भारत के एक हिंदू आध्यात्मिक नेता और शिक्षक बालकृष्णन मेनन द्वारा स्थापित चिन्मय तपोवन
धर्मशाला का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। इस आश्रम का नाम बालकृष्ण मेनन के गुरू स्वामी तपोवन के नाम पर पड़ा। बिंदु सरस नदी के तट पर स्थित यह स्थान चिन्मय ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण केन्द्र के लिए एक केन्द्र के रूप में कार्य करता है।
इसके अलावा यहाँ महान भारतीय महाकाव्य 'गीता' पर लघु पाठ्यक्रम भी चलाये जाते हैं। आश्रम के प्रवेश द्वारा पर हिंदू भगवान हनुमान की 9 फुट ऊँची मूर्ति है जो आश्रम की सैर के लिये आने वाले लोगों का स्वागत करती है। यहाँ स्थित किताबों की दुकान से पर्यटक किताबें और सी डी खरीद सकते हैं। हिमालय की श्रेणियों में बसा यह आश्रम पर्यटकों को अपने शांत माहौल में आराम करने का अवसर देता है।