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200 वर्षों से वीरान पड़ा है जैसलमेर का गांव, आप भी घूमने जा सकते हैं

राजस्थान के जैसलमेर से 14 किमी दूर मौजूद कुलधरा गांव पिछले दो सौ सालों से वीरान पड़ा है
Jyoti Singh
कुलधरा गांव अब पुरातत्व विभाग की निगरानी में है। यह गांव भूतियों जगहों में सबसे ऊपर आता है, रात में यहां कोई रुकता है।
कहा जाता है इस गांव को साल 1300 में पालीवाल ब्राह्मण समाज ने सरस्वती नदी के किनारे बसाया था।
कहा जाता है कि दो सौ साल पहले ये गांव जैसलमेर रजवाड़ों की रियासत में आता था। इस गांव से सबसे ज़्यादा रेवेन्यू आता था।
कहानियों के अनुसार, जैसलमेर रियासत के दीवान सालिम सिंह की नजर एक लड़की पर पड़ गई और उसने उस लड़की से शादी करने की ज़िद पकड़ ली।
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उस जमाने में सालिम सिंह की कहानियां दूर-दूर तक मशहूर थी, जिसके कारण उसे एक अत्याचारी व्यक्ति समझा जाता था।
इस वजह से कुलधरा के लोगों ने सालिम सिंह को लड़की का रिश्ता देने से मना कर दिया।
जब गांव वालों ने शादी करने से इनकार किया तो सालिम सिंह ने गांव वालों को वक्त दिया और धमकी देते हुए कहा कि वह गांव में क़त्लेआम मचा देगा।
इसके बाद गांव में पंचायत हुई और गांव को छोड़ने का फैसला लिया गया। जब यहां के लोग गांव को छोड़कर जा रहे थे, तो उस समय उन्होंने यह श्राप दिया था कि यह गांव कभी नहीं बसेगा।
उस श्राप को करीब 200 साल हो चुके हैं और तब से ये गांव जैसलमेर के रेगिस्तान में वीरान पड़ा है।
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