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रोमांचक त्रिउंड ट्रेक की सम्मोहक यात्रा!

सपनों से खूबसूरत त्रिउंड ट्रेक की सम्मोहक यात्रा में खो जाइये!

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Updated: Tuesday, November 15, 2016, 11:41 [IST]
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हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियां हमेशा से ही देश-विदेश के पर्यकों को अपनी ओर खींच ले जाती है। इन पर्यटकों और यात्रियों में कई ऐसे भी लोग होते हैं जिन्हें रोमांचक सफ़र का बहुत ज़्यादा शौक होता है। अपनी हर यात्रा में हर क्षेत्र में वे कोइ न कोई रोमांचकारी कार्य ढूंढ ही लेते हैं। और अगर आप रोमांच के शौक़ीन होने के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश की यात्रा पर हैं तो फिर इससे अच्छी बात और क्या होगी।

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ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों, वादियों से घिरा प्रकृति का मनोरम दृश्य लोगों के मन में एक अलग एहसास जगाता है। जहाँ नज़र घुमाओ वहीं प्रकृति की खूबसूरती एक नए नज़रिये से देखने को मिलती है। इन्हीं खूबसूरती के बीच कितना मज़ेदार होगा एक ट्रेकिंग वाला सफर, है ना? जी हाँ आज हम यहाँ आपको ले जाने वाले हैं ऐसे ही एक खूबसूरत ट्रेकिंग पर जो आपकी हिमाचल की यात्रा में एक नए अनुभव और उत्साह को और रंगीन बनायेगी।

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आज चलेंगे हम त्रिउंड के ट्रेकिंग पर। त्रिउंड, हिमाचल प्रदेश का ऐसा ट्रेकिंग सफ़र है जो हर एक रोमांच पसंद करने वालों को अपनी ओर आकर्षित करता है। झरनों पहाड़ों के साथ होता हुआ यह ट्रेकिंग सफ़र आपको प्रकृति के हर रंग से रूबरू कराता है।

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तो चलिए करते हैं त्रिउंड की रोमांचक यात्रा वहां की कुछ खूबसूरत और उत्साहित करती तस्वीरों के साथ।

त्रिउंड ट्रेक

त्रिउंड, हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले में स्थित एक छोटे से हिल स्टेशन के रूप में जाना जाता है, जो धर्मकोट हिल स्टेशन का ही एक भाग है।

Image Courtesy: Travelling Slacker

त्रिउंड ट्रेक

धौलाधार पर्वत की तलहटी पर बसा यह क्षेत्र लगभग 2,828 मीटर की ऊंचाई पर बसा हुआ है।

Image Courtesy: Ashish Gupta

त्रिउंड ट्रेक

त्रिउंड ट्रेक का यह सफ़र शुरू होता है मेकलॉडगंज से जो तिब्बत की निर्वासित सरकार की राजधानी है। बौद्ध मठों और बौद्ध भिक्षुओं की इस नगरी से ही खुलता है त्रिउंड का रास्ता।

Image Courtesy: sanyam sharma

त्रिउंड ट्रेक

त्रिउंड ट्रेक मेकलॉडगंज से होते हुए गालु मंदिर से 6 किलोमीटर की दूरी से आरम्भ होता है।

Image Courtesy: Kiran Jonnalagadda

त्रिउंड ट्रेक

इस पूरे ट्रेक के दौरान आपको सुनाई देती है बौद्ध मठों की घंटियों की मधुर ध्वनि, जो धुंध और नीचे उतर आए बादलों की सतह पर तैरती प्रतीत होती है।

Image Courtesy: Kiran Jonnalagadda

त्रिउंड ट्रेक

मेकलॉडगंज के सबसे बड़े आकर्षण हैं भगसू फॉल्स और यहाँ का भगसू मंदिर। ठीक इसी झरने के ऊपर से शुरू होता है 'त्रिउंड ट्रेक' का रोमांचक सफ़र।

Image Courtesy: Ekabhishek

त्रिउंड ट्रेक

ब्रिटिश काल की यह ऐतिहासिक जगह त्रिउंड चोटी पर घास का एक खुला मैदान है। यह चारों ओर बर्फ से ढके धौलाधार के पहाड़ों से घिरा है।

