पाँच इन्द्रियों का बगीचा – इस प्रकार का अनोखा नाम क्यों? आगे पढ़िये ...
इस प्यारे से बगीचे का उपरोक्त नाम इसलिये है क्योंकि इसमें आपकी पाँचों इन्द्रियों को संतुष्ट करने के लिये कुछ न कुछ अवश्य है! कुछ रंग-बिरंगे फूल आपकी आँखों को मोहक लगते हैं, हवाओं के सनसनाने का संगीत आपके कानों को अच्छा लगेगा, स्वादिष्ट व्यञ्जन आपके जीभ को तरंगित कर देते हैं और इन व्यञ्जनों की सुगन्ध नाकों में बरबस ही घुस कर इनके प्रति आकर्षण उत्पन्न करता है और अन्त में सूरज की गुनगुनी धूप द्वारा गर्म की गई बगीचे की कुर्सियों पर आप आराम करते हुये रोमांच का एहसास कर सकते हैं।
पाँच इन्द्रियों का बगीचा नई दिल्ली के ऐतिहासिक मेहरौली इलाके के पास सैदुल अजैब गाँव में स्थित है। इस 20 एकड़ के क्षेत्र में फैले पार्क को को दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) द्वारा 10.5 करोड़ की लागत से विकसित किया गया और इसे आम जनता के लिये वर्ष 2003 में खोला गया था।
यह एक प्रसंग आधारित पार्क है जिसमें जड़ी-बूटी का बगीचा, मुगल बगीचे के विषयक पर आधारित बगीचा, जल कुमुदिनी का तालाब, सौर ऊर्जा पार्क और बाँस वाला प्राँगण शामिल हैं। दिल्ली के स्थानीय निवासियों को शांत वातावरण में आराम करने की जरूरतों को पूरा करने के उद्द्श्य से बनाया गया यह पार्क पिकनिक मनाने तथा फुरसत के पल बिताने के लिये एक आदर्श जगह है।
इसके साथ ही यहाँ स्टील की बनी चिड़ियों की लम्बी मूर्तियाँ, पत्थरों से तराशे हाथी, क्रम में लगे फव्वारे और कई अन्य अनोखी चीजें भी पाई जाती हैं। पार्क के आगे एक अलग भाग में कुछ खाने-पीने की दुकाने स्थित हैं। सभी बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुये पार्क आपकी सभी इन्द्रियों को प्रसन्न करने में सफल रहता है, चाहें तो स्वयं अनुभव करें।



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