लोटस झील तोरणमल का प्रमुख आकर्षण है। इसे स्थानीय रूप से कमल तलाव के नाम से जाना जाता है जिसका इंग्लिश में अर्थ लोटस लेक होता है, झील में प्रचुर मात्रा में कमल के फूल हैं जो इस जगह की सुंदरता को बढ़ाते हैं।
तोरण देवी मंदिर छह सौ साल से भी अधिक पुराना है। इस मंदिर में तोरण देवी की मूर्ति प्रतिस्थापित है। देवी की मूर्ति काले पत्थर से बनी हुई है। यह मंदिर तोरणमल हिल स्टेशन में स्थित है।
ऐसा विश्वास है कि मछिन्द्रनाथ गुफा का नाम संत मछिन्द्रनाथ के नाम पर पड़ा था, एक पवित्र व्यक्ति जिन्होंने इस स्थान पर तपस्या की थी। तोरणमल में स्थित यह गुफा प्राकृतिक रूप से बनी हुई है।
मछिन्द्रनाथ मंदिर और मार्केंडेय ऋषि के बैठने का स्थान दो अन्य...
आवशाभारी पॉइंट एक शानदार स्थान है जो आसपास के पहाड़ों और फॉरेस्ट रेस्ट हाउस (जंगल विश्राम गृह) का एक विहंगम दृश्य प्रस्तुत करता है। यह मध्य प्रदेश की सीमा के पास स्थित है।
पास स्थित जलिन्द्रनाथ मंदिर प्रमुख पर्यटन स्थल है। आसपास के क्षेत्र में गोंड राजा का...
यशवंत झील का नाम महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य मंत्री – यशवंत राव चव्हाण के नाम पर रखा गया है। यह एक प्राकृतिक झील है जो लगभग 1.16 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फ़ैली हुई है।
इस स्थान पर आने वाले पर्यटक बोटिंग(नाव की सवारी) या फिशिंग(मछली पकड़ना) का आनंद...
आवशाभारी पॉइंट की तरह खड़की पॉइंट भी तोरणमल का एक प्रसिद्द स्थान है। ऐसा विश्वास है कि सदियों पहले इस हिल स्टेशन की लंबाई के साथ एक विशाल दीवार थी।
जिसके अवशेष इस स्थान की खुदाई के दौरान पाए गए थे।
फॉरेस्ट पार्क और मेडीसिनल प्लांट गार्डन – जिसे जंगली औषधियों का गार्डन भी कहा जाता है तोरणमल का वह स्थान है जहां अनेक औषधीय पौधे और झाडियां उपलब्ध हैं।
इस स्थान पर पर्यटक विभिन्न प्रकार के पौधे देख सकते हैं और प्रत्येक पौधे के औषधीय गुण विभिन्न...
सीता खाई – जिसका नाम देवी सीता के नाम पर पड़ा – एक अदभुत घाटी है जो तोरणमल से लगभग 1.5 किलोमीटर दूर स्थित है।
मानसून के दौरान यहां के जलप्रपात अनेक पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं और इसे एक महत्वपूर्ण स्थान बनाते हैं। पास ही इको पॉइंट भी...