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उत्तर प्रदेश का प्रमुख औधोगिक नगर-कानपुर

Written By: Goldi

हाल ही में रामनाथ कोविंद ने भारत के चौदहवें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली..भारत के नये राष्ट्रपति उत्तर प्रदेश की औधोगिक नगरी कानपुर से ताल्लुकात रखते हैं।रामनाथ कोविंद का जन्म कानपुर के डेरापुर तहसील में हुआ था । राष्ट्रपति बनने से पहले वह बिहार के राज्यपाल थे।

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कानपुर नवाबों के शहर लखनऊ से 80 किलोमीटर दूर स्थित है..इसे उत्तर प्रदेश का प्रमुख औधोगिक नगर माना जाता है और यह कहीं न कहीं सत्य भी है क्यूंकि उधोग की दृष्टि से यह फलता-फूलता शहर है।परन्तु न सिर्फ बिज़नेस में कानपुर आगे है अपितु यहाँ के पर्यटन स्थल भी इसे खासा लोक प्रिये बनाते हैं। आप यहां अवध प्रदेश और उत्तर प्रदेश की मिली-जुली संस्कृति को भी देख सकते है। यहाँ आकर आप घूमने के साथ साथ सस्ती और अच्छी शॉपिंग भी कर सकेंगे। तो चलिए सैर करते हैं कानपुर की.......

श्री राधाकृष्ण मंदिर

श्री राधाकृष्ण मंदिर

श्री राधाकृष्ण मंदिर कानपुर में जे. के. मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। क्यूंकि इस मंदिर को जे. के. ट्रस्ट ने बनवाया था। यह बेहद खूबसूरत मंदिर अपनी कलात्मक शैली के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर श्री राधा कृष्ण को समर्पित है। साथ ही यहाँ श्री लक्ष्मीनारायण, श्री अर्धनारीश्वर, नर्मदेश्वर और श्री हनुमान के मंदिर भी दर्शनीय हैं।PC: Ankurgaur4995

मोती झील

मोती झील

कानपुर स्थित मोती झील एक पार्क है,भारत में ब्रिटिश शासन के समय इस झील का निर्माण पीने के पानी के स्त्रोत के रूप में किया गया था। बाद में इसके पास बच्चों का पार्क और कलात्मक रूप से बनाया गया उद्यान होने के कारण यह शहर का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन गया।

गंगा का किनारा

गंगा का किनारा

आप गंगा के किनारे भी घूम सकते हैं..गंगा उतनी साफ़ तो नहीं है, लेकिन आप यहां होने वाली गंगा आरती का हिस्सा जरुर बन सकते हैं।

जाजमऊ

जाजमऊ

कानपुर का दर्शनीय स्थल जाजमऊ पहले कभी सिद्धपुरी के नाम से जाना जाता था। यहाँ सिद्ध देवी का प्राचीन मंदिर है जो दर्शनीय है। साथ ही यहाँ सूफी संत मखदूम शाह अलाउल हक के मकबरे भी हैं जिसके लिए जाजमऊ मशहूर है।

फूल बाग

फूल बाग

यह बाग़ पर्यटकों के लिए बेहद उम्दा जगह है जहाँ वह प्रकृति के खूबसूरत रंगों को महसूस कर सकते हैं। इस फूल बाग को कानपुर में गणेश उद्यान के नाम से भी जाना जाता है। प्रथम विश्वयुद्ध के बाद यहां ऑथरेपेडिक रिहेबिलिटेशन हॉस्पिटल बनाया गया था। यह पार्क शहर के बीचों बीच मॉल रोड पर बना है।

एलेन फोरस्ट जू

एलेन फोरस्ट जू

यूँ तो कानपुर का चिड़ियाघर हर जगह मशहूर है इसे एलेन फोरस्ट जू कहते हैं। यह क्षेत्रफल की दृष्टि से बहुत बड़ा है। इसे देश के सर्वोत्तम चिड़ियाघरों में शामिल किया गया है। यह बच्चों के साथ साथ बड़े-बूढ़ों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है।PC:Scorpion saxena

नाना राव

नाना राव

पार्क फूल बाग के पास ही कुछ ही दूरी पर नाना राव पार्क है जो कि दर्शनीय है। पहले इस पार्क में एक बीबीघर भी था परन्तु अब यह बेहतरीन पार्क के रूप में पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध है।
PC: Prateekmalviya20

मैमोरियल चर्च

मैमोरियल चर्च

मैमोरियल चर्च कानपुर के दर्शनीय स्थलों में से एक है। कहा जाता है कि यह चर्च लोम्बार्डिक गोथिक शैली में बनाया गया है जो कि अंग्रेज़ों को समर्पित है। इस चर्च की संरचना ईस्ट बंगाल रेलवे के वास्तुकार वाल्टर ग्रेनविले ने की थी।PC:Shivam Maini

जैन ग्लास मंदिर

जैन ग्लास मंदिर

कमला टॉवर के नजदीक महेश्वरी मोहल स्थित यह मंदिर अलग ही दृश्य प्रस्तुत करता है। यह मंदिर जैन समुदाय को समर्पित है। भगवान महावीर और दूसरे 23 तीर्थकरों की आराधना यहां की जाती है। पूरा मंदिर कांच का बना है। इसकी छतों, दीवारेां और फर्श पर आप कांच की बेहतरीन नक्काशी देख सकते हैं।

कैसे पहुंचे

कैसे पहुंचे

वायु मार्ग
लखनऊ का अमौसी यहां का निकटतम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो लगभग 65 किमी. की दूरी पर है। कानपुर का अपना भी एक हवाई अड्डा है लेकिन वो केवल दिल्ली और लखनऊ से ही जुड़ा हुआ है।

रेल मार्ग
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन देश के विभिन्न हिस्सों से अनेक रेलगाड़ियों के माध्यम से जुड़ा हुआ है। दिल्ली, झाँसी, मथुरा, आगरा, बांदा, जबलपुर आदि शहरों से यहाँ के लिए नियमित रेलगाड़ियाँ हैं। शताब्दी, राजधानी, नीलांचल, मगध विक्रमशिला, वैशाली, गोमती, संगम, पुष्पक आदि ट्रेनें कानपुर होकर जाती हैं।

सड़क मार्ग
देश के प्रमुख शहरों से कानपुर सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग 2 इसे दिल्ली, इलाहाबाद, आगरा और कोलकाता से जोड़ता है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग 25 कानपुर को लखनऊ, झांसी और शिवपुरी आदि शहरों से जोड़ता है।PC:Teacher1943