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पिछले पांच सालों में तमिलनाडु के इन जगहों पर मिली ये चीजें...

एंटरटेनमेंट के लिहाज़ से फेसबुक-इंस्‍टाग्राम की रील्‍स, स्‍टेटस और स्‍टोरी की वर्चुअल दुनिया आपको बेहद पसंद होगी। लेकिन वास्‍तविक दुनिया में भी कुछ ऐसी जगहें हैं, जहां रील भी है, स्‍टेटस भी और स्‍टोरी भी। जी हां, हम उन जगहों की बात कर रहे हैं, जहां इतिहास दफ्न है, हम उन जगहों की बात करने जा रहे हैं, जहां क्षेत्रों की सभ्‍यता व संस्‍कृति दफ्न है, हम उन जगहों की बात करने जा रहे हैं, जहां से हमारा गहरा नाता है। ये वो जगहें हैं, जिनके ऐतिहासिक लिंक खोजने में पुरातत्वविद हमारी मदद करते हैं।

जी हां, ये वो जगहें हैं जहां

रील है - मतलब फ्लैशबैक रील, जिन्‍हें देखते ही आपके मन में रिवाइंड बटन दब जाता है और आप मन ही मन हज़ारों साल पीछे चले जाते हैं।
स्‍टेटस है - पुरातत्व विभाग हमें बताते हैं कि उत्खनन में मिलीं चीजों का क्‍या स्‍टेटस है, वो कितनी पुरानी हैं।
स्‍टोरी है - हर वो चीज जो उत्खनन में मिलती है, उसमें एक स्‍टोरी छिपी होती है, यानि की कहानी छिपी होती है।

तो आइये चलते हैं तमिलनाडु के उन पर्यटन स्‍थलों पर जहां बीते पांच वर्षों में किए गए उत्खनन में प्राचीन काल की वस्‍तुएं मिलीं। मजा न आये तो पैसा वापस...

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माइलादुथुराय

तमिलनाडु में माइलादुधुराय जिले के कावेरीपट्टणम नामक जगह पर स्तूप की एक विशाल ईंट संरचना, बुद्ध पाटा के अवशेष, मूर्तिकला पाए गए हैं। इसके अलावा जिले के मणिगिरीरामम नामक जगह पर तट के पास एक ईंट घाट और संबद्ध चीनी मिट्टी की वस्तुएं मिली है।

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रामनाथपुरम

रामनाथपुरम जिले के थोंडी नामक जगह पर धोंडी अम्मन मंदिर के पास एक टीले पर परीक्षण उत्खनन किया गया था । पुराने समय से संबंधित मिट्टी के बर्तन और ईंट, मोटे लाल बर्तन एकत्र किए गए थे। इसके अलावा जिले के अलगनकुलम नामक शहर पर उत्खनन के सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष भूमध्यसागरीय क्षेत्र के सैकड़ों बर्तन हैं। इनमें रूलेटेड बर्तन और एम्फोरा जार के टुकड़े शामिल हैं। तमिल ब्राह्मी अक्षरों वाले भूरे बर्तन के टुकड़े मिले हैं। वे पहली शताब्दी ईसा पूर्व के होने निर्धार्थ हैं। अन्य पुरावशेषों में विभिन्न स्तरों में मनके, छिद्रित टाइलें और ईंटें शामिल हैं। तीन रोमन सिक्कों का पता चला है। उनमें एक तरफ रोमन सम्राट के सिर की आकृति और दूसरी तरफ एक ग्लोब पकड़े हुई विजय की देवी की आकृति है। उन पर किंवदंती से पता चलता है कि रोमन सम्राट वेलेंटाइन II, जिन्होंने 375 सीई के आसपास शासन किया था और उन्होंने सिक्के जारी किए थे।

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युथूकुड़ी

युथूकुड़ी जिले में कयालपट्टिनम नामक जगह पर संगम काल के कुछ चीनी मिट्टी के बर्तन जैसे काले और भूरे बर्तन, काले चिकने, सादे भूरे ठीकरे मिले थे। वहीं, कोरकाई नामक जगह पर काले और भूरे बर्तन, काले चिकने, सादे भूरे ठीकने और भूरे चिकने बर्तन, टेराकोटा टाइलें भी मिलीं। इस स्थल में ईंटें भी उपलब्ध हैं (45 से.मी.x28से.मी. x7.5से.मी.)। तमिल ब्राह्मी लिपियों वाले भित्तिचित्रों और खुदे हए बर्तन मिले हैं। इस स्थल के प्राचीन पुरावशेषों में तांबे और लोहे की विभिन्न वस्तुएं टेराकोटा में धड़ प्रतिमा, हड्डी की कर्णपाली और तीर के सिरें शामिल है। खाइयों के विभिन्न स्तरों में मनके-सीप पाए गए हैं। इसके अलावा जिले के आदिचलन्नूर नामक जगह पर काले और भूरे बर्तन और संबद्ध बर्तन जैसे कटोरा, ढक्कन, रिंग स्टेंड प्लेट शैलो कटोरा, आदि तांबे की वस्तु जैसे तैप और अंगठियां, चूड़ियां तांबे के सिक्के लोहे के उपकरण जैसे तीर के सिर, सुरमा छड़ आदि पाए गए हैं।

