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विश्व धरोहर दिवस: वैश्विक धरोहर के मामले में भारत है नम्बर 1

आज पूरे विश्व में विश्व धरोहर दिवस मनाया जा रहा है..इसी क्रम में जानिये भारत की वैश्विक धरोहर स्थलों के बारे में

Written by: Goldi
Updated: Tuesday, April 18, 2017, 17:25 [IST]
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आज पूरे विश्व में वर्ल्ड हेरिटेज डे मनाया जा रहा है। विश्व धरोहरों के मामले में भारत का दुनिया में महत्वपूर्ण स्थान है और यहां के ढाई दर्जन से अधिक ऐतिहासिक स्थल, स्मारक और प्राचीन इमारतें यूनेस्को की विश्व धरोहर
सूची में शामिल हैं।
इस मंदिर में सबकी मनोकामना होती है पूरी...पीएम मोदी ने भी किये दर्शन 

हर साल 18 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व धरोहर दिवस 26 साल से निरंतर विश्व की अद्भुत, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के महत्व को दर्शाता रहा है। पूरी दुनिया में 981 विश्व धरोहर है जिसमे से 35 विश्व विरासत सम्पतियाँभारत में मौजूद है। 35 में से से 27 सांस्कृतिक स्म्पतियाँ,और 8 प्राकृतिक स्थल है।

हैं सेल्फी के दीवाने..तो
भारत को विश्व के उन देशों में शामिल किया जाता है, जो विश्‍वभर के टूरिस्‍टों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां की कुछ इमारतें ऐसी हैं जिन्‍हें दुनिया में कई जगह दोबारा बनाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई न कोई कमी रह ही गई।

तो आइये जानते हैं..भारत की 35 वैश्विक धरोहरों को जिन्हें विश्व धरोहर में शामिल किया गया है।

ताजमहल

ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में से एक हैं...यह यूपी के आगरा में युमना नदी के किनारे स्थित है। ताजमहल को देखने हर साल लाखों देशी और विदेशी पर्यटक इसकी खूबसूरती को निहारने चले आते हैं।इसका निर्माण कार्य 1632 में शुरु हुआ था। 21 साल तक इसमें हजारों कारीगरों ने काम किया। PC: wikimedia.org

आगरा का लाल किला

आगरा में स्थित किला को लाला किला के नाम से भी जाना जाता है,जोकि यूपी में स्थित है। वर्ष 1983 में इसे यूनेस्कों ने वैश्विक धरोहर में शामिल किया था। लाल किला ताजमहल से 2.5 किमी की दूरी पर स्थित है। यह शानदार किला यमुना नदी के किनारे के बना हुआ है।
PC: wikimedia.org  

केवला राष्ट्रीय उद्यान

केवला राष्ट्रीय उद्यान यूपी के आगरा और राजस्थान के जयपुर के बीच स्थित है।उत्तर भारत का यह उद्यान देश के राजस्थान राज्य के उत्तर पश्चिम हिस्से में स्थित है।इस राष्ट्रीय उद्यान को यूनेस्कों ने वर्ष 1985 में वैश्विक धरोहर में
शामिल किया गया था। PC: Rainer Haeßner

अजन्ता की गुफाएं

महारष्ट्र राज्य के औरंगबाद जिले में पड़ने वाली अजन्ता की गुफाएं में चट्टानों की बनी करोब 30 बौद्ध गुफा स्मारक है...गुफा में बने चित्र बौद्ध धर्म कला की प्रसिद्ध रचनायों पर आधारित है, इसमें भगवान बुद्ध को भी चित्रित किया गया है। अजन्ता की गुफाएं वर्ष 1983 में यूनेस्को की वैश्विक धरोहर में शामिल की गयी थी।PC:KRS

एलोरा की गुफाएं

एलोरा की गुफाएं महाराष्ट्र में स्थित है..इन्हें राष्ट्रकूट वंश के शासको द्वारा बनवाया गया था। ये गुफाएं हिन्दू,बौद्ध,और जैन धर्म को समर्पित है।
PC:Y.Shishido 

महाबलीपुरम का स्मारक समूह

महाबलीपुरम या मामल्लपुरम तमिलनाडु राज्य का एक ऐतिहासिक शहर है। इस शहर के समुद्र बंदरगाह से पेरिप्लस के समय के दौरान कई भारतीय उपनिवेशक दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए रवाना हुए है। महाबलीपुरम के प्राचीनअवशेष हर दिन दुनिया भर से कई पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसे यूनेस्कों ने वर्ष 1984 में वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था। PC: Ashwin Kumar

