अगर किसी टूर एजेंसी के साथ घूमने का प्लान बनाते हैं तो सारे Payment एडवांस में ही कर देने पड़ते हैं। आपको रहने-खाने पर दोबारा खर्च नहीं करना पड़ता और घूमने के दौरान खर्च और भी कम होने की उम्मीद रहती है।
1. टूरिस्ट स्पॉट पर बने पार्क पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। लेकिन जैसे ही आप इन पार्क में प्रवेश करने जाते हैं सामने एक छोटा सा बोर्ड टंगा नजर आता है जिस पर एंट्री फीस लिखी होती है और पास ही एक छोटा सा टिकट काउंट भी बना रहता है।
2. नदियों और झीलों पर घूमने जाते हैं, तभी अचानक कोई नाव-वाला आकर कहता है, नाव में नदी या झील का चक्कर लगाकर ले आउंगा, जिसके लिए (...) रुपये देने पड़ेंगे। आप भी सोच में पड़ जाते हैं, जब इतनी दूर आ ही गये तब इस नदी/झील में बोटिंग का मौका क्यों छोड़ दें!
3. प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन करने पहुंचने पर पता चलता है कि दर्शन करने वालों की लाइन में आपसे पहले कम से कम 60-70 लोग और खड़े हैं। तभी वहां कोई पुजारी के वेश में आता है और कहता है (...) रुपये Extra लगेंगे, मंदिर के साइड वाले दरवाजे से ले जाकर सीधे भगवान के सामने खड़ा कर दूंगा। जी भरकर दर्शन कर लेना।
8. आप किसी स्मारक या झरने को देखने के लिए किराए पर ली गयी गाड़ी में होटल से निकल पड़ते हैं लेकिन स्मारक या झरने से 1-2 किमी की दूरी पर पहुंचने के बाद आपको पता चलता है कि आपकी गाड़ी वहां तक नहीं जाएगी। इस प्वाएंट से आपको किराए पर दूसरी गाड़ी लेनी पड़ेगी।