गुप्तेश्वर गुफा जयपुर से 60 किमी. की दूरी पर घने जंगलों के बीच स्थित है तथा इसके एक ओर कोलाब नदी है। गफा के अंदर एक पवित्र लिंग है जिसे गुप्तेश्वर कहा जाता है। गुप्तेश्वर का अर्थ है “छिपा हुआ देवता” और छत्तीसगढ़ में इसे “गुप्त केदार” के नाम से जाना जाता है।
यह स्थान पूरे देश में श्रावण त्योहार के लिए प्रसिद्ध है जो बहुत उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। पूरे देश से लोग यहाँ शिवरात्रि का उत्सव मनाने के लिए आते हैं। एक किवदंती के अनुसार इस लिंग की खोज सबसे पहले भगवान राम ने की जब वे एक बार यहाँ अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ आये थे।
पर्यटक पास स्थित सबरी नदी की सैर भी कर सकते हैं। ताज़ा हवा के बीच इस नदी के किनारे कुछ समय बिताकर आपकी आत्मा, शरीर सब कुछ तरोताजा हो जाएगा। गडगड़ाते पर्वत, घने जंगल, शांत नदी और पवित्र शिवलिंग इस स्थान को सैर के लिए आदर्श स्थान बनाते हैं।



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