कोणार्क सूर्य मंदिर

कोणार्क सूर्य मंदिर ओड़िशा राज्य के पुरी जिले में स्थित है..यह उड़ीसा के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। कोणार्क भगवान सूर्य को समर्पित मंदिर है।इस मंदिर को यूनेस्कों ने वर्ष 1984 में वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था। PC: Kabita.singh

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान असम के गर्व में से एक है। यह उल्लेख करना जरूरी है कि यह लुप्तप्राय भारतीय एक सींग वाले गैंडे का घर है और दुनिया में बाघों की सबसे अधिक घनत्व को समयोजित करते हुए, 2006 में इसे बाघ अभयारण्य के रूप में भी घोषित किया गया। राष्ट्रीय उद्यान को वर्ष 1984 में यूनेस्को विश्व विरासत स्थल में शामिल किया गया था, यह लगभग 429.93 कि.मी के वर्ग के क्षेत्र वाला एक बड़ा उद्यान है। यह असम के दो जिलों - गोलाघाट और नोआगांव के अंतर्गत आता है।
PC:Dr. Raju Kasambe 

मानस जीव अभयारण्य

यह असम राज्य के भूटान-हिंली पर्वतमाल की तलहटी में बसा है। यह अपनी अनूठी जैव विवधता और परिद्रश्य के लिए प्रसिद्ध है। बता दें, वर्ष 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर परियोजना के तहत टाइगर रिजर्व के नेटवर्क में शामिल होने वाला यह पहला वन्यजीव अभयारण्य था। इसे सन 1985 में यूनेस्को की वैश्विक धरोहर में शामिल की गया था। PC:Gadajignesh

गोवा के चर्च और आश्रम

गोवा के चर्च ओल्ड गोवा में स्थित है..इन गिरजाघरों को 16वीं और 17वीं शताब्दी के बीच निर्माण कराया गया था..इनमे शामिल है कैथेड्रल, सैंट फ्रांसिस ऑफ़ असीसी के चर्च और आश्रम, सैंट कैथरीन चैपल, बेसिलिका और बोम जीसस, चर्च और लेडी ऑफ़ रोजरी, चर्च और सैंट, अगस्टिन।इसे वर्ष 1986 में विश्व धरोहर में शामिल किया गया था। 
PC:Anupamg 

फतेहपुर सिकरी

यूपी के आगरा में स्थित है। इसका निर्माण बादशाह अकबर ने 16वीं सदी में करवाया था। फतेहपुर सिकरी को क्रिसन 10 वर्षों तक मुगलों की राजधानी रही थी। इस समरक में भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है जामा मस्जिद भी है। इसे वर्ष 1986 में वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था।
PC:Shakti 

हम्पी के स्मारकों का समूह

यह भारत के कर्नाटक राज्य में बेंगलुरु के पास स्थित है।हम्पी अपने खंड़हरों की सुंदर वास्तुकला के अलावा अपने धार्मिक इतिहास के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां कई प्रसिद्ध मंदिर हैं जिनमें वीरूपाक्ष मंदिर, विट्ठल मंदिर और अंजनियाद्री मंदिर शामिल हैं। कर्नाटक की प्रमुख नदियों में से एक तुंगभद्रा नदी, इस शहर में बहती है, तथा इन खंड़हरों के पास एक विस्मयदायक प्राकृतिक वातावरण को प्रदान करती है। मंदिरों और प्राकृतिक दृश्यों के अलावा, यहां बड़ी खूबसूरती के साथ बनाए गए कई पानी के ताल और अन्य सार्वजनिक भवन भी हैं, जो विजयनगर के राजाओं के नगर नियोजन कौशल को दर्शाते हैं। यहां के जलसेतु और नहरें 13 से 15वीं सदी की जल प्रबंधन प्रणाली की एक झलक दिखलाते
हैं। इसे वर्ष 1986 में वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था।
PC: Klsateeshvarma 

खुजराओ मंदिर

कामसूत्र की तरह ही खजुराहो के मंदिर भी विश्वप्रसिद्ध हैं, क्योंकि इनकी बाहरी दीवारों में लगे अनेक मनोरम और मोहक मूर्तिशिल्प कामक्रिया के विभिन्न आसनों को दर्शाते हैं। इन मन्दिरों का निर्माण चन्देल शासकों ने 990 और 1130 इसवी के बीच कराया था। इसे वर्ष 1986 में वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था। PC: Liji Jinaraj

