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लखनऊ के आस-पास के यह स्थल हैं समर वेकेशन के लिए परफेक्ट

By Khushnuma

उत्तर प्रदेश का बेहद आकर्षक और खूबसूरत शहर लखनऊ जिसे नवाबों का नगर कहा जाता है, यह हमेशा से ही अपनी नज़ाक़त और मेहमान नवाज़ी के लिए मशहूर रहा है। इस शहर की मीठी जुबां और तहज़ीब किसी को भी अपना दीवाना बना दे। अगर आप लखनऊ में रहते हैं या फिर लखनऊ सैर करने की सोच रहे हैं तो हम आपको बताते हैं कि लखनऊ शहर से बाहर निकल कर कैसे अपनी गर्मियों की छुट्टियों को एन्जॉय किया जाए।

जी हाँ दोस्तों मैं अपने इस आर्टिकल में लखनऊ के आसपास के कुछ ऐसे आकर्षक स्थलों से रूबरू कराती हूँ जहाँ ऐतिहासिक शहर होने के साथ साथ वन्यजीव अभ्यारण भी हैं। तो दोस्तों आप अपनी पूरी फैमिली के साथ तैयार हो जाइए इस यादगार ट्रिप के लिए और एन्जॉय कीजिये समर वेकेशन को।

पढ़ें: लखनऊ, नफासत नज़ाक़त कारीगरी और शान-ओ-शौक़त का ऐतिहासिक शहर<div id=

झाँसी

झाँसी

बिन्देलखंड का प्रवेशद्वार झाँसी उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक शहर है। जहाँ 'खूब लड़ी मर्दानी वो है झाँसी वाली रानी' की कथाओं से रचा हुआ है। यह ऐतिहासिक शहर खासकर झाँसी की रानी रानी लक्ष्मीबाई के नाम से मशहूर है। यहाँ आप झाँसी का किला, रानी महल, झाँसी संग्राहलय, गणेश मंदिर, महाराजा गंगाधर राव की छतरी, महालक्ष्मी मंदिर आदि।
Photo Courtesy: Arun Kumar Gupta

चंबल अभ्यारण

चंबल अभ्यारण

ईको-रिजर्व इस अभ्यारण को चंबल घड़ियाल वन्यजीव अभयारण्य के नाम से भी जाना जाता है। जो उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा से मिलता हुआ है। इस अभ्यारण को 1979 में स्थापित किया गया था। पहाड़ों की रेतीली से गुज़रते हुए चम्बल नदी घुमावदार बहती है। इसमें आप घड़ियाल, ऐलगेटर और डॉल्फिन देख सकते हैं। यह अभ्यारण 400 किमी तक तथा 1235 स्क्वायर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यहाँ आप पक्षियों की 330 देख सकते हैं।
Photo Courtesy: Hohum

दुधवा नेशनल पार्क

दुधवा नेशनल पार्क

यह एक राष्ट्रीय पार्क है जो 1958 में दलदल हिरण के लिए बनवाया गया था। 1988 में इसे वन्यजीव अभ्यारण के रूप में घोषित किया गया था। यह पार्क टाइगर रिज़र्व पार्क है। जो लखीमपुर खीरी जिले में नेपाल बॉर्डर से सटी हुई है। इस विशाल पार्क में आप तेंदुआ बिल्‍ली, फिशिंग कैट, रैटल, सीविट, जैकॉल या सियार, हॉग हिरण और भौकनें वाला हिरण आदि को देख सकते हैं। साथ ही हिस्‍पिड खरगोश के घर को भी आप देख सकते हैं। इस अभ्यारण में आप घरेलु और प्रवासी पक्षियों की तक़रीबन 400 प्रजाति देख सकते हैं।
Photo Courtesy: MGA73bot2

पीलीभीत

पीलीभीत

उत्तर प्रदेश का बेहद आकर्षक शहर पीलीभीत अपने घने जंगलों और जंगली जानवरों के लिए पर्यटकों की पहली पसंद के रूप में सामने आता है जहाँ पर्यटक आना चाहते हैं। इस शहर में उत्तर प्रदेश के सबसे ज़्यादा जंगल पाये जाते हैं। हालांकि इस शहर की कुछ सीमा नेपाल से जुडी हुई है। यहाँ आप कई ऐतिहासिक इमारतों को देख सकते हैं साथ ही टाइगर रिज़र्व को भी देखा जा सकता है।
Photo Courtesy: Shamikhfaraz

