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मणिकर्ण गुरुद्वारा, जहां जमीन से निकलते गरम पानी में बनता है लंगर का भोजन

भारत की भूमि ऐसी अनोखी है कि अपने दिव्य रहस्यों से लोगों को अचंभित कर देती है ऐसे ही हिमाचल प्रदेश में स्थित एक ऐसा गुरूद्वार जहां दर्शनार्थियों के लिए जमीन से निकलते पानी में बनाया जाता है भोजन। आगे की स्टोरी जानने के लिए पूरा पढ़ें.....
Sanyogita Agrahari
मनाली की वादियों में स्थित मणिकरण गुरुद्वारा 1760 मीटर की ऊंचाई और कुल्लू से 45 किलोमीटर की दूरी पर है।
लोगो का यह भी कहना है यहां के जमीन से निकलते गर्म पानी में जो भी लगातार कुछ दिनों तक नहा लेता है उसकी शारीरिक और मानसिक बीमारियां दूर हो जाती हैं।
ऐसा माना जाता है कि यहां गुरु नानक देव जी ने कई दिनों तक बैठकर ध्यान लगाया था इसीलिए इस स्थल को बहुत पवित्र माना जाता है ।
इस जगह का नाम मणिकरण गुरुद्वारा इस कारण से पड़ा क्योंकि, शेषनाग ने भगवान शिव के क्रोध से बचने के लिए यहां एक मणि फेकी थी।
इस गुरुद्वारे में स्थित गंधकयुक्त गर्म पानी 86 से 96 ड्रिगी तापमान पर खौलता रहता है।
इस खौलते हुए पानी में आए हुए दर्शनार्थियों के लिए लंगर का भोजन बनाया जाता है।
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