Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » अजमेर » आकर्षण
  • 01अकबर का महल एवं संग्रहालय

    अकबर का महल एवं संग्रहालय

    अकबर का महल और संग्रहालय, 1570 ई. में बनाया गया और यह राजस्थान के सबसे मजबूत किलों में गिना जाता है। इसका प्रयोग मुगल सम्राट जहाँगीर और मुगल दरबार के अंग्रेज राजदूत सर थॉमस रो, की बैठक की जगह के रूप में किया गया था। यह महल बादशाह एवं उनके सैनिकों के लिए निवास...

    + अधिक पढ़ें
  • 02अना सागर झील

    अना सागर झील, 13 किमी के क्षेत्र में फैली है, एक कृत्रिम झील है जो पृथ्वी राज चौहान के पितामह अनाजी चौहान द्वारा निर्मित की गई थी। झील में जलग्रहण स्थानीय लोगों की मदद के साथ 1135 और 1150 ई. के मध्य बनाया गया था।

    दौलत बाग उद्यान सम्राट जहाँगीर द्वारा झील...

    + अधिक पढ़ें
  • 03अंतेड की माता मंदिर

    अंतेड की माता मंदिर

    अंतेड की माता मंदिर एक जैन मंदिर है जो दिगंबर समुदाय की पारंपरिक संस्कृति को दर्शाता है। इस मंदिर में बड़ी संख्या में छतरी और चबूतरे हैं। स्मारकों में पेंटिंग्स, नक्काशी और अन्य मूर्तियाँ हैं जो जैन समुदाय की समृद्ध परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है। रक्षाबंधन का...

    + अधिक पढ़ें
  • 04भरतपुर संग्रहालय

    भरतपुर संग्रहालय

    लोहागढ़ किले के अंदर स्थित भरतपुर संग्रहालय में अद्वितीय और पुरातन कलाकृतियाँ और पुरातात्विक संसाधन हैं। यह संग्रहालय पहले भरतपुर के शासकों का प्रशासनिक कार्यालय था और इसे “कचहरी कलां” के नाम से जाना जाता था। बाद में 1944 में इसे संग्रहालय में बदल दिया...

    + अधिक पढ़ें
  • 05मेयो महाविद्यालय एवं संग्रहालय

    मेयो महाविद्यालय एवं संग्रहालय

    मेयो महाविद्यालय की स्थापना मेयो के छठवे अर्ल द्वारा की गयी थी, जो 1869 से 1872 तक भारत के राजप्रतिनिधि (वाइसराय) थे, ताकि रियासत के शासकों को ब्रिटिश मानकों के अनुसार शिक्षा प्रदान की जा सके। अंग्रेजों ने इस विद्यालय की स्थापना, भारतीय संभ्रांत वर्ग विशेषतः...

    + अधिक पढ़ें
  • 06मांगलियावास

    मांगलियावास

    मांगलियावास दुर्लभ प्रजातियों के 800 वर्ष पुराने दो वृक्षों के लिए प्रसिद्ध है। यह राष्ट्रीय राज्यमार्ग 8 (एनएच) पर अजमेर शहर से 26 किमी. की दूरी पर ब्यावर की ओर स्थित है। वृक्ष, जो “कल्पवृक्ष” के नाम से लोकप्रिय हैं, ऐसा माना जाता है कि उन लोगों की...

    + अधिक पढ़ें
  • 07मंदिर श्री निम्बार्कपीठ

    मंदिर श्री निम्बार्कपीठ

    मंदिर श्री निम्बार्कपीठ की स्थापना खेजरली के भाटी प्रमुख, श्री शेओजी और गोपाल सिंह जी भाटी द्वारा की गई थी। इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य लोगों को तांत्रिक फ़िकिर मस्तिंग शाह के अत्याचारी व्यवहार से मुक्ति दिलाना था। इसके अलावा यह मंदिर वैष्णव सिद्धांतों का प्रचार...

    + अधिक पढ़ें
  • 08भीम बुर्ज और गर्भ गुंजन

    भीम बुर्ज और गर्भ गुंजन

    भीम बुर्ज और गर्भ गुंजन तारागढ़ किले के परिसर में स्थित पत्थर के टॉवर हैं। गर्भ गुंजन एक तोप है जो भीम बुर्ज के नीचे स्थित है। यह इतनी विशाल है कि यदि नाप को मानकर तुलना की जाए तो यह भारत में दूसरे स्थान पर आती है। जब कभी भी इस क्षेत्र में पानी की कमी होती थी तो...

