नंदी कुंड हरे घास के मैदानों और बर्फ से ढंकी चोटियों से घिरी हुई एक संदर झील है। यह झील भगवान शिव को समर्पित है। पोराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव की सवारी नंदी बैल इसी झील में पानी पिया करते थे। झील के नजदीक तलवार का द्रश्य यहाँ के मुख्य आकर्षणों में से एक है। पुरानी मान्यताओं के अनुसार इस तलवार का सम्बन्ध महाभारत के योद्धा पांडवों से है।यात्री झील में चौखम्बा चोटी का प्रतिबिम्ब भी देख सकते हैं। गर्मियों के मौसम में भी झील का पानी एकदम ठंडा होता है। इसके आलावा, मध्यमहेश्वर गंगा नदी का उद्गम भी इसी झील से होता है।



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