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सिक्किम का स्वर्ग है रवंगला, ये स्थान बनाते हैं सबसे ज्यादा खास

भारत के पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम में स्थित रवंगला चुनिंदा खास पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। पर्तवीय घाटियों और दूर-दूर तक हरियाली से भरा यह स्थान अपने शांत वातावरण के लिए काफी प्रसिद्ध है। राज्य में लगभग 7000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह पहाड़ी स्थल प्रकृति प्रेमियों से लेकर एडवेंचर के शौकीनों तक सबको यहां आने का आमंत्रण देता है। इसके अलावा रवंगला राज्य का सबसे खास हनीमून डेस्टिनेशन भी है।

यहां बर्फ से ढके पहाड़ों के शानदार दृश्य पर्यटकों को ज्यादा भाते हैं, इसलिए यहां सैलानी ज्यादा आना पसंद करते हैं। इस शहर की खूबसूरती देख इसे सिक्किम का स्वर्ग कहा जा सकता है। इस खास लेख में जानिए प्राकृतिक खजाने से लबालब भरा यह स्थान पर्यटन के लिहाज से आपके लिए कितना खास है।

मयनम हिल्स (Maenam Hill)

मयनम हिल्स (Maenam Hill)

PC- Masum Ibn Musa

रवंगला के प्राकृतिक स्वरूप को समझने के लिए आप यहां की मयनम पहाड़ी की सैर कर सकते हैं। 3140 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मयनम हिल्स घने जंगलों से सजी पहाड़ियों को देखने लिए सबसे लोकप्रिय स्थान है। यह एक हरा भरा पर्वतीय स्थल है जो अपने घुमावदार रास्तों के बल पर देश-दुनिया के ट्रैवलर्स को यहां आने की चुनौती देता है। साहसिक ट्रेकिंग के लिए यह स्थान काफी खास माना जाता है, यही वजह है कि यहां हर तरह के पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है।

मयनम हिल्स सिक्किम की दो नदियों तीस्ता और रेंजेट के मध्य स्थित है। इसके अलावा यहां के घने जंगल कई हिमालय जीव-वनस्पतियों को सुरक्षित आश्रय देने का काम करते हैं। गर्मियों के दौरान यहां का भ्रमण एक आदर्श विकल्प रहेगा।

रवंगला सूर्योदय प्वाइंट

रवंगला सूर्योदय प्वाइंट

PC- Masum Ibn Musa

यहां के प्राकृतिक खजाने में दूसरा खास स्थान है रवंगला सूर्योदय प्वाइंट। सिक्किम के दक्षिणी जिले में स्थित यह स्थान अपने आकर्षक दृश्यों के बल पर दूर-दराज के सैलानियों का ध्यान अपनी ओर खींचता है। यह सूर्योदय प्वाइंट राज्य के चुनिंदा सबसे ज्यादा देखे जाने वाले गंतव्यों में शामिल है क्योंकि यह सिंगलिला और चोल रेंज के शानदार प्रेरणादायक दृश्यों को प्रदर्शित करने का काम करता है।

अपने गोल्डन सनराइज के लिए प्रसिद्ध इस स्थान को आप अपनी सिक्किम यात्रा डायरी में शामिल कर सकते हैं। चोल रेंज के अलावा आप यहां नरसिंग, काबूर, जोपुनो, राठोंग और पंडिम पहाड़ियों के दृश्यों को भी आसानी से देख सकते हैं। इन सब के अलावा यह स्थान ट्रेकिंग जैसे एडवेंचर के लिए भी जाना जाता है।

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तेमी टी एस्टेट

तेमी टी एस्टेट

PC-Soumya Kundu

सिक्किम सरकार द्वारा वर्ष 1969 में स्थापित तेमी टी एस्टेट तेंदोंग हिल्स से उभरती पहाड़ियों की खड़ी ढलानों के साथ बसा हुआ है। इस पूरे क्षेत्र की ऊचाई लगभग 1200 से 1800 मीटर की होगी। ऊंची पर्वत श्रृंखला के परिदृश्य के साथ दूर-दूर तक फैले यहां चाय के बागान मनमोहक दृश्य पैदा करते हैं। तेमी टी एस्टेट लगभग 177 हेक्टेयर में फैला चाल बागान है जो प्रीमियम गुणवत्ता वाली चाय का उत्पादन करता है, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारी मांग है।

यहां तक पहुंचने के लिए तेंदोंग हिल्स के घूमावदार रास्तों और पहाड़ी वनस्पतियों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। नयनसुख के लिए यह स्थान काफी खास है। एक बार अगर आप यहां पहुंच गए तो यहां सामने दिखने वाली बर्फीली चोटियों की प्रशंसा करे बगैर नहीं रह पाएंगे। पर्यटन के लिहाज से यह एक आदर्श गंतव्य है जहां का प्लान आप इन गर्मियों बना सकते

बुद्ध पार्क

बुद्ध पार्क

PC- Devsutapabublu

प्राकृतिक स्थानों से अलग आप यहां के बुद्ध पार्क के भ्रमण का आनंद ले सकते हैं। यह शहर के सबसे देखे जाने वाले स्थानों में शामिल है। यहां विशाल बैठे हुए भगवान बुद्ध की प्रतिमा मुख्य आकर्षण का केंद्र है। यह प्रसिद्ध स्थान बौद्ध धर्म से जुड़े लोगों के लिए एक बेहद खास स्थान माना जाता है, जिसका निर्माण गौतम बुद्ध की 2550 वीं जयंती के उपलक्ष में 2006 में कराया गया था।

यहां बनी बुद्ध की मूर्ति 130 फुट ऊंची है, जिसे देख पर्यटक दूर से ही रोमांचित हो उठते हैं। यहां चारों तरफ फैला आकर्षक पर्यावरण उद्यान सिक्किम पर्यटन को बढ़ावा देने का भी काम करते हैं। इसके अलावा परिसर के अंदर मौजूद झील भी यहां की खूबसूरती पर चार चांद लगाने का काम करती है।

बोन मठ

बोन मठ

PC-Masum Ibn Musa

उपरोक्त स्थानों के अलावा आप सिक्किम स्थित बोन मठ की सैर का आनंद भी ले सकते हैं। शांतिपूर्ण वातावरण के बीच बोन मठ या बोन यंग डुंग मठ केवेजिंग में स्थित है जो दक्षिणी सिक्किम की पहाड़ी और घाटियों के शानदार दृश्य प्रदर्शित करता है। यह एकमात्र सिक्किम स्थित मठ है जो बोन सेक्ट से संबंधित है। बता दें कि भारत में केवल दो बोन मठ हैं एक केवेजिंग सिक्किम में और दूसरा सोलन हिमाचल प्रदेश में।

इस मठ की स्थापना 1980 में युंग डुंग तुलसीम द्वारा की गई थी जो युवाओं को बोन शिक्षा देने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना। इस मठ के अंदर बोन देवता और बोन डेमोनिकल बुद्ध के कई आकर्षक चित्र मौजूद हैं।

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