» »यात्रा गाइड: राजस्थान का एकमात्र-हिल स्टेशन माउंट आबू

यात्रा गाइड: राजस्थान का एकमात्र-हिल स्टेशन माउंट आबू

Written By: Goldi

राजस्थान एक बेहद ही खूबसूरत सा राज्य है, जिसे देखने के लिए लोग दूर विदेशों से भी आते हैं। यूं तो राजस्थान बेहद ही गर्म राज्य है लेकिन इस राज्य को अरावली पर्वतमालाएं गर्मी में सुकून भरे पल का एहसास कराती हैं। जी हां हम बात कर रहें है, माउन्ट आबू की। माउंट आबू राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन है। समुद्र तल से 1220 मीटर की ऊँचाई पर स्थित माउंट आबू को राजस्थान का स्‍वर्ग भी माना जाता है। अरावली पर्वतमालाएं इस हिल स्टीव की खूबसूरती में चार चाँद लगाती हैं। तो बिना देरी किये आज हम आपको सैर कराते है राजस्थान के इकलौते हिल स्टेशन माउंट आबू की

माउंट आबू पूरे साल अपने कई सारे प्रमुख आकर्षणों के साथ कई पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है। हालाँकि अक्टूबर से फ़रवरी महीने का समय राजस्थान जैसे मरुस्थलीय क्षेत्र के इकलौते हिल स्टेशन की यात्रा के लिए सबसे सही समय है। अपनी गोद में कई सारे आकर्षक केंद्रों को समेटे हुए माउंट आबू पर्यटन के लिए एक आदर्श केंद्र है।

कैसे पहुंचे
माउंट आबू से निकटतम एयरपोर्ट उदयपुर है जोकि यहां से 185 किमी दूर है। उदयपुर से माउंट आबू पहुँचने के लिए एबीएस या टैक्सी की सेवाएँ ली जा सकती है। समीपस्थ रेलवे स्टेशन आबू रोड 28 किमी की दूरी पर है जो
अहमदाबाद, दिल्ली, जयपुर, जोधपुर से जुड़ा है ।माउंट दश के सभी प्रमुख शहरों से सडक मार्ग द्वारा भी जुड़ा है दिल्ली से माउंट आबू के लिए सीधी बस सेवा है । माउंटआबू की प्रमुख शहरों से दूरी-

दिल्ली-माउंट आबू-  764 किमी (12 घंटे)
जयपुर-माउंट आबू-  494 किमी (8 घंटे)
उदयपुर-माउंट आबू- 164 किमी(2 घंटे 45 मिनट)
अहमदाबाद-माउंटआबू- 235 किमी (4 घंटे 40 मिनट)

नक्की झील

नक्की झील

नक्की झील को एक मज़दूर रसिया बालम ने अपने नाखूनों द्वारा खोद था। कथानुसार वहां के राजा की शर्त थी कि जो भी एक रात में वहां झील खोद देगा उससे वह अपनी पुत्री, राजकुमारी का विवाह करा देगा। नाखुनों से उस झील को खोदने की वजह से उस झील का नाम नक्की झील पड़ा। इस खूबसूरत झील में पर्यटकों के लिए नौका विहार का भी प्रबंध है। इसलिए नक्की झील माउंट आबू के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है।

क्या करें- पिकनिक,ट्रेकिंग, बोटिंग
समय- सुबह 9:30 से शाम 6 बजे तक
एंट्री फीस- 50 रुपये से 100 रुपये

गुरु शिखर

गुरु शिखर

अगर आप माउंट आबू के चारों तरफ मनोरम दृश्य के मज़े लेना चाहते हैं तो गुरु शिखर पॉइंट की ओर निकल पड़िये। यह शिखर अरावली पर्वत में सबसे उच्चतम बिंदु है और माउंट आबू से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर ही है। गुरु शिखर का अद्भुत दृश्य, हिल स्टेशन के नज़दीक ही प्रमुख नज़ारों में से एक है।

क्या करें- दोस्तों और फैमिली के साथ पिकनिक,ट्रेकिंग, फोटोग्राफी
समय- सुबह 9:30 से शाम 5:30 बजे तक
टिप्स- इस जगह पर शराब का सेवन करना वर्जित है।

दिलवाड़ा जैन मंदिर

दिलवाड़ा जैन मंदिर

माउंट आबू के प्रसिद्द पाँच दिलवाड़ा जैन मंदिर के निर्माण में संगमरमर पत्थरों का उत्तम उपयोग किया गया है। दिलवाड़ा मंदिर का परिसर एक वास्तु चमत्कार और जैन धर्म के लोगों के लिए प्रसिद्द पर्यटक स्थल भी है। मंदिर में की गयी मनमोहक नक्काशियां जैन पौराणिक कथाओं का चित्रण करती हैं जो इस मंदिर के प्रमुख आकर्षणों में से एक है।

कहां- यह मंदिर माउंट आबू से 2.6 किमी की दूरी पर है।
समय: दोपहर 12 बजे 6 बजे तक

सनसेट पॉइंट

सनसेट पॉइंट

माउंट आबू में कपल्स के बीच सनसेट पॉइंट खासा लोकप्रिय है। सनसेट पॉइंट से सूर्यास्त का द्रशय काफी मनोरम होता हो।यह जगह उन लोगो के लिए बिल्कुल परफेक्ट है, जिन्हें सुकून के पलों की तलाश होती है।

क्या करें-
घुड़सवारी,ट्रेकिंग

माउंट आबू वन्यजीव अभ्यारण्य

माउंट आबू वन्यजीव अभ्यारण्य

माउंट आबू वन्यजीव अभ्यारण्य उप- उष्णकटिबंधीय जंगल कई जातियों के वनस्पति और जीवों का वास स्थल है। अरावली पर्वत के ये जंगल यहाँ वास करने वाले तेंदुओं के लिए प्रसिद्द है। यहाँ कई अन्य जीव जैसे; गीदड़, जंगली बिल्लियां, सांभर, भारत कस्तूरी बिलाव आदि भी पाए जाते हैं। इस हिल स्टेशन का यह इकलौता वन्यजीव अभ्यारण्य पर्यटकों के बीच सबसे प्रमुख आकर्षण का केंद्र है।

समय- सुबह 9:30 बजे से लेकर शाम 5:30 बजे तक

अचलगढ़ का किला

अचलगढ़ का किला

अचलगढ़ का किला माउंट आबू में स्थित एक प्राचीन किला है। हालाँकि इस किले का निर्माण परमारा वंश ने किया था, पर इस किले का पुनर्निर्माण राजपूतों के राजा राणा कुंभ ने करवाया था। दुःख की बात है कि अब किले का ज़्यादातर हिस्सा खंडहर में तब्दील हो गया है पर यह क्षेत्र आज भी इस किले के बाहर ही स्थापित अचलेश्वर महादेव मंदिर की वजह से प्रसिद्द है।

Please Wait while comments are loading...