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वो 12 बातें जो बनाती हैं केरल के कोच्चि को ट्रैवल और टूरिज्म की नज़र में ख़ास

By Syedbelal

हम अपने पिछले कई लेखों में आपको केरल की सुन्दरता से अवगत करा चुके हैं। आज केरल का शुमार भारत के उन राज्यों में है जहां साल भर देश के अलावा विदेश से पर्यटक घूमने आते हैं। इसी क्रम में आज हम आपको अवगत कराएंगे कोच्चि से। कोच्चि एक अनूठा पर्यटन स्थल है और अपने जीवनकाल में इसे एक बार अवश्य देखना चाहिए। यह शानदार शहर भारत का प्रमुख बंदरगाह शहर है और यह अपने शक्तिशाली अरब सागर के पानी पर इठलाता है। कोच्चि, जो पहले कोचीन के नाम से जाना जाता था केरल के एर्नाकुलम जिले के अंतर्गत आता है।

कोच्चि का नाम मलयालम के शब्द ‘ कोचु अजहि' के नाम पर पड़ा है जिसका अर्थ है ‘छोटी खाड़ी', जो इस बंदरगाह शहर के लिए उपयुक्त है। इस शहर का वर्णन कई प्राचीन यात्रियों के लेखन में किया गया है क्योंकि यह हमेशा से ही विश्व के लोगों का पसंदीदा गंतव्य रहा है।

PICTURES : तस्वीरों में वो सिक्किम जहां के पवित्र स्थल और बर्फीले पर्वत आपका मन मोह लें

आपको बता दें कि कोच्चि वो स्थान है जिससे कभी कोई नाराज़ नहीं हुआ है न ही इस शहर ने किसी को निराश किया है क्योंकि यहाँ पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बहुत कुछ है जिसमें ऐतिहासिक स्थान, धार्मिक गतिविधियों के केंद्र, संग्रहालय, बच्चों के पार्क और शॉपिंग के लिए मॉल आदि शामिल हैं।

आइये इस लेख के माध्यम से जानें कि ऐसा क्या है जिसको करने के बाद आप अपनी कोच्चि की यात्रा को हमेशा के लिए यादगार बना सकते हैं। आज अपने इस लेख में हम आपको अवगत कराने जा रहे हैं कोच्चि के उन स्थानों से जिनकी यात्रा आपको अवश्य करनी चाहिए।

कोच्चि किला

कोच्चि किला

कोच्चि किला कोच्चि शहर का एक हिस्सा है परंतु यह समुद्र के एक खंड के पार स्थित है। एक मज़बूत पुल कोच्चि किले को बाकी की दुनिया से जोड़ता है। यह स्थान इतिहास, कला, भोजन, और धर्म के मामले में पर्यटकों के लिए कई खुशियाँ प्रदान करता है। इस स्थान की सैर पैदल या साईकिल द्वारा अच्छे से की जा सकती है। साइकिल और मोटर साइकिल किराये पर उपलब्ध हैं।

फोटो कर्टसी - Prasanth Gulfu

चेराई बीच

चेराई बीच

चेराई बीच कोच्चि के लोकप्रिय समुद्र तटों में से एक है। यह कोच्चि से लगभग 25 किमी. की दूरी पर स्थित है और व्य्पिन द्वीप के अधीन आता है। अनेक स्थानीय निवासी और पर्यटक सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य का आनंद उठाने के लिए यहाँ आते हैं। इस बीच तक समुद्र या रास्ते से आसानी से पंहुचा जा सकता है। यहाँ कुछ अच्छे होटल और रेस्टारेंट हैं जहाँ आप अदभुत समुद्री भोजन का स्वाद ले सकते हैं। यहाँ कुछ छोटी दुकानें हैं जो ताज़ा समुद्री भोजन बेचती हैं; यहाँ आप अपनी मछली, झींगे और केंकड़े चुन सकते हैं और रेस्टारेंट में पकाने के लिए दे सकते हैं।

फोटो कर्टसी - Yesudeep Mangalapilly

चीनी फिशिंग नेट

चीनी फिशिंग नेट

जैसा कि नाम से पता चलता है चीनी फिशिंग नेट का मूल उदभव चीन में हुआ। ये चीनी फिशिंग नेट भारत में कोच्चि में पहली बार चीनी यात्री ज़्हेंग हे द्वारा प्रयुक्त किये गए। पहली बार ये जाल चौदहवीं शताब्दी में कोच्चि बंदरगाह में स्थापित किये गए और तब से इनका उपयोग किया जा रहा है। व्येपीन द्वीप और फोर्ट कोच्चि के समुद्र तटों पर चीनी फिशिंग नेट देखें जा सकते हैं। इस जाल की विशेषता इस तथ्य में है कि इन्हें मध्य हवा में झूले की तरह छोड़ा जा सकता है। ये जाल खंभों से लटके होते हैं जो बाँस या सागौन की लकड़ी से बनाए जाते हैं।

फोटो कर्टसी - Tim Moffatt

सेंट फ्रांसिस चर्च

सेंट फ्रांसिस चर्च

सेंट फ्रांसिस चर्च भारत का पहला यूरोपियन चर्च है जिसका निर्माण 1503 में किया गया। कई हमलों और अनगिनत समझौतों के साक्षी इस चर्च को कोच्चि के सांस्कृतिक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। यह चर्च कोच्चि किले के बाजू में स्थित है। इस चर्च के साथ एक बहुत महत्वपूर्ण रोचक तथ्य यह जुड़ा हुआ है कि यह महान पुर्तगाली नाविक वास्को दा गामा से जुड़ा हुआ है। गामा जिनका निधन 16 वीं शताब्दी में हुआ था उन्हें सेंट फ्रांसिस चर्च में दफनाया गया। चौदह वषों के बाद उनके शव को लिस्बोन ले जाया गया। चर्च का निर्माण पहले लकड़ी द्वारा किया गया था।