एलीफैंट की गुफाएं

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से लगभग 12 किमी दूर एलीफेंटा की गुफाएं अपनी कलात्मकता के कारण प्रसिद्ध है। पांचवीं और सातवीं शताब्दी में निर्मित यहां सात गुफाएं हैं। हालांकि 9वीं से 13वीं शताब्दी में 3वीं शताब्दी में सिल्हारा वंश के राजाओं द्वारा मूर्ति निर्माण के भी प्रमाण हैं। यहां की मुख्य गुफा में 26 स्तंभ हैं, जिसमें भगवान शिव को अनेक रूपों में उकेरा गया है। पहाड़ों को काटकर बनाई गई ये मूर्तियां दक्षिण भारतीय मूर्तिकला से प्रेरित हैं। इसे वर्ष 1987 में वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था। PC: wikimedia.org

पत्तदकल स्मारक समूह

पत्तदकल स्मारक परिसर भारत के कर्नाटक राज्य में एक पत्तदकल नामक कस्बे में स्थित है। यह अपने पुरातात्विक महत्व के कारण प्रसिद्ध है। चालुक्य वंश के राजाओं ने सातवीं और आठवीं शताब्दी में यहाँ कई मंदिर बनवाए। नों मन्दिरों की प्रभावशाली श्रंखला के साथ साथ इसमें एक जैन अभ्यारण्य भी है।इसे वर्ष 1987 में वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था। PC: Deepak Patil

महान चोल मंदिर

महान चोल मंदिर का निर्माण चोल साम्राज्य के राजायों द्वारा करवाया गया था। यह पूरे दक्षिण भारत और पडोसी द्वीपों में बना हुआ है।यह विश्‍व विरासत स्‍थल तीन महान 11वीं और 12वीं शताब्‍दी के चोल मंदिरों से मिलकर बना है: बृहदेश्‍वर मंदिर, तंजौर, गंगाईकोंडाचोलीश्‍वरम, और एरातेश्‍वर मंदिर दर सुरम। ये तीन चोला मंदिर भारत में मंदिर वास्‍तुकला के उत्‍कृष्‍ट उत्‍पादन और द्रविण शैली को दर्शाते हैं। इसे वर्ष 1987 में वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था। PC: Supraja kannan

सुंदरवन राष्ट्रीय वन

भारत के राज्य पश्चिम बंगाल में स्थित सुंदरवन 54 छोटे द्वीपों का समूह है।यह क्षेत्र मैन्ग्रोव के घने जंगलों से घिरा हुआ है और रॉयल बंगाल टाइगर का सबसे बड़ा संरक्षित क्षेत्र है। सुंदरवन रॉयल बंगाल टाइगर के विश्व प्रसिद्ध है।
इसे वर्ष 1987 में वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था।
PC: Mmkhan.mmk 

वृहदेश्वर मंदिर तंजावुर

वृहदेश्वर मंदिर तमिल वास्तुकला में चोलों द्वारा की गई अद्भुत प्रगति का एक प्रमुख नमूना है। हिंदू देवता शिव को समर्पित मंदिर, भारत का सबसे बड़ा मंदिर होने के साथ-साथ, भारतीय शिल्प कौशल के आधारस्तम्भों में से एक है। मंदिर की भव्यता व बड़े पैमाने पर इसकी स्थापत्य दीप्ति व शांति से प्रेरित होकर इसे 'महानतम चोल मंदिर' के रूप में यूनेस्को के विश्व विरासत स्थल बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। इसे वर्ष 1987 में वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था। PC: Bernard Gagnon

नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान

नन्दा देवी राष्ट्रीय उद्यान भारत के उत्तराखण्ड राज्य में नन्दा देवी पर्वत के आस-पास का इलाका है जो कि 630.33वर्ग कि॰मी॰ फैला हुआ है। इसको सन् 1988 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था।
PC:Satish botany07 

साँची का बौद्ध स्मारक

भारत में बौद्ध पर्यटकों के लिए साँची एक बेहद ही लोकप्रिय स्थान है।साँची, मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में स्थित एक छोटा सा गाँव है। यह स्थान अपने स्मारकों और बौद्ध स्तूपों के लिए प्रसिद्ध है। साँची एक टीले की तराई में स्थित है और बौद्ध स्मारकों के लिए काफ़ी विख्यात है। इसे सन् 1988 में वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था।
PC: wikimedia.org  

