गंगा के किनारे बसा यह शहर सिर्फ योगा ही नहीं बल्कि अध्यात्म का भी प्रमुख केंद्र है। हरिद्वार आने वाले पर्यटकों को गंगा के किनारों पर बैठकर योगाभ्यास करना एक अलग ही अनुभव प्रदान करता है। पतंजलि योगा केंद्र का मुख्यालय भी यहीं है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बनारस के 30 से ज्यादा घाटों पर योगा शिविरों का आयोजन किया गया और इसमें शामिल होने वाले लाखों लोगों की संख्या ही बता रही है कि वाराणसी अध्यात्म के साथ योगा का संगमस्थली बनता जा रहा है।
योगाभ्यास, ध्यान और अपनी जड़ों को ढूंढने के कई नये रास्ते कोलकाता में आपको मिल सकते हैं। इस शहर को भारत की सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जाता है, जहां आपको नृत्य से लेकर नृत्यनाटिका तक के माध्यम से साधना के तरीके सीखाए जाते हैं।
योगा के सबसे पुराने तरीकों में से एक अयंगर योगाभ्यास के माध्यम से शारीरिक समस्याओं को भी ठीक करने की तकनीक पूणे के रामामणि अयंगर मेमोरियल योगा इंस्टिट्यूट में सीखायी जाती है। यहां साल भर योगा क्लासेस होते रहते हैं जिसमें शामिल होने सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग पहुंचते हैं।