आनंद धाम को श्री आनंद की स्मृति में बनाया गया है। श्री आनंद महाराज,अहमदनगर के समाजसेवी थे जिन्होने कई गरीब,बीमार और घायल लोगों की मदद की। साथ ही वह अच्छे लेखक भी थे। श्री आंनद महाराज का जन्म शिरल चिंचचौडी में हुआ था। कहा जाता है कि वह छोटी उम्र में ही आध्यात्मिक ज्ञान से भर गए थे और शिक्षा देने लगे थे।
अहमदनगर में महाराज जी द्वारा कई शिक्षा संस्थान खोले गए है जो छात्रों और आम जनता को साधारण और धार्मिक शिक्षा देते है।



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