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शिवगंगा

शिवगंगा जिले में कीलाड़ी नामक जगह पर सिक्के ईंट की संरचना, अर्ध-कीमती मोती, शीशे के मनके, तमिल ब्राह्मी बर्तन के ठीकरे, भित्ति चिह्न, संबद्ध बर्तन जैसे कटोरा, ढक्कन, रिंग स्टैंड प्लेट, शैलो कटोरा, लैंप और अंगूठियां चूड़ियां, तांबे के सिक्के, लोहे के उपकरण जैसे तीर सिर सुरमा की छड़ मिली है।

डिंडीगुल

डिंडीगुल जिले में पोरुन्थल नामक जगह पर कांच अर्ध-कीमती मोती सिक्के ईंट की संरचना, मोती, तमिल ब्राह्मी बर्तन के टुकड़े, भित्तिचित्र चिड़, संबद्ध बर्तन जैसे कटोरा, ढक्कन, अंगूठी स्टैंड प्लेट, शैलो कटोरा, दीपक और अंगूठियां, चूड़ियां, तांबे के सिक्के, लोहे के उपकरण जैसे तीर सिर, तलवार मिले हैं।

इरोड

इरोड जिले में कोडुमनाल नामक जगह पर कांच, अर्ध-कीमती मोती, ईंट की संरचना, मनके तमिल ब्राह्मी बर्तन के ठीकरे, भित्तिचित्र चिड़, संबद्ध बर्तन जैसे कटोरा, ढक्कन, रिंग स्टैंड, प्लेट, शैलो कटोरा, अस्थि, उपकरण, दीपक और अंगूठियां, चूड़ियां, तांबे के सिक्के, लोहे के उपकरण जैसे- तीर सिर, तलवार आदि प्राप्त हुए हैं।

त्रिची

त्रिची जिले में उरैयूर नामक जगह पर मनके, ईंट की संरचना, तमिल ब्राह्मी बर्तन के ठीकरे, भित्तिचित्र चिड़, संबद्ध बर्तन जैसे- कटोरा, ढक्कन, रिंग स्टेंड, प्लेट, उथला कटोरा समेत कई सामान मिले हैं।

करूर

करूर जिले के करूर नामक जगह पर ईंट की संरचना, मनके, तमिल ब्राह्मी बर्तन के ठीकरे, भित्तिचित्र चिड़, संबद्ध बर्तन जैसे- कटोरा, ढक्कन, रिंग स्टैंड, प्लेट, उथता कटोरा समेत कई सामान अवशेष के रूप में मिले हैं।

कोयंबटूर

कोयंबटूर जिले के पेरूर नामक जगह पर भित्तिचित्रों के निशान, ईंट की संरचना, मनके, संबद्ध बर्तन जैसे- कटोरा, ढक्कन, रिंग स्टेंड, प्लेट, उथला कटोरा सामान मिले हैं।

थानाजवुर

थानाजवुर जिले में वल्लम नामक जगह पर तमिल-ब्राम्ही पॉट शेर्ड, भित्तिचित्र चिन्ह, संबद्ध बर्तन जैसे- कटोरा, ढक्कन, रिंग स्टैंड, प्लेट, उथला कटोरा आदि सामान मिले हैं।

रामनाथपुरम

रामनाथपुरम जिले के तेरिरुवेलि नामक जगह पर भित्तिचित्र चिन्ह, तमिल -ब्राह्मी बर्तन के टुकड़े, संबद्ध बर्तन जैसे- कटोरा, ढक्कन, अंगूठी, स्टैंड, प्लेट, उथला, कटोरा आदि सामान प्राप्त हुए हैं।

विरुद्धनगर

विरुद्धनगर जिले के मंगुडी नामक जगह पर तमिल-ब्राम्ही बर्तन के ठीकरे, भित्तिचित्र चिह्न, संबद्ध बर्तन जैसे- कटोरा, ढक्कन, रिंग स्टैंड, आदि सामान मिले हैं।

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