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झीलों के शहर से जुड़ी 8 दिलचस्प बातें!

महाराणा उदय सिंह द्वारा बनाया गया राजस्थान का उदयपुर शहर मेवाड़ राज्य की राजधानी के रूप में उभरा। उस वक़्त यह शहर राजवंश के कई शासकों के अधीन निखरा। अपने इतिहास, संस्कृति एवम् अपने अाकर्षक स्थलों के लिये मशहूर यह शहर 'झीलों की नगरी' के नाम से भी जाना जाता है। उदयपुर सिसोदिया राजवंश द्वारा ‌शासित मेवाड़ की राजधानी के रूप में जाना जाता था।

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आज उदयपुर राजस्थान के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है। कई ऐतिहासिक धरोहर, झील और अरावली पर्वत श्रेणी इस क्षेत्र की खूबसूरती में चार चाँद लगाते हैं। पिछोला झील, कुम्भलगढ़ किला, उदयपुर सिटी पैलेस आदि यहाँ के विश्व प्रसिद्द पर्यटक स्थलों में से एक हैं। आज इस लेख में बताई गई कुछ दिलचस्प बातें आपको इस शहर की कुछ अलग ही कहानी बयां करेंगी।

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तो चलिए इन्हीं मज़ेदार बातों को जानते हुए चलते हैं हम उदयपुर की सैर पर उसकी कुछ खूबसूरत तस्वीरों के साथ।

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मेवाड़ की राजधानी

मेवाड़ की राजधानी

सिसोदिया वंश के महाराजा उदय सिंह ने उदयपुर शहर की खोज की। तब राज्य की राजधानी को स्थानांतरित करके चित्तौरगढ़ से उदयपुर ले आया गया।

Image Courtesy: Ekabhishek

झीलों का शहर

झीलों का शहर

उदयपुर को मुख्यतः 'झीलों का शहर' के नाम से भी जाना जाता है। शहर में एक परस्पर झील प्रणाली है, जिसके द्वारा भूजल का पुनरुत्थान और जलवायु परिस्थितियों को नियंत्रित किया जाता है। यहाँ के प्रसिद्द झीलों के नाम हैं, फ़तेह सागर झील, जयसमंद झील, पिछोला झील, बड़ी झील और दूध तलाई झील।

Image Courtesy: ManeeshSoni

दुनिया का सबसे रोमांटिक होटल

दुनिया का सबसे रोमांटिक होटल

पिछोला झील स्थित लेक पैलेस(झील का महल) या जग निवास अब एक हेरिटेज होटल के रूप में स्थित है जिसे ताज ग्रुप द्वारा चलाया जा रहा है। एक समय में यह सिसोदिया शासकों के लिए गर्मी के मौसम का महल हुआ करता था। इसे भारत और दुनिया के सबसे रोमांटिक होटल के रूप में चुना गया है।

Image Courtesy: Flicka

 मेवाड़ राज्य से सम्बंधित कुम्भलगढ़ किला

मेवाड़ राज्य से सम्बंधित कुम्भलगढ़ किला

राणा कुंभ द्वारा बनवाये गए कुम्भलगढ़ किले में सबसे लंबी दीवार बनी हुई है, जो 'ग्रेट वॉल ऑफ़ चाइना' के बाद दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार है।कुम्भलगढ़ किला मेवाड़ के शासकों द्वारा बनवाये गए सबसे प्रमुख किलों में से एक है। अब कुम्भलगढ़ किला राजसमंद जिले में स्थित है, जो कभी मेवाड़ राज्य का हिस्सा हुआ करता था।

Image Courtesy: Antoine Taveneaux

एशिया की दूसरी सबसे बड़ी कृत्रिम झील

एशिया की दूसरी सबसे बड़ी कृत्रिम झील

जयसमंद झील या ढेबर झील को एशिया का दूसरा सबसे बड़ा झील माना जाता है। इसका निर्माण राणा जय सिंह के राज्य में ही हुआ था। झील में 7 द्वीप और एक बड़ा बांध भी स्थित है। इस झील का निर्माण गोमती नदी के लिए बनाये जा रहे बांध के समय हुआ था।

Image Courtesy: Dr. Rushikesh joshi

400 सालों पहले बनाया गया महल

400 सालों पहले बनाया गया महल

उदयपुर का सिटी पैलेस एक विशाल महल का परिसर है। इसका निर्माण कार्य 1553 ईसवीं में महाराजा उदय सिंह द्वितीय द्वारा शुरू करवाया गया था। सिटी पैलेस के अंदर ही कई राजाओं द्वारा अलग-अलग महलों का निर्माण करवाया गया। इसलिए कहा जाता है कि सिटी पैलेस का निर्माण कई सालों पहले ही हो गया था।

Image Courtesy: Christopher Walker

ज़िंक और कॉपर माइंस की भूमि

ज़िंक और कॉपर माइंस की भूमि

राजस्थान ज़िंक और कॉपर के खनन के प्रमुख स्थलों में से एक है। ऐसा कहा जाता है कि उदयपुर मध्यकालीन समय से ही एक प्रमुख खनन स्थल रहा है।

Image Courtesy:knitsteel

सहस्त्र-बहु मंदिर

सहस्त्र-बहु मंदिर

सहस्त्र-बहु मंदिर को अब 'सास-बहु' मंदिर के नाम से जाना जाता है। ऐतिहासिक दस्तावेज़ों के अनुसार सहस्त्र-बहु का मतलब है '1000 बाजुओं के विष्णु भगवान', पर स्थानीय कथाओं के अनुसार कहानी कुछ और ही है।

उनके अनुसार सास-बहु मंदिर का एक हिस्सा सास के हिसाब से बना है और दूसरा हिस्सा बहु के हिसाब से बना है। ये मंदिर उदयपुर के नगदा में स्थापित है।

Image Courtesy: Aman Zaidi

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