अद्भुत : हिमाचल प्रदेश से जुड़े वो दिलचस्प किस्से, जिनसे आप भी हैं अनजान


हिमाचल प्रदेश को रहस्यों की भूमि कहा जाता है, यहां एक्सप्लोर करने और कुछ नया जानने के लिए बहुत कुछ उपलब्ध है। चारों तरफ से बर्फीली घाटियों और हिमालय पर्वत श्रृंखला से घिरा यह पहाड़ी राज्य अपने अंदर कई राज समेटे हुए है, जिसके विषय में अभी तक कोई संपूर्ण जानकारी इकट्ठा नहीं कर पाया है। यहां ऐसे बहुत से प्राचीन स्थल मौजूद हैं, जिनका इतिहास पौराणिक काल से जुड़ा हुआ, और यहां कुछ ऐसी भी रहस्यमयी जगहें मौजूद हैं, जिनका सच विज्ञान पर भी भारी पड़ चुका है।

इस लेख के माध्यम से आज हम आपको हिमाचल प्रदेश के जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्यों से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद ही आपको पता है। जो आइए जानते हैं इस पहाड़ी राज्य के कुछ दिलचस्प किस्से, जो आपको चौकाने के साथ-साथ आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ाने का काम भी करेंगे।

कालका-शिमला रेलवे

PC- No machine

शिमला को सबसे अच्छी तरह जानने का तरीका है, कालका-शिमला रेलवे, जिसे हेरिटेज टॉय ट्रेन भी कहा जाता है । इसकी सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि इस रूट को माउंटेन रेलवे ऑफ इंडिया के अंतर्गत यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित किया जा चुका है। इसके नाम एक विश्व रिकॉर्ड भी दर्ज है कि यह कई हजार फीट के सबसे तेज ढलान को मात्र 96 कि.मी में कवर करती है। यह ट्रेन अपने सफर के दौरान 806 पुल, 103 सुरंगे और 18 स्टेशनों को पार करती है।

वन्य जीव अभयारण्य और उद्यान

PC- Er.ashu.88

हिमाचल प्रदेश में लगभग 33 वन्य जीव अभयारण्य और 2 राष्ट्रीय उद्यान हैं, जिनमें से ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित भी किया जा चुका है। इन वन्य क्षेत्रों में आप कई दुर्लभ वन्यजीवों को देख सकते हैं, जैसे भौंकने वाला हिरण और बर्फ में रहने वाला तेंदुआ।

मिनी इजरायल

PC- Alok Kumar

हिमाचल प्रदेश में एक ऐसा भी अज्ञात कोना है, जिसे भारत का मिनी इजरायल कहा जाता है, क्योंकि यहां देशी पर्यटकों से ज्यादा विदेशी सैलानियों का ज्यादा आगमन होता हैं, जिनमें से अधिकांश इजरायली होते हैं। राज्य में स्थित 'कसोल' भारत का एकमात्र ऐसा स्थल है, जहां इजरायली पर्यटक ज्यादा आना पसंद करते हैं।

आपको यहां वर्ष भर ये मौजूद मस्ती करते दिख जाएंगे। आपको यहां कुछ खास दुकानें भी दिख जाएंगी जहां आपको इजरायल की मूल भाषा हिब्रू में बात करते लोग दिख जाएंगे। साथ हि आपको इजरायली व्यंजन भी खाने को मिल जाएगा।

मलाना

PC- Anees Mohammed KP

हिमाचल प्रदेश में एक ऐसा भी गांव है, जिसे 'विलेज ऑफ टेबू' कहकर संबोधित किया जाता है। क्योंकि यहां बाहरी लोगों के लिए सख्त नियम बने हुए हैं कि वे गांव की न किसी दीवार को छू सकते हैं और न ही घर के किसी सामान को।

इसके अलावा यह गांव सबसे पुराने लोकतांत्रिक स्थलों में से एक के रूप में भी जाना जाता है। और दिलचस्प बात यह है कि ये यूनानी-समान के मान्यताओं को तौर-तरीको का भी अनुसरण करते हैं। ये गांववाले खुद को सिंकदर महान के वंशज मानते हैं।

आवासीय विद्यालय

हिमाचल प्रदेश में आज भी कई पुराने आवासीय विद्यालय मौजूद हैं, जिन्हें औपनिवेशिक काल के दौरान बनाया गया था। इनकी वास्तुकला आपको ब्रिटिश काल की याद दिलाने का काम करेगी। अगर आप हिमाचल आएं तो इन आवासीय विद्यालयों को जरूर देखें।

पौराणिक काल के संबंध

हिमाचल प्रदेश में कई ऐसे प्राचीन स्थल मौजूद हैं, जिनका संबंध रामायण और महाभारत काल से बताया जाता है। यहां एक जखू नामक मंदिर है, माना जाता है कि यह वो पवित्र स्थल है, जहां संजीवनी बूटी की खोज में निकले भगवान हनुमान ने थोड़ी देर विश्राम किया था। इसके आलावा यहां कुछ ऐसी भी मंदिर हैं, जिनका निर्माण पांडवों ने किया था।

स्केटिंग

पूरे एशिया में शिमला ही एकमात्र ऐसा स्थल है, जहां नेचुरल बर्फ स्केटिंग रिंक है। इसलिए, जब भी आप हिमाचल प्रदेश की यात्रा करें शिमला आकर इस रोमांचक खेल का अनुभव जरूर लें।

प्राचीन सिल्क रूट

PC- Omer Farooq

हिमाचल प्रदेश में विश्व प्रसिद्ध प्राचीन सिल्क रूट भी मौजूद है, जिसका इस्तेमाल चीन, तिब्बत, लद्दाख, कश्मीर जैसे स्थलों पर जाने के लिए होता रहा है। इस मार्ग का सहारा व्यापारी वर्ग लिया करते थे, कपास, रेशम, कई कीमती चीजों और जरूरत की वस्तुओं का आयात-निर्यात इसी मार्ग के द्वारा किया जाता था।

Have a great day!
Read more...

English Summary

There is a village in Himachal Pradesh that is addressed as 'Village of Taboo'. Because there are strict rules for the outsiders that they can not touch any wall of the village nor any household goods. Apart from this, this village is also known as one of the oldest democracies. The name of this village is malala.