Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » त्रिशूर » आकर्षण
  • 01संकर समाधि

    संकर समाधि

    शंकर समाधि महान अद्वैत दार्शनिक श्री आदि संकर के आराम का स्थान है। सामान्य रूप से यह माना जाता है कि श्री संकर को ईस्वी 820 में त्रिशूर में 32 वर्ष की आयु में मोक्ष प्राप्त हुआ था। पास ही उन लोगों के लिए श्री संकर की छोटी परंतु आकर्षक छवि वाला मंदिर भी बनाया गया...

    + अधिक पढ़ें
  • 02अप्पन तम्पुरम स्मारकम

    अप्पन तम्पुरम स्मारकम

    अप्पन तम्पुरम स्मारकम एक सांस्कृतिक संग्रहालय है, अगर देखा जाए तो यह उस आदमी के प्रति सम्मान है जिसने त्रिशूर शहर का निर्माण किया था, रामावार्मा अप्पन तम्पुरम जिन्हें संकटन तम्पुरम भी कहा जाता है तथा ये एक शक्तिशाली शासक थे। उनकी विरासत के सम्मान में केरल साहित्य...

    + अधिक पढ़ें
  • 03पीची बाँध

    त्रिशूर शहर से 15 किमी. की दूरी पर स्थित पीची बाँध का निर्माण त्रिशूर के आसपास के गाँवों के लिए सिंचाई की परियोजना के तहत किया गया। समय के साथ धान के किसानों की आवश्यकता को पूरा करते हुए बाँध के आसपास के क्षेत्र को सौंदर्यीकरण परियोजनाओं के लिए ले लिया जिसके...

    + अधिक पढ़ें
  • 04परम्बिक्कुलम वन्य जीवन अभयारण्य

    परम्बिक्कुलम वन्य जीवन अभयारण्य प्रकृति प्रेमियों के लिए घर के समान है। युक्तिपूर्ण रूप से तमिलनाडु की अन्नामलाई श्रेणियों और केरल की नेल्लियमपती श्रेणियों के बीच स्थित इस घाटी का दौरा इसके प्राकृतिक वातावरण के लिए अवश्य करना चाहिए। इस अभयारण्य में वनस्पतियां और...

    + अधिक पढ़ें
  • 05द बाइबल टॉवर

    द बाइबल टॉवर

    बाइबल टॉवर रोमन कैथोलिक चर्च का एक महत्वपूर्ण चिन्ह है जो द बासिलिका ऑफ अवर लेडी ऑफ डॉलर्स (पुतेपल्ली) के साथ जुड़ा हुआ है। यहाँ एक बड़ा लाल रंग का क्रॉस है जो कहा जाता है कि रोमन कैथोलिकों को रास्ता दिखाता है। 2007 में उद्घाटित हुई केरल की यह सबसे ऊँची संरचना...

    + अधिक पढ़ें
  • 06पीची वन्यजीवन अभयारण्य

    पीची वन्यजीवन अभयारण्य

    पीची वन्यजीवन अभयारण्य पीची शहर के सुखदायक स्थलों का एक विस्तार है। इसमें पलाल्लिल्ली और नेलियम्पती जंगलों सम्मिलित हैं और यह लगभग 125 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है।19 वीं शताब्दी तक यह क्षेत्र निजी संपत्ति के अधीन था।

    वर्ष 1958 में इसे एक...

    + अधिक पढ़ें
  • 07अरट्टूपुझा मंदिर

    अरट्टूपुझा मंदिर

    अरट्टूपुझा मंदिर मंदिर लगभग 3000 वर्ष पुराना है और त्रिशूर शहर से लगभग एक घंटे की दूरी पर अरट्टूपुझा गाँव में स्थित है। ऐसा विश्वास है कि भगवान अय्यप्पा को समर्पित इस मंदिर में एक दैवीय शक्ति मौजूद है। पूरे वर्ष इस स्थान पर पूजा करने के लिए भक्तों का तांता लगा...

    + अधिक पढ़ें
  • 08कूदक्कालू

    कूदक्कालू

    कूदक्कालू  इतिहास का एक अद्वितीय अनुभव और परिवार के साथ शांत समय प्रदान करता है। उदक्कालू का वस्तुत: अर्थ है चट्टान छतरी जो चट्टानों का एक समूह होता है जिसका आकार एक मशरूम(कुकुरमुत्ते) या बौने छाते की तरह होता है। ये चट्टानें 4000 वर्ष पुरानी है और ऐसा माना...

