भरहट स्तूप , पहले मध्यप्रदेश के पूर्व राज्य नागोड में स्थित था लेकिन वर्तमान में यह सतना जिले में स्थित है। इस स्तुप का निर्माण 150 ई. पू. हुआ था। स्तुप को अद्भूत सूक्ष्मता के साथ बनाया गया था और अब यह प्राचीन भारत की समृद्ध संस्कृति की गवाही देता हुआ खड़ा है।
यह स्तूप उस अवधि के महत्वपूर्ण किस्से को खुद में समेटे हुए है जब इसे बनाया गया था। यह स्तुप, महात्मा बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति की यात्रा की कहानी को कहता है, यक्ष के दौरान उनके जीवन के प्रतिपल की गाथा का वर्णन करता है और रोजमर्रा की जिन्दगी का हाल बयां करता है।
इस स्तूप की रेलिंग बेहद प्रभावशाली ढंग से लाल पत्थर पर की गई खुदाई से बनी है। लाल पत्थर के इस्तेमाल से इसकी सुंदरता में चार चांद लग जाते है। अब यहां स्तूप के नाम पर केवल कुछ अवशेष बचे हैं। इस स्तूप के कुछ अवशेषों को कोलकाता के भारतीय संग्रहालय में संरक्षित कर दिया गया है। हालांकि, भरहट आर्ट गैलरी अभी भी शेष बची भव्यता से पर्यटकों को देखने पर विवश कर देती है।



Click it and Unblock the Notifications