Image Courtesy: Ashish Gupta

त्रिउंड ट्रेक

यह हरे-हरे घास और चारागाह की एक बड़ी भूमि है। यह एक दिन का ट्रेक आपको ऐसे अनुभव का एहसास कराएगा जो आपने कभी सोचा भी नहीं होगा।

Image Courtesy: Ashish Gupta

त्रिउंड ट्रेक

इस ट्रेकिंग के दौरान आपको रास्ते में कई दुकान मिल जायेंगे जहाँ आपके पेट भरने का जैसे मैगी और दाल चावल का अच्छा बंदोबस्त होगा।

Image Courtesy: Ashish Gupta

त्रिउंड ट्रेक

कई जगहों पर चढ़ाई के दौरान आपको यहाँ सीधी चढ़ाई मिलेगी जहाँ आपके पैर फिसलने का खतरा भी होगा। इसलिए आप आराम आराम से ही अपनी इस ट्रेकिंग के सफर को आगे बढ़ाएं।

Image Courtesy: Ashish Gupta

त्रिउंड ट्रेक

खूबसूरत पगडंडियों से होकर गुजरता रास्ता आपको हर क्षण उत्साह से भर देता है और आपकी खूबसूरत मंज़िल के और करीब ले जाता है।

Image Courtesy: Ashish Gupta

त्रिउंड ट्रेक

छोटी छोटी पगडंडियों को पार कर एक ऊंचाई पर पर्वतों के बीच पहुँचने का एक अलग एहसास आपको मिलेगा जो शायद ही आपने कभी अनुभव किया हो। प्रकृति से आपका प्यार का रिश्ता इस ट्रेक के दौरान और गहराता जायेगा।

Image Courtesy: Rignam Wangkhang

त्रिउंड ट्रेक

प्रकृति की गोद में समा सूरज के साथ छुपाछिपी का खेल खेलना भी यहाँ की मज़ेदार क्रियाओं में शामिल होता है। सूरज की अपनी पूरी चमक के साथ दिखना फिर छुप जाना यहाँ के सबसे बेशकीमती नज़ारों में से के है।

Image Courtesy: Eshank Sehgal

त्रिउंड ट्रेक

बादलों का घने जंगलों के साथ खेलना प्रकृति की मासूम खूबसूरती को बयां करता हुआ आपको राहत का एहसास दिलाता है। खूबसूरत बादलों को और करीब से जानना कैसा होता है यहाँ पहुँचते ही आपका यह सुखद एहसास भी पूरा हो जाता है।

Image Courtesy: Alok Kumar

त्रिउंड ट्रेक

ट्रेक के दौरान पहले के कुछ घंटे तो आपके लिए मज़ेदार और खूबसूरत अनुभव होंगे। पर अंतिम कुछ क्षण जब चढ़ाई थोड़ी सी कठिन होती है, कुछ प्राकृतिक अड़चनों का सामना करना होता है।

Image Courtesy: Ashish Gupta

त्रिउंड ट्रेक

त्रिउंड ट्रेक की ऊंचाई पर पहुँचने से पहले आपको 22 घुमावदार श्रेणियों को पार करना होगा। ये 22 घुमावदार श्रेणियां इस ट्रेक को थोड़ा कठिन तो बना देती हैं पर ऊँचाई पर पहुँचने के बाद ये सारी चीजें आपको लुभावनी और प्यारी लगने लगती हैं।

Image Courtesy: Ashish Gupta

त्रिउंड ट्रेक

इस रोमांचक ट्रेक को पूरा करने के लिए आपको इन 22 अड़चनों को पूरा करना ही होता है जो अपको एक विजय प्राप्त करने का सुखद एहसास दिलाते हैं।

Image Courtesy: Ashish Gupta

त्रिउंड ट्रेक

जब आप थकते हांफते त्रिउंड ट्रेक के असली और अंतिम पड़ाव पर पहुँच जाएंगे, वहां के खूबसूरत परिदृश्य को देख आपकी सारी थकान पल भर में छू मंतर हो जाएगी। वादियों की गोद में पहुँच आप उसकी सुंदरता को सराहने में इतने मशगूल हो जायेंगे कि आपको आपकी यात्रा की थकान भी याद नहीं रहेगी।