फोटो कर्टसी - Jonathan Freundlich

मट्टनचेरी महल

मट्टनचेरी महल

मट्टनचेरी महल फोर्ट कोच्चि में स्थित है और यह डच महल के नाम से भी जाना जाता है। यह एक कलाकार को प्रसन्न कर देने वाला स्थान है क्योंकि यह उन विभिन्न संस्कृतियों का समृद्ध मिश्रण प्रस्तुत करता है जिन्होंने कोच्चि को अपना घर बनाया था। प्रतिवर्ष पर्यटक इस मध्युगीन आकर्षण की ओर आकर्षित होते हैं जिसका निर्माण पुर्तगालियों द्वारा ईसा पश्चात 1555 में वीर केरल वर्मा के लिए किया गया जो उस समय कोच्चि का शासक था।

फोटो कर्टसी - Mark Hills

मरीन ड्राइव

मरीन ड्राइव

रविवार की शाम को सूर्यास्त का शानदार दृश्य देखने के लिए लोगों की भीड़ यहाँ एकत्रित होती है। मरीन ड्राइव शहर के लिए आर्थिक महत्व भी रखता है। कोच्चि का मरीन ड्राइव भी मुंबई के मरीन ड्राइव की तरह बनाया गया है। मरीन ड्राइव में भ्रमण कोच्चि के बैकवॉटर का मनोहर दृश्य प्रस्तुत करता है। यह स्थान स्थानीय लोगों और पर्यटकों में समान रूप से लोकप्रिय है क्योंकि यहाँ से समुद्र का अदूषित दृश्य देखा जा सकता है।

ज्यू शहर

ज्यू शहर

ज्यू शहर ऐसा शहर है जिसकी सैर अवश्य की जानी चाहिए और यह कोच्चि की एक प्राचीन यहूदी बस्ती है जो अपने सांस्कृतिक और वास्तुशिल्पीय अद्वितीयता से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। एक विशेषता जो कोच्चि को भारत के अन्य शहरों से अलग करती है वह है यहाँ की यहूदी जनसंख्या। इतिहास बताता है कि यहूदी यहाँ ईसा पूर्व 700 में व्यापार और वाणिज्य के लिए आए थे और बाद में शहर की सांस्कृतिक संरचना में एकीकृत हो गए।

बोलघट्टी महल

बोलघट्टी महल

बोलघट्टी महल बोलघट्टी द्वीप पर स्थित है जो कोच्चि के एक ओर है। इसका निर्माण 1774 में डच लोगों ने किया था। यह महल, महल के बजाय एक विरासत बंगले की तरह दिखता है। महल का निर्माण पूर्ण होने के पश्चात यहाँ हरे भरे उद्यान और लॉन बनाए गए। प्रारंभ में यह महल डच मलाबार के कमांडर का घर था।

एर्नाकुलाथाप्पन मंदिर

एर्नाकुलाथाप्पन मंदिर

एर्नाकुलाथाप्पन मंदिर (शिव मंदिर) हिंदू भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर है जो कोच्चि के प्रमुख धार्मिक स्थानों में से एक है। यहाँ की मूर्ति पश्चिममुखी है और केरल की भव्य वास्तुकला की मिसाल है। अन्य भगवान जिनकी यहाँ पूजा की जाती है उनमें भगवान सस्थ और भगवान गणपति शामिल हैं। यह मंदिर एर्नाकुलाथाप्पन उत्सव के लिए प्रसिद्द है जो मंदिर का एक उत्सव होता है और भक्तों द्वारा बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।

अन्य आकर्षण

अन्य आकर्षण

इसके अलावा कोच्चि में ऐसा बहुत कुछ है जो किसी भी पर्यटक का मन मोह सकता है। कोच्चि में और क्या क्या है ख़ास इसको जानने के लिए यहां क्लिक करें - कोच्चि के प्रमुख आकर्षण

फोटो कर्टसी -Jorge Royan

होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स

होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स

कोच्चि केवल एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण ही नहीं है। यहां ऐसा बहुत कुछ है जो अपने आप में बेमिसाल है। आज कोच्चि में एक से एक रेस्टोरेंट्स हैं जहां आपको वो सब मिल जाएगा जिसको खाने के आप इच्छुक हों। बात जब छुट्टी गुज़ारने कि हो तो रहना हमेशा ही एक जटिल समस्या रहा है आज कोच्चि में कई सस्ते होटल हैं जहां आप रुक सकते हैं। कोच्चि के सस्ते होटलों के लिए यहाँ क्लिक करें।

फोटो कर्टसी - b+c+c+f

कैसे जाएं कोच्चि

कैसे जाएं कोच्चि

कोच्चि देश के अन्य भागों और दुनिया से हवाई मार्ग, रेल और रास्ते द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आपको अपनी टिकिट अग्रिम में ही आरक्षित करवानी होगी क्योंकि कोच्चि पूरे वर्ष पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र रहता है।

फोटो कर्टसी - Bino Bose

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