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एशिया के सबसे पहले हरे-भरे गाँव, खोनोमा की खूबसूरत यात्रा!

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Updated: Thursday, September 29, 2016, 11:34 [IST]
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जब भी हम रोज़ की अस्त व्यस्त ज़िन्दगी से तंग आ जाते हैं, तो यही कल्पना करते हैं कि दूर कहीं किसी ऐसे देश या जगह पर चले जाएँ जहाँ बस हम और हमारी शांति हो और हमारे मनपसंद के कुछ लोग जिनके साथ पूरी ज़िन्दगी आप सुकून भरे पलों के साथ बिता सकें। आपको पता है, आपकी यह कल्पना सच भी हो सकती है? जी हाँ, आपकी इस कल्पना को सच में बदलते हुए, हम आपके लिए ऐसी जगह की जानकारी और तस्वीर लेकर आये हैं जो आपकी कल्पना से भी ऊपर है और आपके अपने देश भारत में ही है, एशिया का सबसे पहला हरा-भरा गाँव, कोहोमा।

नागालैंड राज्य की राजधानी कोहिमा से लगभग 20 किलोमीटर ही दूर स्थित यह गाँव यहाँ के जंगली पौधे, गलौथरा फ्रैगरेंटिसिमा के अंगामी शब्द ख्वुनोरिया के नाम से भी जाना जाता है। लगभग 700 सालों पुराना यह गाँव 123 स्क्वायर किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यहाँ की जनसँख्या लगभग सिर्फ 3000 है, जो यहाँ के 600 घरों में निवास करती है।

कोहोमा की दिलचस्प बात यह है कि यह अपने एक यूनिक तरह से खेती करने के लिए सबसे ज़्यादा प्रसिद्द है, जिसमें पुराने सीढ़ीदार खेती के तरीके भी शामिल हैं। चलिए ऐसी ही कुछ अन्य जानकारियों के साथ चलते हैं कोहोमा की निर्मल सुंदरता की सैर पर।

कोहिमा कैसे पहुँचें?

खोनोमा

नागालैंड की राजधानी कोहिमा से बस 20 किलोमीटर ही दूर, खोनोमा गाँव ने देश व एशिया का सबसे पहला हरा भरा गाँव होने का गौरव प्राप्त किया है।

Image Courtesy: Rita Willaert

खोनोमा

यहाँ पर की जाने वाली खेती बाकि जगह होने वाली खेती के तरीकों से बिल्कुल अलग और यूनिक है। यहाँ के खेती के तरीके में सीढ़ीनुमा खेती भी शामिल है।

Image Courtesy: Official Website

खोनोमा

यहाँ की लगभग 3000 जनसँख्या, यहाँ के कुल 600 घरों में निवास करती है।

Image Courtesy: Official Website

खोनोमा

अब तक प्रारंभिक पारिस्थितिकी के अध्ययन से इस गाँव के जंगलों में जंगली फल के 84 प्रकार , जंगली सब्जियों की 116 प्रकार, मशरूम के नौ किस्मों, और प्राकृतिक रंगों के पांच प्रकार के लिए 70 से अधिक सहित लगभग 250 पौधों की प्रजातियों के होने को रिकॉर्ड किया गया है।

Image Courtesy: Rita Willaert

खोनोमा

करीब सौ साल पहले अंग्रेजी सैनिकों को आगे बढ़ने से पहले नागालैंड के हाइलैंड्स में एक निर्धारित योद्धा जनजाति का सामना करना पड़ा था।

Image Courtesy: Rita Willaert

खोनोमा

खोनोमा के अंगामी पुरुष अपने मार्शल कौशल और रणनीतिक कौशल के लिए प्रसिद्द हैं। उनहोंने विदेशी सैनिकों के खिलाफ़ दृढ़ता से लड़ाई लड़ उनको भारी क्षति पहुंचाई।

Image Courtesy: Rita Willaert

खोनोमा

खोनोमा में सन् 1890 ईसवीं में ईसाई धर्म का प्रचलन शुरू हुआ और आज के समय में, यहाँ सबसे ज़्यादा ईसाई धर्म को मानने वाले लोग हैं।

Image Courtesy: Official Website

खोनोमा

यहाँ 100 से भी ज़्यादा जनजाति के जंगली जानवर, स्तनधारी जीव और पक्षी देखने को मिलते हैं।

Image Courtesy: Vijay Anand Ismavel

खोनोमा

यहाँ के लोगों का मूल कार्य शिकार करना होता है। यहाँ बाँस की 19 से भी ज़्यादा प्रकार की प्रजातियां पायी जाती हैं जो यहाँ के निवासियों के रोज़मर्रा के कामों में सहायक होती हैं।

Image Courtesy: Rita Willaert

खोनोमा

खोनोमा गांव के घर एक दूसरे से सटे हुए छोटे पहाड़ियों की ढलानों पर बहुत ही सुन्दर तरीके से बनाये होते हैं।

Image Courtesy: Rita Willaert

 

खोनोमा

स्थानीय निवासियों ने यहाँ लगभग 205 प्रजाति के पेड़ों, 45 प्रजाति के आर्किड फूलों और 11 प्रकार के केन्स की जनजातियों के होने का दावा किया है।

Image Courtesy: Official Website

खोनोमा

गाँव के हर घरों के दरवाज़े पर आप एक खास तरह का सींग लटका हुआ पाएंगे जो उनके सहस और उनसे उनकी होने वाली रक्षा के भाव को दर्शाता है।

Image Courtesy: Rita Willaert

खोनोमा

गाँव में हर साल सेकरेन्यी पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, जिसमें गाँव के मूल निवासी अपने पारंपरिक वेशभूषाओं में सजते हैं।

Image Courtesy: Official Website

खोनोमा गाँव पहुंचें कैसे?

सड़क यात्रा द्वारा: नागालैंड की राजधानी, कोहिमा भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों से के अन्य प्रमुख शहरों से आसानी से जुडी हुई है। कोहिमा पहुँच आप किसी भी निजी वाहन द्वारा 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित खोनोमा गाँव पहुँच सकते हैं।

Image Courtesy: Official website

खोनोमा गाँव पहुंचें कैसे?

रेल यात्रा द्वारा: कोहोमा से सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन दीमापुर है जो गुवाहाटी रेलवे लाइन से अच्छी तरह जुडी हुई है। गुवाहाटी भारत के किसी भी अन्य मुख्य शहरों से आराम से पहुंच जा सकता है।

Image Courtesy: Rita Willaert

खोनोमा गाँव पहुंचें कैसे?

हवाई यात्रा द्वारा: खोनोमा गाँव से सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन दीमापुर हवाई अड्डा है, जहाँ पहुँच आपको पहले कोहिमा तक का 2 घंटे का सफर तय करना होगा। कोहिमा पहुँच आप किसी भी निजी वाहन द्वारा खोनोमा गाँव पहुँच सकते हैं।

Image Courtesy: Rita Willaert

खोनोमा गाँव पहुंचें कैसे?

नोट: नागालैंड की यात्रा करने से पहले आपको यहाँ प्रवेश परमिट प्राप्त करना होगा।

Image Courtesy: Rita Willaert

English summary

A trip to A Very First Green Village of Asia, Khonoma! एशिया के सबसे पहले हरे-भरे गाँव , खोनोमा की खूबसूरत यात्रा!

Khonoma village is located about 20 km from the state capital, Kohima. The village, referred to as Khwunoria (named after the Angami term for a local plant, Glouthera fragrantisima), is estimated to be around 700 years old and is spread over an area of 123sq.km. The total population of the village is about 3000, settled in 600 households.
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