कोंकालेश्वरी काली मन्दिर देवी काली को समर्पित एक मन्दिर है और यह मन्दिर की अपेक्षा आश्रम ज्यादा है। पूरे राज्य भर से लोग यहाँ पूजा और साधना के लिये आते हैं। इमारत का रखरखाव अच्छा है और परिसर के अन्दर पर्याप्त सुविधायें हैं। यह मन्दिर 2000 वर्ष पुराना है और इसमें...
रमाना पार्क मुख्य रूप से वन विभाग का कर्यालय है लेकिन यह एक प्राकृतिक पार्क और रिजर्व के रूप मे भी कार्य करता है जहाँ की विशेषता मगरमच्छ, हिरन और चीते हैं। प्रवासी और स्थानीय दोनों प्रकार के पक्षी इस रिजर्व में देखे जा सकते हैं और इसे फोटोग्राफी का शौक रखने वाले...
यह वह स्थान है जहाँ 125 किस्म के पौधे पाये जाते हैं जिनमें आम, कैज्योराइना और यूकेलिप्टस प्रमुख हैं। इस प्राणी उद्यान को 18वीं सदी के उत्तरार्ध में राजा बिजय चन्द महताब द्वारा स्थापित किया गाया था। यह पार्क दोपहर बिताने का अच्छा स्थान है। यहाँ पर आप खुले में...
शेर अफगान को बर्धमान पर मुगल शासन के आलोचक के रूप में जाना जाता है। 1610 ई0 के युद्ध के बाद उन्हें ससम्मान यहीं दफनाया गया था और राज्य भर से लोग इस समाधि पर आते हैं। अफगान शेर का मकबरा शहर के केन्द्र के समीप है।