वाराणसी

वाराणसी

आस्थाओं और धार्मिक रंग में डूबा उत्तर प्रदेश का प्राचीन नगर वाराणसी अपने आकर्षण के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। जहाँ दूर दूर से सैलानी आते हैं। इस ऐतिहासिक नगर को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है। इस शहर के बारे में कहा जाता है कि जो एक बार यहाँ आया वो निश्चित ही मोक्ष प्राप्ति करेगा। वाराणसी में आप बहुत कुछ देख सकते हैं। मंदिर, घाट और भी बहुत कुछ।
Photo Courtesy: FlickreviewR

" title="पढ़ें: लखनऊ, नफासत नज़ाक़त कारीगरी और शान-ओ-शौक़त का ऐतिहासिक शहर
झाँसी

झाँसी

बिन्देलखंड का प्रवेशद्वार झाँसी उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक शहर है। जहाँ 'खूब लड़ी मर्दानी वो है झाँसी वाली रानी' की कथाओं से रचा हुआ है। यह ऐतिहासिक शहर खासकर झाँसी की रानी रानी लक्ष्मीबाई के नाम से मशहूर है। यहाँ आप झाँसी का किला, रानी महल, झाँसी संग्राहलय, गणेश मंदिर, महाराजा गंगाधर राव की छतरी, महालक्ष्मी मंदिर आदि।
Photo Courtesy: Arun Kumar Gupta

चंबल अभ्यारण

चंबल अभ्यारण

ईको-रिजर्व इस अभ्यारण को चंबल घड़ियाल वन्यजीव अभयारण्य के नाम से भी जाना जाता है। जो उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा से मिलता हुआ है। इस अभ्यारण को 1979 में स्थापित किया गया था। पहाड़ों की रेतीली से गुज़रते हुए चम्बल नदी घुमावदार बहती है। इसमें आप घड़ियाल, ऐलगेटर और डॉल्फिन देख सकते हैं। यह अभ्यारण 400 किमी तक तथा 1235 स्क्वायर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यहाँ आप पक्षियों की 330 देख सकते हैं।
Photo Courtesy: Hohum

दुधवा नेशनल पार्क

दुधवा नेशनल पार्क

यह एक राष्ट्रीय पार्क है जो 1958 में दलदल हिरण के लिए बनवाया गया था। 1988 में इसे वन्यजीव अभ्यारण के रूप में घोषित किया गया था। यह पार्क टाइगर रिज़र्व पार्क है। जो लखीमपुर खीरी जिले में नेपाल बॉर्डर से सटी हुई है। इस विशाल पार्क में आप तेंदुआ बिल्‍ली, फिशिंग कैट, रैटल, सीविट, जैकॉल या सियार, हॉग हिरण और भौकनें वाला हिरण आदि को देख सकते हैं। साथ ही हिस्‍पिड खरगोश के घर को भी आप देख सकते हैं। इस अभ्यारण में आप घरेलु और प्रवासी पक्षियों की तक़रीबन 400 प्रजाति देख सकते हैं।
Photo Courtesy: MGA73bot2

पीलीभीत

पीलीभीत

उत्तर प्रदेश का बेहद आकर्षक शहर पीलीभीत अपने घने जंगलों और जंगली जानवरों के लिए पर्यटकों की पहली पसंद के रूप में सामने आता है जहाँ पर्यटक आना चाहते हैं। इस शहर में उत्तर प्रदेश के सबसे ज़्यादा जंगल पाये जाते हैं। हालांकि इस शहर की कुछ सीमा नेपाल से जुडी हुई है। यहाँ आप कई ऐतिहासिक इमारतों को देख सकते हैं साथ ही टाइगर रिज़र्व को भी देखा जा सकता है।
Photo Courtesy: Shamikhfaraz