हुमायूं का मकबरा

दिल्ली स्थित हुमायूं का मकबरा ऐतिहासिक इमारतों में से एक है। विस्तृत क्षेत्र में फैले इस परिसर में मुग़ल कालीन की झांकी देखने को मिलती है। इसको सन् 1993 में वैश्विक धरोहर घोषित किया गया था।
PC:Sudhir Herle 

क़ुतुब मीनार

कुतुब मीनार भारत में दक्षिण दिल्ली शहर के महरौली भाग में स्थित, ईंट से बनी विश्व की सबसे ऊँची मीनार है। इसकी ... मीनार के चारों ओर बने अहाते में भारतीय कला के कई उत्कृष्ट नमूने हैं, जिनमें से अनेक इसके निर्माण काल सन 1193या पूर्व के हैं। यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर के रूप में घोषित इसमें कई संरचनायें गुलाम वंश की हैं। PC: Fred Hsu

भारत के पहाड़ी रेलवे

भारत के पहाड़ी रेलवे में तीन रेलवे रूट है- दार्जलिंग हिमालयन रेलवे,
नीलगिरी माउंटेन रेलवे, कालका शिमला रेलवे शामिल है। इसको सन् 1999 में वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था। 
PC:Nsmohan 

महाबोधि मंदिर

महाबोधि मन्दिर एक पवित्र बौद्ध धार्मिक स्थल है क्योंकि यह वही स्थान है जहाँ पर गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। पश्चिमी हिस्से में पवित्र बोधि वृक्ष स्थित है। संरचना में द्रविड़ वास्तुकला शैली की झलक दिखती है। इसे सन्
2002 मेंवै वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था। PC: Bpilgrim

भीमबटेका की गुफाएं

भीमबेटका की पहाड़ी गुफाओं को यूनेस्‍को द्वारा विश्‍व विरासत स्‍थल के रूप में मान्‍यता दी गई है जो मध्‍य प्रदेश राज्‍य के मध्‍य भारतीय पठार के दक्षिण सिरे पर स्थित विंध्‍याचल पर्वत की तराई में मौजूद हैं। भीमबेटका को भीम का निवास भी कहते हैं। PC:Dinesh Valke

चंपानेर-पावनगढ़ पुरातत्व उद्यान

चंपानेर-पावागढ़ पुरातात्विक उद्यान को 2004 में युनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया है, जो कि भारत में स्थित है। इसे इस सूची में सन 2004 में सम्मिलित किया गया था। यहां वृहत स्तर पर उत्खनित पुरातात्विक, ऐतिहासिक एवं जीवित सांस्कृतिक धरोहर सम्पत्ति की बहुतायत है, जो कि एक प्रभावशाली भूखण्ड मेंसिमटी हुई है।यहां एनी अवशेषों के साथ 8 वीं से 14वीं शताब्दी के बीच बने दुर्ग महल.हरमीक भवन, आवासीय परिसर कृषि भूमि और जल प्रतिष्ठान भी है।
PC:Sushant savla 

छत्रपति शिवाजी टर्मिनस

छत्रपति शिवाजी टर्मिनस भारत की ऐतिहासिक धरोहरों में से एक हैं..यह भारत का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन है। यह रेलवे स्टेशन दो संस्कृतियों के संगम का उत्कृष्ट नमूना है, क्योंकि इसमें ब्रिटिश वास्तुकारों ने भारतीय
कारीगरों के साथ मिलकर काम किया था,ताकि वे भारतीय वास्तुकला परम्परा और प्रतीकों को इसमें शामिल कर सकें। इसे 2007 मेंवै वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था।  PC:Altruism

जन्तर मन्त्र

जंतर - मंतर, भारत की पांच खगोलीय वेधशालाओं में से सबसे बड़ा है जिसकी स्‍थापना राजा सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा की गई थी। यह वेधशाला, यूनेस्‍को की विश्‍व धरोहर स्‍थलों की गिनती में सम्मिलित है जिसके बारे में यूनेस्‍को का कथन है कि यह वेधशाला मुगल काल के खगोलीय कौशल और ब्रह्माण्‍ड संबंधी अवधारणाओं की अभिव्‍यक्ति का सर्वश्रेष्‍ट नमूना है।इसके अलावा यहां अन्‍य उपकरण भी देखे जा सकते है जैसे- ध्रुव, दक्षिणा, नरिवल्‍या, राशिवाल्‍शया, स्‍मॉल सम्राट,
लार्ज सम्राट, द आर्व्‍जवर सीट, दिशा, स्‍मॉल राम, लार्ज राम यंत्र, स्‍मॉल क्रांति, लार्ज क्रांति, राज उन्‍नाथामसा, जय प्रकाश और दिग्‍नता। इसे 2010 में वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था। 
PC:Marcin Białe

