17वीं और 18वीं शताब्दी में बने मखरला और पक्की मिट्टी के ईंटों से बने मन्दिर बिश्नूपुर पर्यटन पर हावी हैं। पक्की मिट्टी का प्रभाव यहीं समाप्त नहीं होता बल्कि शहर में इससे बने बर्तन, गहने और घरों के लिये सजावटी सामान भी मिलते हैं।
बिष्णुपुर और इसके आस-पास के पर्यटक स्थल
बिष्णुपुर के लोकप्रिय मन्दिरों में दलमण्डल कमान, नूतन महल और श्रीनिवास आचार्य का जन्म स्थान प्रमुख हैं।
त्यौहार और संस्कृति
यहाँ पर मानाये जाने वाले दुर्गा और काली पूजा देखने लायक होते हैं और शहर को विभिन्न रंगो से सजाया जाता है। पटाखे और पकवान महोत्सव इसमें चार चाँद लगा देते हैं। हर वर्ष अगस्त के महीने के आस-पास बिष्णुपुर में सर्प महोत्सव का भी आयोजन किया जाता है।
शहर की मशहूर बालूछड़ी साड़ियाँ त्यौहारों के दौरान अविश्वस्नीय किफायती दामों में बिकती हैं और हर कोई इन्हें इकट्ठा करना चाहता है। उन साड़ियों की तलाश करें जिनमें महाभारत की कथा - कहानियाँ बुनी जाती हैं।
बिष्णुपुर कैसे पहुँचें
बिष्णुपुर पश्चिम बंगाल के केन्द्र में स्थित है और यह राज्य के बाकी हिस्से से रेल तथा सड़कमार्गों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।



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