वाराणसी

वाराणसी

आस्थाओं और धार्मिक रंग में डूबा उत्तर प्रदेश का प्राचीन नगर वाराणसी अपने आकर्षण के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। जहाँ दूर दूर से सैलानी आते हैं। इस ऐतिहासिक नगर को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है। इस शहर के बारे में कहा जाता है कि जो एक बार यहाँ आया वो निश्चित ही मोक्ष प्राप्ति करेगा। वाराणसी में आप बहुत कुछ देख सकते हैं। मंदिर, घाट और भी बहुत कुछ।
Photo Courtesy: FlickreviewR

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झाँसी

झाँसी

बिन्देलखंड का प्रवेशद्वार झाँसी उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक शहर है। जहाँ 'खूब लड़ी मर्दानी वो है झाँसी वाली रानी' की कथाओं से रचा हुआ है। यह ऐतिहासिक शहर खासकर झाँसी की रानी रानी लक्ष्मीबाई के नाम से मशहूर है। यहाँ आप झाँसी का किला, रानी महल, झाँसी संग्राहलय, गणेश मंदिर, महाराजा गंगाधर राव की छतरी, महालक्ष्मी मंदिर आदि।
Photo Courtesy: Arun Kumar Gupta

चंबल अभ्यारण

चंबल अभ्यारण

ईको-रिजर्व इस अभ्यारण को चंबल घड़ियाल वन्यजीव अभयारण्य के नाम से भी जाना जाता है। जो उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा से मिलता हुआ है। इस अभ्यारण को 1979 में स्थापित किया गया था। पहाड़ों की रेतीली से गुज़रते हुए चम्बल नदी घुमावदार बहती है। इसमें आप घड़ियाल, ऐलगेटर और डॉल्फिन देख सकते हैं। यह अभ्यारण 400 किमी तक तथा 1235 स्क्वायर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यहाँ आप पक्षियों की 330 देख सकते हैं।
Photo Courtesy: Hohum

दुधवा नेशनल पार्क

दुधवा नेशनल पार्क

यह एक राष्ट्रीय पार्क है जो 1958 में दलदल हिरण के लिए बनवाया गया था। 1988 में इसे वन्यजीव अभ्यारण के रूप में घोषित किया गया था। यह पार्क टाइगर रिज़र्व पार्क है। जो लखीमपुर खीरी जिले में नेपाल बॉर्डर से सटी हुई है। इस विशाल पार्क में आप तेंदुआ बिल्‍ली, फिशिंग कैट, रैटल, सीविट, जैकॉल या सियार, हॉग हिरण और भौकनें वाला हिरण आदि को देख सकते हैं। साथ ही हिस्‍पिड खरगोश के घर को भी आप देख सकते हैं। इस अभ्यारण में आप घरेलु और प्रवासी पक्षियों की तक़रीबन 400 प्रजाति देख सकते हैं।
Photo Courtesy: MGA73bot2

पीलीभीत

पीलीभीत

उत्तर प्रदेश का बेहद आकर्षक शहर पीलीभीत अपने घने जंगलों और जंगली जानवरों के लिए पर्यटकों की पहली पसंद के रूप में सामने आता है जहाँ पर्यटक आना चाहते हैं। इस शहर में उत्तर प्रदेश के सबसे ज़्यादा जंगल पाये जाते हैं। हालांकि इस शहर की कुछ सीमा नेपाल से जुडी हुई है। यहाँ आप कई ऐतिहासिक इमारतों को देख सकते हैं साथ ही टाइगर रिज़र्व को भी देखा जा सकता है।
Photo Courtesy: Shamikhfaraz

वाराणसी

वाराणसी

आस्थाओं और धार्मिक रंग में डूबा उत्तर प्रदेश का प्राचीन नगर वाराणसी अपने आकर्षण के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। जहाँ दूर दूर से सैलानी आते हैं। इस ऐतिहासिक नगर को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है। इस शहर के बारे में कहा जाता है कि जो एक बार यहाँ आया वो निश्चित ही मोक्ष प्राप्ति करेगा। वाराणसी में आप बहुत कुछ देख सकते हैं। मंदिर, घाट और भी बहुत कुछ।
Photo Courtesy: FlickreviewR

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