पश्चिमी घाट

नीले समंदर का अनंत विस्तार. हरी-भरी वादियां और हिमालय से भी पुरानी पर्वत श्रृंखला। भारत का पश्चिमी का घाट सिर्फ खूबसूरत ही नहीं ऐतिहासिक महत्व का भी है। अब यह विश्व धरोहर में शामिल हैं.1600 किलोमीटर लंबे पश्चिमी घाट की गिनती दुनिया के उन आठ सबसे अहम जगहों में होती है जहां जैव विविधता सबसे ज्यादा पाई जाती है। पश्चिमी घाट की पर्वत श्रृंखलाएं भारत में मानसून के प्रवाह को भी प्रभावित करती हैं। यह पर्वत श्रृंखला गुजरात से शुरुहोकर महाराष्ट्र, कर्नाटक से लेकर गोवा और केरल तक फैली है. कन्याकुमारी पश्चिमी घाट का सबसे दक्षिणी कोना है। इसे 2010 मेंवै वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था।
PC: wikimedia.org  

राजस्थान के पहाड़ी किले

राजस्थान राज्य मने स्थित सिलसिलेवार स्थान है। इसमें छह आलिशान किले- चित्तोड़गढ़,कुम्भलगढ़, सवाईमाधोपुर,झालवार, जयपुर और जैसलमेर शामिल है। इसे 2013 में वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था।
PC: Summer khan 

रानी की बावड़ी

10-11वीं ई सदी में गुजरात की प्राचीन राजधानी रही पाटण में स्थित ‘रानी की वाव' प्राचीन वास्तुकला की एक बेजोड़ निशानी है, जिसकी तारीफ़ को शब्दों में बांधा नहीं जा सकता। इसी वजह से इस बावली को यूनेस्को द्वारा 23 जून,2014 को वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया गया था।
 

ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान

ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, जवाहर लाल नेहरू ग्रेट हिमालयन पार्क के रूप में भी जाना जाता है, कुल्लू के प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में से एक है। 50 वर्ग किमी का एक क्षेत्र में फैला, राष्ट्रीय पार्क 30 से अधिक स्तनधारियों और पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियों सहित वनस्पतियों और पशुवर्ग की प्रजातियों की एक विस्तृत विविधता का घर है। इसे 2014 मेंवै वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था।
PC: Bleezebub 

कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान

कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 1977 में की गई थी। सिक्किम में यह सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है और सिक्किम के उत्तरी जिले में 850 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है। इसके उत्तर में टेंट चोटी, पूर्व में माउंट लामो एंगडेन का रिज,दक्षिण में माउंट नर्सिंग एवं माउंट पंडिम और पश्चिम में कंचनजंगा पर्वत है। इसे 2016 मेंवै वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था। PC: Nanda ramesh

चंडीगढ़ कैपिटल कॉम्प्लेक्स

चंडीगढ़ कैपिटल कॉम्प्लेक्स भारत के चंडीगढ़ शहर के सेक्टर-1 में स्थित ली को र्बुज़िए द्वारा डिजाइन किया गया एक यूनेस्को विश्व विरासत स्थलहै। इसमें तीन इमारतें, तीन स्मारक और एक झील है, जिनमें विधान सभा, सचिवालय, उच्च न्यायालय, मुक्त हस्त स्मारक, ज्यामितीय पहाड़ी और टॉवर ऑफ शैडोज़ शामिल हैं। इसे 2016 मेंवै वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था। PC:Harvinder Chandigarh

नालंदा विश्वविद्यालय

बिहार के नालंदा जिले में बना नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय है। 450 ई. में इसकी स्थापना हुई थी। उस जमाने में यहाँ विभिन्न देशों के 10 हजार से अधिक विद्यार्थी निवास और अध्ययन करते थे। 12वीं शताब्दी में बख्तियार खलजी ने इसे तहस-नहस कर दिया था। नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना गुप्त वंश के शासक कुमारगुप्त ने की। इसे 2016 मेंवै वैश्विक धरोहर में शामिल किया गया था।
PC: wikimedia.org   

 

English summary

world-heritage-day List of World Heritage Sites in India

India is home to 35 World Heritage Sites approved by UNESCO which brings cultural and natural glory to the country.
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