    + अधिक पढ़ें
  • 09सोला खंबा

    सोला खंबा

    सोला खंबा नाम इसलिए पड़ा क्योंकि यहाँ छत को सहारा देने ले लिए 16 खंबे हैं। यह औरंगजेब के शासनकाल में बनाया गया। इसे शेख अलाद्दीन की कब्र के नाम से भी जाना जाता है और यह दरगाह शरीफ़ के बिलकुल बाहर स्थित है। इस कब्र का निर्माण संत द्वारा चार वर्षों में किया गया जो...

    + अधिक पढ़ें
  • 10अब्दुल्ला खान का मकबरा

    अब्दुल्ला खान का मकबरा

    अब्दुल्ला खान का मकबरा सफ़ेद संगमरमर से बना एक सुंदर संस्मरण है जो सैयद भाइयों ने 1710 ई. में अपने पिताजी के लिए बनवाया था। यह आयताकार मकबरा चार चरणों के साथ एक उठे हुए मंच पर स्थित है, जिसे सजावटी मेहराबों एवं चार मीनारों के साथ अलंकृत किया गया है। यह कब्र...

    + अधिक पढ़ें
  • 11अढ़ाई दिन का झोपड़ा

    अढ़ाई दिन का झोपड़ा एक मस्जिद है जिसके पीछे एक रोचक कथा है। ऐसा माना जाता है कि यह संरचना अढ़ाई दिन में बनाई गई थी। यह भवन मूल रूप से एक संस्कृत विद्यालय था जिसे मोहम्मद गोरी ने 1198 ई. में मस्जिद में बदल दिया था। यह मस्जिद एक दीवार से घिरी हुई है जिसमें 7...

    + अधिक पढ़ें
  • 12फॉय सागर झील

    फॉय सागर झील

    फॉय सागर झील एक कृत्रिम झील है जिसका निर्माण अजमेर के पास वर्ष 1892 में अंग्रेज़ वास्तुकार श्री फॉय की निगरानी में हुआ था। झील का निर्माण मूल रूप से एक सूखा राहत परियोजना के हिस्से के तहत् किया गया था, एवं यह पानी के एक महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में सेवा देती है।...

    + अधिक पढ़ें
  • 13शाहजहाँ की मस्जिद

    शाहजहाँ की मस्जिद

    शाहजहाँ की मस्जिद सफ़ेद संगमरमर की बनी हुई है जो दरगाह शरीफ के भीतरी आंगन में स्थित है। मस्जिद की संरचना में निचले तोरण मार्ग के साथ 30.5 मीटर लंबा मैदान है एवं पवित्र स्थानों पर जाली के काम के साथ नाज़ुक नक्काशियाँ हैं। मस्जिद वास्तुकला की ठेठ मुगल शैली में बनाई...

    + अधिक पढ़ें
  • 14अकबरी मस्जिद

    अकबरी मस्जिद

    अकबरी मस्जिद जो मुग़ल बादशाह अकबर द्वारा 1571 में बनवाई गई थी, दरगाह शरीफ में बुलंद दरवाज़ा एवं शाहजहानी दरवाज़े के मध्य स्थित है। लाल बलुआ पत्थर से बनी यह मस्जिद अब मोईनुआ उस्मानिया दारुल-उलूम है जो कि अरबी एवं फारसी में धार्मिक शिक्षा के विद्यालय हैं।

    इस...

    + अधिक पढ़ें
  • 15नासिया मंदिर

    नासिया मंदिर जिसे लाल मंदिर भी कहा जाता है, का निर्माण 1865 में हुआ था और यह अजमेर में पृथ्वीराज मार्ग पर स्थित है। मंदिर की संरचना दो मंजिली है जो प्रथम जैन तीर्थांकर भगवान आदिनाथ को समर्पित है। भवन दो भागों में बनता हुआ है: एक भाग जो पूजा का क्षेत्र है जहाँ...

    + अधिक पढ़ें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
03 Aug,Tue
Return On
04 Aug,Wed
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
03 Aug,Tue
Check Out
04 Aug,Wed
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
03 Aug,Tue
Return On
04 Aug,Wed