां सबसे ज्यादा पर्यटक आते हैं। ऐसा माना जाता है कि इसी पर्वत के कारण इस शहर का नाम शिलांग पड़ा। PC: Aniruddha83809

पुलिस बाजार

अब अगर शिलांग घूमने गए ही हैं तो शॉपिंग करने के लिए पुलिस बाजार भी जरूर होकर आएं। पुलिस बाजार शिलांग का मेन मार्केट है. लकड़ी के सामान और सर्दी के कपड़ों की शॉपिंग यहां अच्छी हो सकती है। साथ
ही खाने-पीने के लिए भी आपको यहां अच्छे विकल्प मिल जाएंगे।

 

English summary

/places-to-visit-in-north-east-india

Northeast India is one of the last vantages of unexplored India. With an exceptional array of places to visit - from gushing waterfalls, to sprawling valleys, glittering rivers and frozen lakes; the so called "seven-sisters" that make up the region, tend to surprise even the better travelled among us.
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