पीलीभीत में सामाजिक सद्भाव एक आदर्श है। एक ओर जहां हिंदू धर्म के उपासकों के लिए कई मंदिर स्थित है वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम धर्म के अनुयायियों के लिए जामा मस्जिद भी बनी हुई है। यह मस्जिद 250 साल पुरानी है जिसे मुगल काल में हाफिज रहमत खान ने बनवाया था। उनकी मृत्यु के बाद उन्हे यहीं दफना दिया गया था।
यह मस्जिद, दिल्ली में स्थित जामा मस्जिद की प्रतिकृति है और उस ज़माने में इसे बनवाने पर तीन लाख रूपए का खर्चा आया था। इस मस्जिद की दीवारें पूरी तरीके से मुगल शैली में बनी हुई है लेकिन इसकी छत की बनावट में बंगाली छवि दिखाई देती है। हर सप्ताह के शुक्रवार को यहां सभी मुस्लिम भाई इक्ट्ठा होते है और नवा़ज अदा करते है।



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