Moumita Bhattacharya       Jun 23, 2023

8 जगहें जहां अचानक आ जाता है खर्चा 

घूमने-फिरने के लिए जाते समय हर व्यक्ति अपना एक बजट बनाकर चलता है। हालांकि सभी को उम्मीद रहती है कि शॉपिंग और खाने-पीने में बजट से कुछ ज्यादा खर्च हो सकते हैं।

अगर किसी टूर एजेंसी के साथ घूमने का प्लान बनाते हैं तो सारे Payment एडवांस में ही कर देने पड़ते हैं। आपको रहने-खाने पर दोबारा खर्च नहीं करना पड़ता और घूमने के दौरान खर्च और भी कम होने की उम्मीद रहती है।

लेकिन कई बार घूमने के दौरान ही अचानक ऐसे खर्चे आ जाते हैं, जिनका पहले से बिल्कुल अंदाजा नहीं रहता है।

1. टूरिस्ट स्पॉट पर बने पार्क पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। लेकिन जैसे ही आप इन पार्क में प्रवेश करने जाते हैं सामने एक छोटा सा बोर्ड टंगा नजर आता है जिस पर एंट्री फीस लिखी होती है और पास ही एक छोटा सा टिकट काउंट भी बना रहता है। 

2. नदियों और झीलों पर घूमने जाते हैं, तभी अचानक कोई नाव-वाला आकर कहता है, नाव में नदी या झील का चक्कर लगाकर ले आउंगा, जिसके लिए (...) रुपये देने पड़ेंगे। आप भी सोच में पड़ जाते हैं, जब इतनी दूर आ ही गये तब इस नदी/झील में बोटिंग का मौका क्यों छोड़ दें!

3. प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन करने पहुंचने पर पता चलता है कि दर्शन करने वालों की लाइन में आपसे पहले कम से कम 60-70 लोग और खड़े हैं। तभी वहां कोई पुजारी के वेश में आता है और कहता है (...) रुपये Extra लगेंगे, मंदिर के साइड वाले दरवाजे से ले जाकर सीधे भगवान के सामने खड़ा कर दूंगा। जी भरकर दर्शन कर लेना।

4. ट्रैवल एजेंसी के साथ घूमने जाने पर खाने-पीने का खर्चा भी एजेंसी ही उठाती है। लेकिन कहीं घूमने गये और लोकल फूड नहीं चखा तो घूमने का असली मजा कहाँ आता है! लोकल रेस्तरां में खाने का खर्च आपको खुद ही उठाना पड़ता है। 

5. सफर चाहे ट्रेन से हो या फ्लाइट से, चाय और खाना देखकर अचानक भूख लग जाती है। ऐसा एयरपोर्ट पर भी कई बार आपके साथ होता है ना...।

6. किसी Hill स्टेशन पर घूमने जाने पर व्यू प्वाएंट्स जाना तो बनता है। वहां जाकर आपको पता चलता है कि आगे एक और व्यू प्वाएंट है जहां से पहाड़ की बर्फिली चोटी और भी साफ और शानदार नजर आएगी लेकिन वहां जाने के लिए आपको टिकट खरीदना पड़ेगा।  

7. आजकल पहाड़ों पर घूमने का एक नया तरीका केबल कार से भी होता है। एक पहाड़ से दूसरे पहाड़ पर जाने के लिए आप लंबी लाइन लगाते हैं। 

आप केबिल कार में सवार होने ही वाले होते हैं कि आपको कोई आकर बताता है, दूसरे पहाड़ से आगे भी केबिल कार है लेकिन वहां जाने के लिए आपको बीच में उतरकर फिर से नया टिकट खरीदना पड़ेगा।

8. आप किसी स्मारक या झरने को देखने के लिए किराए पर ली गयी गाड़ी में होटल से निकल पड़ते हैं लेकिन स्मारक या झरने से 1-2 किमी की दूरी पर पहुंचने के बाद आपको पता चलता है कि आपकी गाड़ी वहां तक नहीं जाएगी। इस प्वाएंट से आपको किराए पर दूसरी गाड़ी लेनी पड़ेगी।   

इनमें से क‍िस शहर का नाम दानव यानी असुर के नाम पर नहीं है?

A. कोल्हापुर B. त्रिशूर C. गया