Image Courtesy: Aleksandr Zykov

त्रिउंड ट्रेक

प्रकृति की वो खूबसूरती जिसके बारे में अपने शायद ही पहले कभी कल्पना की हो, यहाँ आपको देखने को मिलेगी।

Image Courtesy: Naveenjot kaur

त्रिउंड ट्रेक

रात के समय यहाँ तारों के नीचे रंग बिरंगे टेंटों का जगमगाना आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाता है।

Image Courtesy: Alok Kumar

त्रिउंड ट्रेक

यहाँ स्थित बड़े-बड़े पत्थरों पर आप रॉक क्लाइम्बिंग का भी मज़ा ले सकते हैं, पर ये सारी गतिविधियां आप ज़रा संभल कर ही करें।

Image Courtesy: ryguywy

त्रिउंड ट्रेक

आपने यहाँ की ट्रेकिंग के वक्त चढ़ाई के दौरान कई बौद्धिक झंडों को लहराते हुए देखा होगा होगा, जो यहाँ बौद्ध धर्म की पवित्रता के प्रतीक हैं।

Image Courtesy: Evan Denno

त्रिउंड ट्रेक

त्रिउंड ट्रेक पर जाने के समय याद रखें कि आप कोई भी किसी भी तरह के कचड़े से वहां की खूबसूरती और पवित्रता को दूषित ना करें। वहां साफ़-साफ़ बोर्ड पर भी इन बातों का उल्लेख किया गया है।

Image Courtesy: Travelling Slacker

त्रिउंड ट्रेक

जैसा कि आपको पहले बताया गया कि यह चरवाहे कि भी भूमि है, कई चरवाहे अपने जानवरों के साथ यहाँ आकर अपना काम भी करते हैं और एक दूसरे के साथ फुरसत के कुछ क्षण भी बिताते हैं।

Image Courtesy: Ashish Gupta

त्रिउंड ट्रेक

यहाँ आपको इन चरवाहों के अलावा उनके साथ आये जीव जंतु, घोड़े,गाये, भेड़-बकरियां भी प्रकृति के मज़े लेते हुए दिख जायेंगे।

Image Courtesy: ptwo

त्रिउंड ट्रेक

रात अपने टेंट में आराम करके जब सुबह उनसे बाहर निकलेंगे, नज़ारा देख कुछ क्षण के लिए वहीं सहम जायेंगे। इतनी मासूम सी सुबह आपने पहले शायद ही देखी हो।

Image Courtesy: Saurabh Kumar_

त्रिउंड ट्रेक

यहाँ वादियों के मज़े लेने के दौरान सावधानी ज़रूर बरतें जो यहाँ आपको समय समय पर बोर्ड में लिखित रूप से याद दिलाये गए हैं।

Image courtesy: Ashish Gupta

त्रिउंड ट्रेक पर जाएं कैसे?

धर्मशाला जाने के लिए निकटतम हवाई अड्डा 12 किलोमीटर दूर गग्गल है।

Image Courtesy: Naveenjot kaur

त्रिउंड ट्रेक पर जाएं कैसे?

रेल मार्ग द्वारा जाना हो तो पठानकोट तक ब्रॉडगेज ट्रेन से जाकर वहां से बस या टैक्सी ली जा सकती है। पठानकोट से धर्मशाला 91 किलोमीटर है। पठानकोट से नैरोगेज रेल से कांगड़ा तक जाया जा सकता है। वहां से धर्मशाला 18 किलोमीटर दूर है।

Image Courtesy: Alok Kumar

त्रिउंड ट्रेक पर जाएं कैसे?

बस से जाने के लिए दिल्ली, चंडीगढ और पठानकोट से ढेरों बस सेवाएं उपलब्ध है। धर्मशाला से धर्मकोट के लिए टैक्सी ले सकते हैं।

Image Courtesy: Ashish Gupta

त्रिउंड ट्रेक पर कब जाएं?

त्रिउंड जाने के लिए मार्च से जून और सितंबर से दिसंबर का समय उपयुक्त है।

Image Courtesy: Arnav Gupta

English summary

A Mesmerising Trek to Triund! रोमांचक त्रिउंड ट्रेक की सम्मोहक यात्रा!

Triund is a large land of green grass and pasture like. One can see the mighty Dhauladhar ranges just above the eyes.
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