कीलपरुम्पललम मंदिर, भगवान केतू को समर्पित मंदिर है जहां भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है। इस मंदिर में नागनाथस्वामी और सौंदर्यनागाई के रूप में इन दोनों की आराधना की जाती ह। इस मंदिर में स्थित मूर्ति आधा मानव और आधा सर्प है।
इस मंदिर में भगवान केतू की पूजा करने वह सभी लोग आते है जिन्हे किसी प्रकार का दोष उनकी कुंडली में होता है। ऐसा माना जाता है इस मंदिर को 12 वीं सदी में चोल वंश के राजाओं के द्वारा बनवाया गया था। जिन राजा ने इस मंदिर को बनवाया था, वह भगवान शिव के बड़े भक्त थे।
इस मंदिर में तमिलनाडु के कई महान संत भी दर्शन करने आ चुके है। एक किंवदंती के अनुसार, इस मंदिर में जमीनी रास्ता है जो कीलपरुम्पललम को तांजवुर के वृहदाश्वर मंदिर से जोड़ता है।



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