    + अधिक पढ़ें
  • 09तिरुवंबाड़ी कृष्ण मंदिर

    तिरुवंबाड़ी कृष्ण मंदिर

    तिरुवंबाड़ी कृष्ण मंदिर भगवान कृष्ण के भक्तों के लिए आध्यात्मिक स्वर्ग है। कई शताब्दियों से इस मंदिर ने अपनी कहानियों और किवदंतियों से अपनी लोकप्रियता को कायम रखा है। यह स्वराज गोल के पास स्थित है और सुबह 5 बजे से 11 बजे तक तथा शाम 5 बजे से 8:30 बजे तक खुला रहता...

    + अधिक पढ़ें
  • 10तिरुविल्वामला

    तिरुविल्वामला

    तिरुविल्वामला एक सुंदर गाँव है जो त्रिशूर से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रमुख रूप से मंदिरों के लिए प्रसिद्द इस गाँव में मंदिरों का दल है जिनमे भगवान कृष्ण और भगवान शिव की मूर्तियां स्थापित हैं। केरल में भगवान राम को समर्पित मंदिरों की संख्या कम है;...

    + अधिक पढ़ें
  • 11केरल कलामंडलम

    केरल कलामंडलम

    केरल कलामंडलम वास्तव में केरल की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने और प्रचार करने के लिए एक केंद्र है। एक शैक्षणिक संस्थान जो ललित कलाएँ सिखाता है, यह एक आवासीय परिसर है जो इसके संरक्षकों को उनकी कला के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता की अनुमति देने के उद्देश्य से बनाया गया...

    + अधिक पढ़ें
  • 12राज्य संग्रहालय

    राज्य संग्रहालय

    त्रिशूर के राज्य संग्रहालय की स्थापना 1885 में हुई। 13.5 एकड़ के क्षेत्र में फैले हुए इस संग्रहालय में आराम से टहलने के लिए एक बड़ा परिसर है। संग्रहालय स्वयं बहुत बड़ा नहीं है परंतु इतिहास के विभिन्न कालों की विभिन्न कलाकृतियाँ यहाँ देखने को मिलती हैं।

    केरल...

    + अधिक पढ़ें
  • 13पुरातत्व संग्रहालय

    पुरातत्व संग्रहालय

    त्रिशूर के पुरातत्व संग्रहालय की स्थापना 1938 में हुई परंतु 1975 तक इसने अपना रूप प्राप्त नहीं किया जब तक कि यहाँ चित्र गैलरी का उपभवन और पुरातात्विक गैलरी नहीं बनाए गए। इस संग्रहालय की सैर एक रोचक यात्रा सिद्ध होगी क्योंकि यहाँ 7 वीं शताब्दी की प्राचीन...

    + अधिक पढ़ें
  • 14शक्तन तम्पुरन महल

    शक्तन तम्पुरन महल जो पहले वदाक्केचिरा कोविलाकम के नाम से जाना जाता था त्रिशूर शहर के वास्तुकार अप्पन तम्पुरन स्मारकम का महल है। कोच्चि राजवंश के इस महल का पुन: निर्माण 1795 में सक्थन थम्पुरन ने केरल – डच शैली में करवाया। इस महल को 2005 में संग्रहालय में बदल...

    + अधिक पढ़ें
  • 15परमेकवु भगवती मंदिर

    परमेकवु भगवती मंदिर

    परमेकवु भगवती मंदिर केरल के प्राचीन मंदिरों में से एक है लगभग 10000 वर्ष पुराना। यह केरल का सबसे बड़ा मंदिर है जो माँ भगवती को समर्पित है जो देवी दुर्गा का एक रूप है। ऐसा विश्वास है कि जब प्रतिवर्ष त्रिशूर पुरम उत्सव का जुलूस उत्साह और उलास के साथ मनाया जाता है तब...

    + अधिक पढ़ें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
11 Dec,Tue
Return On
12 Dec,Wed
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
11 Dec,Tue
Check Out
12 Dec,Wed
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
11 Dec,Tue
Return On
12 Dec,Wed
  • Today
    Thrissur
    23 OC
    73 OF
    UV Index: 10
    Mist
  • Tomorrow
    Thrissur
    23 OC
    73 OF
    UV Index: 9
    Patchy rain possible
  • Day After
    Thrissur
    23 OC
    73 OF
    UV Index: 10
    Partly cloudy