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वन्य जीवन को करीब से देखने के लिए जरूर आएं ओडिशा के सिमलीपाल

PC- Byomakesh07

ओडिशा राज्य के मयूरभंज जिले के अंतर्गत सिमलीपाल वन्यजीव अभयारण्य, देश के चुनिंदा सबसे खास अभयारण्यों में गिना जाता है। इसके अलावा सिमलीपाल देश के बड़े टाइगर प्रोजेक्ट के रूप में भी प्रसिद्ध है। जीव जन्तु और वनस्पति भंडार के मामले में यह एक समृद्ध वन क्षेत्र। इसका इतिहास बताता है कि यह कभी मयूरभंज के शासकों का शिकार क्षेत्र हुआ करता था, जहां अकसर वे जंगली जीवों को शिकार किया करते थे, जो उनकी खास शाही जीवनशील का एक अभिन्न अंग था।

इस स्थल का नाम यहां पाए जाने वाले कपास के पेड़ सिमुल के नाम पर पड़ा है। लगभग 2,750 वर्ग कि.मी में फैला यह अभयारण्य एक आदर्श जैव विविधता को प्रदर्शित करता है। यह पूरा क्षेत्र घने जंगल, जलप्रपातों, नदियों से घिरा हुआ है। एक रोमांचक सैर के लिए आप यहां का प्लान बना सकते हैं। आगे जानिए इस वन्यजीव अभयारण्य से संबंधित महत्वपूर्ण बातें।

जलवायु और जाने का सही समय

जलवायु और जाने का सही समय

PC- Sana chougle

सिमलीपाल वन्यजीव अभयारण्य गर्मियों के दौरान काफी ज्यादा तपता है, इस दौरान यहां का तापमान 40 डिग्री तक पहुंच जाता है। मॉनसून के बाद यहां के तापमान में गिरावट आती है, और सर्दी आते-आते यहां तामपान 14 डिग्री से नीचे चला जाता है। बारिश के बाद यहां का मौसम काफी खुशनुमना हो जाता है। आप यहां नवंबर से जून के बीच ही आ सकते हैं, क्योंकि यह पार्क इसी दौरान खुला रहता है। अच्छा होगा आप यहां का प्लान सर्दियों में ही बनाएं।

वन्य जीव

वन्य जीव

सिमलीपाल वन्यजीव उत्साही पर्यटकों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं। आप यहां असंख्य जीव जन्तुओं और उनकी विभिन्न प्रजातियों को देख सकते हैं। आप यहां बाघ, तेंदुआ, गौर, हाथी, लंगूर, भौकने वाली हिरण, चीतल, स्लोथ बीयर, उड़ने वाली गिलहरी, सांबर, मगरमच्छ आदि को देख सकते हैं। इसके अलावा यहां पक्षियों की 230 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें ग्रे हॉर्नबिल, इंडियन पाइड हॉर्नबिल, मालाबार पाइड हॉर्नबिल, इंडियन ट्रोगॉन, ईगल आदी शामिल हैं।

जंगल सफारी और अन्य गतिविधियां

जंगल सफारी और अन्य गतिविधियां

सिमलीपाल में आप जंगल सफारी का रोमांचक आनंद भी ले सकते हैं। जंगल प्राधिकरण द्वारा पर्यटकों के लिए विशेष रूप जीप सफारी का आयोजन किया जाता है। जीप सफारी के माध्यम के आप वन्यजीवन को करीब से देख सकते हैं।

सिमलीपाल की सैर का यह सबसे आदर्श विकल्प है। इसके अलावा आप यहां के जल प्रपातों की सैर कर सकते हैं। साथ में पक्षी विहार का आनंद भरा अनुभव ले सकते हैं। अपनी यात्रा को ज्ञानवर्धक बनाने के लिए आप यहां के जनजातीय गांवों का भी भ्रमण कर सकते हैं।

कैसे करें प्रवेश

कैसे करें प्रवेश

PC- Byomakesh07

हवाई यात्रा - सिमलीपाल का निकटतम हवाई अड्डा भुवनेश्वर एयरपोर्ट है, आप चाहें तो कोलकाता एयरपोर्ट का भी सहारा ले सकते हैं। कोलकाता के आप यहां तक का सफर सड़क मार्ग का रेल मार्ग से कर सकते हैं।

रेल द्वारा - रेल मार्ग के लिए आप बालासोर रेलवे स्टेशन का सहारा ले सकते हैं। यह रेलवे स्टेशन दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र के प्रमुख स्टेशनों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

सड़क यात्रा - हवाई यात्रा और रेल यात्रा के अलावा अगर आप चाहें तो सिमलीपाल पहुंचने के लिए सड़क मार्ग का सहारा ले सकते हैं। । सिमलीपाल पहुंचने के लिए बरिपदा सबसे सुलभ बिंदु है, जो भुवनेश्वर से 250 किमी, कोलकाता से 223 किमी, बालासोर से 55 किमी और पिठबाता से 57 किमी दूर स्थित है। ये सभी स्थल बरिपदा से बस सेवाओं के माध्यम से अच्छी तरह जुड़े हुए हैं। सिमलीपाल रूख करने से पहले यात्रा संबंधी सभी जानकारी जरूट जुटा लें।

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